एम्स ने वीआईपी काउंटर बंद किया

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Aiimsकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स में वीआईपी मरीजों के लिए अलग काउंटर खोले जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने इस बाबत एम्स प्रशासन को तलब किया। इसके बाद देर शाम एम्स ने इस काउंटर को बंद करने का ऐलान किया। एम्स में मरीजों के पंजीकरण की बाकी प्रक्रिया पूर्व की भांति रहेगी। 

दरअसल, एम्स में सांसदों, मंत्रियों, अन्य विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा कई बार गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज देने की सिफारिशें आती हैं। इनमें ज्यादातर मरीज ऐसे होते हैं जो दूसरे राज्यों के होते हैं और वहां उन्हें इलाज उपलब्ध नहीं होता है। वे अपने क्षेत्र के सांसदों के जरिये सिफारिश कराते हैं ताकि उनका जल्द इलाज शुरू किया जा सके।

एम्स प्रशासन ने इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए 23 फरवरी को एक आदेश जारी कर राजकुमारी अमृतकौर ओपीडी में एक अलग काउंटर 27 ए स्थापित किया था। ताकि ऐसे मरीजों को पंजीकरण आदि की त्वरित सुविधा दी जा सके। लेकिन इस फैसले का एम्स के चिकित्सकों की तरफ से ही विरोध होने लगा। मीडिया में भी आलोचना होने लगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि यह मामला स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में लाया गया। जिसके बाद एम्स प्रशासन को कहा गया कि पहले की स्थिति बहाल की जाए। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया कि विशिष्ट संदर्भ वाले जरूरतमंद मरीजों जिन्हें तत्काल मदद की जरूरत होगी, ऐसे मामलों में उन्हें आगे भी मदद प्रदान की जाती रहेगी। इसके लिए अलग से एम्स प्रशासन से अनुरोध किया जाएगा। लेकिन कोई अलग से काउंटर नहीं होगा।

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