सनग्लासेज: टशन व हेल्थ दोनो का साथ

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sunglasses-hand-smartphone-deskमौसम कोई भी हो, टशन दिखाने में एक चीज हमारा भरपूर साथ देती है, और वह है सनग्लासेज। गर्मी के दिनो में तो यह हम सबकी जरुरत का हिस्सा बन जाती है। यही वजह है कि न सिर्फ बडे मॉल व शो रूम्स बल्कि बजारो के फुटपाथो पर भी इन चश्मो की सेल लग जाती है। लेकिन क्या कभी आपने इस बात पर गौर किया है आपके सनग्लासेज का रंगीन होना ही काफी नहीं होता। इसकी क्वालिटी बहुत मायने रखती है। आइए जानते हैं कैसे:

ब्रांड का रखें ख्याल  धूप के चश्मे की खरीदारी करते वक़्त ब्रांड को जरूर प्राथमिकता दें। क्योंकि लोकल चश्मा आपके आँखों पर बुरा असर डाल सकता है। जब भी चश्मा ख़रीदे तो ध्यान रखें कि आँख पूरी ढक जाए और वजन भी कम हो। सबसे बड़ी बात स्क्रैच फ्री ग्लास हो ताकि लंबे वक़्त तक इस्तेमाल कर सकें। इसलिए सस्ते के चक्कर में न पड़कर ब्रांड को महत्व दें। ताकि भविष्य में आपको पछताना ना पड़े।

आकार पर भी दें ध्यान  धूप के लिए चश्मा लेते वक़्त उसके आकार पर भी ध्यान दें कि वो ज्यादा से ज्यादा आपके त्वचा को ढक सके। इसके अलावा उसके फिटिंग पर ध्यान दें कि बिना किसी परेशानी के नाक और कान पर टिका रहे और न ही ज्यादा ढीला और न ही टाइट। वरना आप हर वक़्त चश्मे को लेकर परेशान रहेंगे।

किस रंग का हो चश्मा  आपने कई गानों में काले रंग के चश्मे की खूब तारीफ सुना होगा पर चश्मे का रंग ग्रे या फिर भूरा हो तो आपकी आँखों को सुविधा होगी। क्योंकि इनमें सबकुछ सामान्य दिखता है, अक्सर हम और आप जब भी चश्मा लगाते हैं तो बाहर का रंग बदल जाता है जो कभी-कभी परेशानी में डाल देता है। जिन लोगों की दूर की नजरें कमजोर हैं वो ग्रे रंग के लेंस का इस्तेमाल करें जबकि जिनका पास का नजर कमजोर है वो भूरे रंग के लेंस का चश्मा पहनें। गुलाबी या उससे मिलते-जुलते रंगों के लेंस वाला चश्मा न पहनें।

यूवी प्रोटेक्शन भी है जरूरी सूरज की रेडियो एक्टिव किरणें न सिर्फ त्वचा को नुकसान पहुंचाती है बल्कि आँखों के कॉर्निया को भी नुकसान पहुंचाती है। धूपी चश्मे खरीदते वक़्त ये ध्यान रखें कि चश्मे में यूवीबी और यूवीए किरणों के प्रति लेंस ब्लॉक 99 से 100 फीसदी तक हो। और प्रतिदिन सनग्लास पहनने का आदत डालें

फ्रेम कैसे चुनें  सनग्लास लगाकर कहीं न कहीं हमारे और आपकी सुंदरता में थोड़ा बहुत इजाफा जरूर होता है। इसलिए जब भी चश्मा ख़रीदे तो फ्रेम का जरूर ध्यान रखें कि वो काफी वजनी न हो क्योंकि बाजार में प्लास्टिक के साथ-साथ मेटल के भी फ्रेम उपलब्ध है। फ्रेम का चुनाव अपने व्यक्तित्व और चेहरे के बनावट के प्रारूप करें। जैसे की छोटे चेहरे पर बड़े फ्रेम वाले चश्मे कभी नहीं अच्छे लगते इसके साथ ही गोल चेहरे पर चौड़े फ्रेम वाला चश्मा नहीं अच्छा लगता।

किस तरह रखें चश्में को सुरक्षित अधिकतर हम सभी जब भी चश्मा नहीं लगाते तो उसे शर्ट या सर पर फंसा लेते है जबकि ऐसा करने से चश्मे की उम्र कम हो जाती है। चश्मे को कभी सजावटी वस्तु की तरह इस्तेमाल न करें।  इस्तेमाल के बाद चश्मे को टेबल या काउंटर पर रखने के बजाए उसे कवर में रखें।  धूप का चश्मा लगाने से पहले उसे हर बार मुलायम कपड़े से जरूर पोछे।

 

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