गॉलब्लैडर से निकाली गई 838 पथरियां

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एक बेहद ही चौकानें वाले मामले मे डॉक्टरों को 838 स्टोन या पथरियां एक मरीज के गॉलब्लैडर से निकालने मे सफलता मिली है। माना जा रहा है कि किसी व्यक्ति के गॉलब्लैडर से निकाली गई पथरियों मे यह अब तक सबसे ज्यादा हैं। सर्जरी से पहले संदेह जताया गया कि महिला को कैंसर का ट्यूमर है, लेकिन सर्जरी मे सामने आया कि उनके गॉलब्लैडर मे 838 स्टोन थे। सर्जरी के बाद की गई बायोप्सी जांच मे महिला का कैंसर निगेटिव आया।

कहां कि गई सर्जरी

दिल्ली मे शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल मे इस सर्जरी को अंजाम दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार मरीज जिनका नाम पुष्पा है, इनको पेट के दर्द की बड़ी समस्या थी और बार-बार बुखार भी आ जाता था। अल्ट्रासाउण्ड  और सीटी स्कैन करने के बाद संदेह हुआ कि पुष्पा के गॉलब्लैडर मे कैंसर हो सकता है। जिसके चलते उन्हें सर्जरी कराने की सलाह दी गई।

क्या थी महिला को समस्याएं

मरीज के गॉलब्लैडर मे बहुत अधिक जलन थी और इसका साइज भी काफी बढ़ा हुआ था। प्लांनिग के अनुसार यह लेप्रोस्कोपिक सर्जरी थी जिसमें उनके गॉलब्लैडर के साथ लगे लीवर के हिस्से को हटाया जाना था। डॉ ने कहा कि पेट मे गड़बड़ी से बचाव और  पोर्ट साइट के लिए यह सर्जरी हर प्रकार की सावधानियों के साथ की गई। किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए गॉलब्लैडर के नमुने को एक पाउच मे निकाला गया और इसे बायोप्सी के लिए भेजने से पहले खोला गया तो अन्दर जो था उसे देखकर डॉक्टर हैरान रह गए। मरीज के गॉलबलैडर के अंदर छोटी बड़ी मिलाकर 838 पथरिया थी।

सर्जरी करने वाले डॉ. ने कहा

डॉ जावेद ने कहा कि इन पथरियों की वजह से गॉलब्लैडर मे जलन रहती थी और दर्द रहता था। ये लक्षण बिल्कुल गॉलब्लैडर के कैंसर के जैसे थे। लेकिन इस केस मे केवल स्टोन थे और कैंसर की बायोप्सी जांच निगेटिव आई है। पथरियों के साथ गॉलब्लैडर मे कैंसर के बचाव का एक मात्र तरीका गॉलब्लैडर को पूरी तरह निकाल देना होता है।

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