अपने हेयर डाई को कितना जानते हैं आप?

Share:

facts-related-to-hair-dye-and-your-health
आजकल हेयर डाई का इस्तेमाल बहुत ही नॉर्मल बात है। स्ट्रेस और पोल्यूशन के चलते कम उम्र मे ही सफेदी दिखने की वजह से इसका इस्तेमाल कुछ लोगों की जरूरत बन गई है तो कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनके लिए यह स्टाइल स्टेटमेंट का पार्ट है। लेकिन क्या कभी आपने मिनटों मे चेहरे की रौनक लौटाने वाले इस प्रॉडक्ट के अन्य पहलुओं पर गौर किया है? स्गर नहीं, तो पढ़िये यह आर्टिकल:

वक्त के साथ हेयर डाई मे भी आया है बदलाव
जब हेयर डाई पहली बार मार्केट मे आए थे तब इसका मुख्य इंग्रीडिएंट कोयले का टार होता था, जिससे बहुत सारे लोगों को एलर्जी हो जाती थी। आजकल अधिकतर हेयर डाई पेट्रोलियम स्रोतों से बनते हैं। हालांकि फूड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अब भी इन्हें कोल-टार डाई ही मानता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अब भी पुराने डाई वाले कुछ तत्व नए डाई मे भी पाए जाते हैं।

डाई से कैंसर का खतरा!
कुछ अध्ययनों मे यह भी पाया गया है कि कुछ डाई का संबंध कैंसर से है। हालांकि कुछ अन्य स्टडीज़ इस फ़ैक्ट को दरकिनार कर चुकी हैं। लेकिन इस बात का ध्यान हमेशा रखें कि सारे हेयर डाई एक समान सुरक्षा जांच के मानकों से नहीं गुजरते हैं।

खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल बंद
कॉस्मेटिक्स बनाने वाली कंपनियों ने उन तत्वों का इस्तेमाल बंद कर दिया है जिनसे एनिमल ट्रायल मे कैंसर के खतरे का पता चला था। मगर पुराने केमिकल्स की जगह जिन नए केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है वो भी तकरीबन उसी तरीके से बने होते हैं, जैसे कि पुराने वाले। कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि नए इंग्रीडिएंट पुराने वालों से ज्यादा अलग नहीं हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स तब तक हेयर डाई के इस्तेमाल से बचने की सलाह देते हैं जब तक कि यह बेहद जरूरी न हो।

बालों को डाई करते समय बरतें ये सावधानियाँ
• डाई को अपने सिर पर जरूरत से ज्यादा देर तक न छोड़ें।
• हेयर डाई इस्तेमाल करने के बाद अपना सिर पानी से अच्छी तरह धोएँ।
• हेयर कलर लगाते समय हाथों मे ग्लव्स जरूर पहनें।
• हसयर डाई के पैकेट पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।
• कभी भी दो तरह के हेयर डाई को मिक्स करके इस्तेमाल न करें।

• कोई भी डाई इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें ताकि आपको इससे होने वाली एलर्जी आदि का पता पहले लग जाए। अगर आप हेयर ड्रेसर से बाल कलर करवाते हैं, तो वहाँ भी पैच टेस्ट जरूर कराएं। पैच टेस्ट के लिए थोड़ा सा हेयर डाई अपने कान के पीछे की स्किन पर लगाकर दो दिन इसे छोड़ दें। अगर आपको इससे खारिश, जलन नहीं हो रही और स्किन लाल भी नहीं हुई है, तो आपके सिर मे भी कोई एलर्जिक रिएक्शन नहीं करेगी। अगर आपको टेस्ट वाली जगह पर कोई रिएक्शन दिखे तो इस डाई का इस्तेमाल बालों मे कभी न करें।

• अपनी भौहों (eyebrows) और पलकों (eyelashes) को कभी डाई न करें। यह किसी भी तरीके से सुरक्षित नहीं है। डाई के एलर्जिक रिएक्शन से आपकी आँखों के आस-पास की स्किन अथवा आँखों मे सूजन हो सकती है और गंभीर इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे आपकी आँखों को नुकसान हो सकता है जो कई बार अंधेपन की वजह भी बन सकता है। अगर गलती से भी डाई फैलकर आँख के अंदर चली गई तो आँखों मे पर्मानेंट डैमेज हो सकता है।

लेड एसीटेट (Lead Acetates) से सुरक्षा
हेयर डाई को टिकाऊ बनाने के लिए कई कंपनियाँ इसमे लेड का इस्तेमाल करती हैं। ऐसे उत्पादों को इस्तेमाल करते समय खास सावधानी बरतें, इसके लिए सबसे जरूरी है इसके साथ दिये गए दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन करना।

हेयर डाई और प्रेग्नेंसी
प्रेग्नेंसी मे डाई लगाना कितना सुरक्षित है, इस बारे अभी बहुत ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। बावजूद इसके डॉक्टर प्रेग्नेंसी मे इसके इस्तेमाल से बचने की सलाह देते हैं। सिर्फ हेयर डाई से ही नहीं, अमोनिया वाले किसी भी प्रॉडक्ट के इस्तेमाल से इस दौरान बचने की सलाह दी जाती है। इसमे फेशियल ब्लीच क्रीम भी शामिल है। ऐसे मे अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो ऐसे प्रॉडक्ट के इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Share:

Leave a reply