होलिस्टिक मेडिसिन है आधुनिक बीमरियो का इलाज

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होलिस्टिक मेडिसिन का प्रचलन समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ रहा है। मगर तमाम लाभ के बावजूद आज भी इसे उपयुक्त मुकाम नहीं हासिल हो सका है। एक्स्पर्ट्स मानते हैं कि अगर सही तरीके से इसका इस्तेमाल किया जाए तो यह एलोपैथी से भी अधिक कारगर साबित हो सकता है।
होलिस्टिक मेडिसिन को आजमाने और सफल परिणाम पाने वालों की फेहरिस्त काफी लम्बी है। अपने अलग-अलग और जटिल रोगो के निदान के लिए कई विख्यात लोग इस मेडिकेयर को आजमा चुके हैं। पद्म भूषण से सम्मानित अजय चौधरी जो कि हिन्दुस्तान कम्पयूटर्स लिमिटेड (HCL)के फाउडिंग मेम्बर्स में से एक हैं। अर्जुन अवार्ड से सम्मानित वेटलिफ्टर छाया अदक, हॉकी खिलाड़ी धनराज पिल्लई और दिलीप तीरके भी अपना उपचार करा चुके हैं। इसके अलावा पॉलीटिक्स के बड़े नाम भी इसे आजमा चुके है और लाभ पा चुके हैं। इनमे देश के पूर्व प्रधानमंत्री इन्द्र कुमार गुजराल और चन्द्रशेखर शामिल हैं।

क्या है होलिस्टिक मेडिकेयर
होलिस्टिक मेडिसिन में सिर्फ शरीर के स्वस्थ होने की ही नहीं बल्कि दिमाग और मन के स्वस्थ होने की बात की जाती है। इस तरह के मेडिकेयर मे मॉर्डन यानी एलोपैथी के साथ-साथ परम्परागत मेडिसिन जैसे कि आर्युवेद, योग और एक्युपंचर का एक साथ प्रयोग किया जाता है।

होलिस्टिक मेडिसिन कैसे काम करता है और कितना लाभकारी साबित हो सकता है इसके लिए हमने बात की होलिस्टिक फिजीशियन डॉ. रवि तुली से जो कि सोसाइटी ऑफ होलिस्टिक एडवांसमेंट ऑफ मेडिसिन के फाउंडर भी हैं। डॉ. तुली बताते हैं कि आज जहां अधिकतर रोगों का कारण लाइफ स्टाइल डिस्ऑडर यानी जीवनशैली की अव्यवस्थाएं है। जिनमे घर और ऑफिस मे तनावपूर्ण वातावरण, नींद और पोषणयुक्त भोजन मे कमी मुख्य कारण है। ऐसे में सिर्फ मॉर्डन मेडिसिन पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। रोगों की जटिलता और एलोपैथी की दवाओं के दुष्प्रभाव के चलते होलिस्टिक मेडिकेयर एक बेहतर विकल्प के रूप मे सामने आया है।

होलिस्टिक मेडिकेयर के फायदे
होलिस्टिक मेडिसिन को रोगों की जड़ तक पंहुचकर उपचार करने के लिए जाना जाता है। होलिस्टिक फिजिशियन आपकी डेली लाइफ से जुड़ी जानकारीयां जान आपकी बीमारी की जड़ तक पहुंचने की कोशिश करते हैं और आपको एक स्वस्थ जीवनशैली देने का प्रयास करते हैं। इस हेल्थकेयर सिस्टम मे रोगी के शरीर पर ही नही उसके मानसिक, भावनात्मक और आध्यातमिक पहलुओं पर भी काम किया जाता हैं।

होलिस्टिक मेडिसिन के अन्य लाभ
-दर्द से जल्दी आराम क्योंकि इस मेडिकेयर मे दर्द के लिए एक्युपंचर का प्रयोग किया जाता है जो कि तुरंत असर करता है।
-सम्पुर्ण स्वास्थय का ख्याल एक ही फिजीशियन से कंसलट कर रखा जा सकता है।
-एलोपैथिक दवाओं के कम से कम उपयोग पर जोर दिया जाता है क्योंकि इनके दुष्प्रभाव भी होते है।
-शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर के प्राकृतिक उपचार करने के गुण पर भरोसा किया जाता है।
-प्राकृतिक दवाओं का उपयोग किया जाता है जिनके दुष्प्रभाव नही होते।
-रोग के इलाज के लिए पारम्परिक तरीकों सम्पूर्ण आहार, व्यायाम, डिऑक्सीटेशन और ध्यान लगाने जैसी विधियों का उपयोग किया जाता है।
-मॉडर्न मेडिसीन में महंगी तकनीकों के प्रयोग होने से उसकी तुलना में होलिस्टिक मेडीकेयर किफायती है।

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