दिन की झपकी बढ़ाती है बच्चों की मेमोरी

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30 minute nap boosts memory and learning development of infant
नवजात बच्चों (Infant) का दिन के समय मे भी बार-बार सोना (day time nap) और जागना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि इसका उनसे शारीरिक और मानसिक विकास से क्या संबंध है? एक नई स्टडी मे पाया गया है कि दिन के समय की झपकी नवजात शिशुओं के दिमागी विकास (memory and learning development) मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे उनकी लर्निंग और मेमोरी क्षमता बढ़ती है। उन्हें नए व्यवहार और आदतों को सीखने और याद रखने मे इससे मदद मिलती है।

नेशनल स्लीप फाउंडेशन के मुताबिक, 3 से 11 महीने के बच्चे दिन मे कम से कम 4 बार सोते हैं और हर बार की उनकी नींद 30 घंटे से लेकर 2 घंटे की होती है। प्रोसीडिंग ऑफ द नेशनल अकादमी ऑफ साइंसेज (Proceedings of the National Academy of Sciences) मे छपी रिपोर्ट के मुताबिक, एडल्ट लोगों मे भी नींद और मानसिक क्षमता के बीच गहरा संबंध होता है। भरपूर नींद न लेने वालों मी याददाश्त कमजोर होती है, नई चीजें सीखने मे अधिक समय लगता है और उनके ब्रेन की एजिंग जल्दी होती है। लेकिन बच्चों के मामले मे कुछ खास जानकारी नहीं थी। नई रिसर्च मे वैज्ञानिकों ने 6 से 12 महीने के स्वस्थ नवजात बच्चों पर स्टडी की। .

झपकी से ठीक पहले सबसे ज्यादा सीखता है बच्चा
अपनी स्टडी के लिए वैज्ञानिक बच्चों की दो बार जांच करते थे, उनके सोने से ठीक पहले और सोने के बाद। इसके लिए बच्चों को ऐसे सॉफ्ट पपेट देते थे जिन्हें दस्ताने पहनाए होते थे। बच्चों के सामने दस्ताने उतारकर दिखाते, फिर अगली विजिट मे पपेट को दोबारा देकर बच्चों की प्रतिक्रिया देखते। खासतौर से यह जाँचते कि बच्चे खुद दस्ताने उतरकर उसके साथ खेलने की कोशिश करते हैं या नहीं।

वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन बच्चों ने पिछले 4 घंटों के भीतर कम से कम 30 मिनट की झपकी ली थी उन्हें यह टास्क अच्छी तरह से याद होता था। समान उम्र वाले वे बच्चे जिन्होंने टास्क सीखने के बाद झपकी नहीं ली होती उन्हें यह टास्क याद नहीं होता था।
यह भी देखा गया कि जो बच्चे टास्क सीखने के बाद सोए थे उन्हें सीखिए गई चीजें 24 घंटे बाद भी याद थीं। लेकिन उन बच्चों की याददाश्त उतनी तेज नहीं पाई गई जिन्होंने टास्क सीखने के बाद 30 मिनट से कम समय की झपकी ली थी।

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