प्रोस्टेट का इलाज हुआ आसान

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prostate

प्रोस्टेट ग्रंथि संबंधी समस्या से छुटकारा पाने के लिए अब ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब बिना चीरा लगाए ही मरीजों को इस समस्या से छुटकारा मिलेगा। दरअसल पुर्तगाल की राजधानी लिसबन स्थित सेंट लुईस अस्पताल में एक शोध किया गया है । यह शोध सात साल तक चला है, जिसमें अब किसी भी तरह का चीरा लगाए ही इलाज किया जाएगा। इस शोध के दौरान उत्पन्न हुई नई पद्धति से 1 हजार औसत उम्र के पुरुषों का इलाज किया गया है।  

क्या है नई पद्धति 
दरअसल विशेषज्ञों ने इलाज की एक ऐसी पद्धति विकसित करने का दावा किया है जिसमें बिना किसी काट-पीट के मरीजों को राहत मिलेगी। इस नए पद्धति के माध्यम से प्रोस्टेट पीड़ित एक हज़ार पुरुषों का इलाज किया गया है। शोधकर्ताओं ने पहली बार हुए इस नए सफल परीक्षण में बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्रंथि को रक्त आपूर्ति को बंद करने के लिए पॉपकॉर्न के आकार की प्लास्टिक की गोलियां मरीज के अंदर प्रत्यारोपित किया। रक्त आपूर्ति बंद होने से ग्रंथि सूख गई और आकार घट गया। इससे बिना ऑपरेशन के ही मरीज को समस्या से निजात मिल गया।

कोई दुष्प्रभाव नहीं
सात साल तक चले इस शोध के बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। इस नए पद्धति से पहला इलाज पुर्तगाल में किया गया था। अब इसके आगे का काम लन्दन में किया जाएगा। इस साल के अंत तक इसके नतीजे के मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हालांकि ग्रंथि का बढ़ना एक बेहद गंभीर समस्या है। प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने से मूत्राशय, ब्लैडर पर दबाव पड़ता है। जिससे मरीज को समस्या होने लगती है, समस्या बढ़ने पर गंभीर संक्रमण हो सकता है। यह समस्या 50 साल से अधिक उम्र के 40 फीसदी लोगों को होती है। प्रति वर्ष 45 हजार से अधिक को ग्रंथि का हिस्सा निकलवाने के लिए ऑपरेशन का सहारा लेना पड़ जाता है।

 

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