हाइड्रोथेरपी से होगा सफदरजंग में दर्द का इलाज

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painमांसपेशियों के दर्द और जोड़ों की चोट को ठीक करने के लिए सफदरजंग स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर की सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। सेंटर के दूसरे चरण के विकास कार्य में एक स्वीमिंग पूल बनाया जाएगा, जिसका फायदा ऐसे मरीजों को मिलेगा जिनको फिजियोथेरपी के बाद भी दर्द में राहत नहीं मिलती है। 

सेंटर के आर्थोस्कोपी विभाग के डॉ. हिमांशु कटारिया ने बताया कि कॉमन वेल्थ खेल के दौरान सेंटर में मांसपेशियों के दर्द और चोट संबंधी कई आधुनिक सुविधाओं को शुरू किया गया था, जिसमें अभी तक शॉवर थेरेपी से मरीजों का दर्द कम किया जाता है। हाल ही में केन्द्र सरकार ने सफदरजंग स्पोटर्स इंजरी सेंटर के विकास के लिए 2.7 एकड़ जमीन मुहैया कराई है,जिसमें स्वीमिंग पूल के जरिए मरीजों को हाइड्रोथेरेपी दी जाएगी। डॉ. हिमांशु ने बताया कि लंबे समय की आतंरिक चोट ठीक होने के बाद भी दर्द बना रहता है, जोड़ों की ऐसी समस्या के मरीजों को पूल में पसली तक के पानी में खड़ा रखकर व्यायाम कराया जाता है। अभी शॉवर थेरेपी के जरिए शरीर के कुछ ट्रिगर प्वाइंट (दर्द केंद्रित जगह) पर पानी के जरिए दवाब बनाकर दर्द को कम किया जाता है। जबकि पूल बनने के बाद एक साथ 15 मरीजों को प्रशिक्षित फिजियोथेरेपी की मदद से थेरेपी कराई जा सकेगी। सेंटर के प्रमुख डॉ. दीपक चौधरी ने बताया कि विश्व स्तरीय सुविधाएं देने के क्रम में स्पोटर्स इंजरी सेंटर को सभी आधुनिक इलाज और उपकरणों से लैस किया जा रहा है। हाल ही में सेंटर में कंधे की चोट के लिए दक्षिण अफ्रीका की एंडोबटन तकनीक शुरू की है।

 

क्या होगा फायदा हाइड्रो थेरेपी का

– कंधे की टिश्यू की चोट के दर्द को दूर किया जा सकता है

– स्वीमिंग न आने पर मरीज को सुरक्षा कवच के जरिए दी जा सकती है थेरेपी

– प्रशिक्षक की मदद से मरीज को कंधे और हाथ का मूवमेंट करने की सलाह दी जाती है

– जरूरत पड़ने पर पानी को एक निर्धारित तापमान में गुनगुना भी किया जाता है

– कंधे के साथ ही घुटने की बीमारी जैसे आर्थराइटिस के लिए भी हाइड्रो थेरेपी कारगर है

 

ग्रीक में हुआ पहली बार प्रयोग

हाइड्रो थेरेपी की शुरूआत ग्रीक शहर से हुई जहां प्राचीन काल से एक्वा या फिर पानी के जरिए मांसपेशियों के दर्द या भी चोट को ठीक करने के लिए निर्धारित गरम पानी का इस्तेमाल किया जाता है। हाइड्रोथेरेपी को तनाव को दूर करने के लिए भी कारगर माना गया है। पानी के दवाब से मांसपेशियों का खिंचाव कम होता है।

 

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