वैलेंटाइंस डे पर करिए खुद पर इन्वेस्ट

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वैलेंटाइंस डे (valentines’s day) करीब है और इस मौके को खास बनाने के लिए आपको है खास आइडियाज़ की तलाश! तो इधर-उधर पैसे क्यों लगाने, इसे इन्वेस्ट कीजिये किसी अनमोल चीज मे। अरे, हम गोल्ड, डायमंड या प्लैटिनम की बात नहीं कर रहे हैं! हम बात कर रहे हैं आपके लुक्स की। आपके हसबैंड या ब्वॉयफ्रेंड के लिए खूबसूरत वैलेंटाइन से बेहतर कोई तोहफा हो सकता है क्या! तो इंतजार किस बात का है, हो जाइए तैयार एक नए लुक (New Look) के लिए।
आजकल इन कॉस्मेटिक प्रोसिजर्स की है सबसे ज्यादा डिमांड

केमिकल पील्सः यह एक एक्सफोलिएटिंग प्रॉसीजर है जो त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने का काम करता है। दो-तीन सिटिंग के बाद आपकी त्वचा की हल्की परत दिखने लती है। यह प्रक्रिया बेहद आसान है जिसके लिए आपको स्किन क्लीनिक में सिर्फ 15 से 20 मिनट का समय देना पड़ता है। किसको कितनी सिटिंग की जरूरत होगी यह उसकी त्वचा की स्थिति पर निर्भर करता है। इस प्रक्रिया में त्वचा की बाहरी परत पर केमिकल सॉल्युशन लगाकर उसे एक्सफोलिएट किया जाता है। त्वचा की रंगत में सुधार के लिए जिन केमिकल पील्स का इस्तेमाल किया जाता है उनमें ग्लायकोलिक पील, विट सी पील और लैक्टिक पील शामिल हैं। प्रॉसीजर पूरा होने के बाद त्वचा पर टैनिंग नहीं रहती और आपका चेहरा ताजा, जवां और चमकदार बन जाता है।

स्किन बूस्टरः कॉस्मोडर्मा क्लीनिक्स बंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नै की कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. चित्रा वी. आनंद का कहना है, 24 घंटों के भीतर चमकदार और जवां त्वचा पाने का एक अन्य विकल्प है डर्मल स्किन हाइड्रेटर जिसका असर लंबे समय तक रहता है। रेस्टिलेन विटाल त्वचा की लचक और चमक बरकरार रखने के लिए बेहतरीन विकल्प है। आधुनिक समय का डर्मल हाइड्रेटर-रेस्टिलेन विटाल आपकी त्वचा पर जादुई असर दिखाता है। यह प्रॉसीजर बेहद सामान्य प्रक्रिया से कुछ ही मिनटों में किया जाता है। सबसे खास बात यह है कि इससे मिलने वाली नमी और चमक एक साल तक बरकरार रहती है। त्वचा की ऊपरी परत में लगाने के बाद रेस्टिलेन विटाल थेरेपी इसे भीतर से नमी और पोषण प्रदान करती है। ह्यालुरॉनिक एसिड जेल माइक्रो इंजेक्शन के जरिए त्वचा की बाहरी परत में दिया जाता है और यह त्वचा को भीतर से नमी प्रदान करती है। इसे मुलायम और चमकदार बनाती है।

डायमंड पॉलिसिंग/माइक्रोडर्माऐब्रेजेनः यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो त्वचा की कई समस्याओं से निजात दिला सकती है। बात चाहे मुंहासों की हो अथवा त्वचा की खराब रंगत की, त्वचा पर निशान हों अथवा दाम-धब्बे, डायमंड पॉलिशिंग टैनिंग की समस्याओं को ठीक करने की आदर्श प्रकिया है। इस तकनीक में त्वचा को एक ऐसे उपकरण से पॉलिश किया जाता है जिसके सिरे पर डायमंड लगे होते हैं। बिजली से चलने वाले इस उपकरण को घुमाने से चेहरे की मृत कोशिकाएं हट जाती हैं और नई जवां त्वचा उभरकर आती है। यह हर प्रकार की त्वचा पर इस्तेमाल किया जा सकता है जिसका बेहतरीन परिणाम सामने आता है।

होठों के उभार के लिए फिलरः होंठ चेहरे का वह हिस्सा होते हैं, जो पार्टनर को सबसे ज्यादा अपील करते हैं। यही वजह है कि अधिकतर महिलाएं अपने होठों की खूबसूरती को लेकर बेहद संजीदा होती हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. इंदु बल्लानी कहती हैं कि बहुत सारी कम उम्र की लड़कियां और अधेड़ महिलाएं भी अपने होठों का आकार बढ़ाना चाहती हैं। लिप-ऑग्मेंटेशन सर्जरी की जगह फिलर को अपनाने का जो सबसे बड़ा कारण होता है, वह इस प्रक्रिया में सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ना और बेहद कम समय लगना। हालांकि इंजेक्शन लगने वाली जगह पर थोड़ी सूजन हो सकती है मगर यह एक-दो दिनों में ही ठीक हो जाती है। कभी भी किसी भी समस्या के सर्जरी कराने और हीलिंग के लिए कम से कम एक दिन अस्पताल में रूकने से बेहतर होता है अगर इसका कोई बिना सर्जरी वाला विकल्प मिल जाए। जुवेडर्म फिलर आपको प्रक्रिया खत्म होने के तुरंत बाद सामान्य दिनचर्या में लौटने की आजादी देता है।

लेजर और क्रीमः कई तरह के लेजर टृीटमेंट से भी चेहरे की टैनिंग और डलनेस ठीक हो सकती है। फ्रैक्शनल लेजर, रेवलाइट लेजर, आईपीएल और एनडीःवाईएजी 1064 एनएम लेजर आपकी त्वचा की रंगत निखारने के मामले में बेहतरीन परिणाम दे सकते हैं। लेजर त्वचा के भीतर तक पहुंचकर इसकी बाहरी परत की नसों को लक्ष्य बनाते हैं। बेहद गर्मी की वजह से नसें डैमेज हो जाती हैं। इस प्रक्रिया की मदद से डैमेज हो चुकी कोशिकाएं खत्म हो जाती हैं और त्वचा में नई कोशिकाएं बनने लगती हैं जिससे चमकदार त्वचा के लिए रास्ता साफ हो जाता है। बाजार में ऐसे कई क्रीम भी उपलब्ध हैं जो वैज्ञानिक फॉर्मूले के हिसाब से तैयार किए गए हैं, जैसे कि बाई-लूमा जो कि चार हफ्तों में आपको एक समान रंगत और चमक प्रदान करती है। इन्हें इस्तेमाल करना आसान होता है और हर टाइप की त्वचा के लिए उपयुक्त होता है। इसके परिणाम बेहद अच्छे आते हैं।

कूल स्कल्प्टिंगः अनचाहे फैट की परत! यह हमेशा से बहुत सारे लोगों के लिए परेशानी की वजह बना हुआ है। खुद को बेहतरीन शेप में रखने की चाहत बहुत सारे लोगों को फैट घटाने वाली सर्जिकल प्रक्रिया जिसे लिपोसक्शन कहते है, कराने के लिए प्रेरित करती है। हालांकि हर कोई इसे कराने में सहज महसूस नहीं करता है। हावर्ड के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई यह क्रांतिकारी फैट लॉस और बॉडी स्कल्पटिंग प्रक्रिया एक पेटेंटेड तरीके से कार्य करती है जिसे क्रायोलिपोलाइसिस कहते हैं। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है जिससे यह बिना त्वचा और शरीर के अन्य टिश्यू को नुकसान पहुंचाए फैट को फ्रीज किया जाता है। इसके बाद फ्रोजन फैट सेल्स त्वचा के भीतर टूटकर सामान्य प्राकृतिक मेटाबोलिक प्रक्रिया से बाहर निकल जाते हैं। इसमें किसी भी तरह की सुई लगाने की जरूरत नहीं होती और न ही खून बहता है, न दर्द होता है और न ही कुछ भी ऐसा होता है जिससे आप असहज महसूस करें। स्किन अलाइव क्लीनिक्स दिल्ली के संस्थापक और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. चिरंजीव छाबड़ा कहते हैं पूरी तरह से सर्जरी से मुक्त प्रक्रिया होने के बावजूद कूल स्कल्पटिंग प्रॉसीजर मरीज को तुरंत अपनी सामान्य दिनचर्या में लौटने में सक्षम बना देता है।

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