इंडियन ब्यूटी ट्रडीशंस का वेस्ट मे धमाल

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Thradingजो ब्यूटी ट्रीटमेंट या यूं कहें कि घरेलू नुस्खे सैकड़ों-हजारों सालों से हमारी परंपरा का हिस्सा रहे हैं। और अब हम इसे भूलते जा रहे हैं, उनके लिए विदेशों मे लोग सैकड़ों डॉलर्स पे कर रहे हैं। थ्रेडिंग से लेकर अरोमाथेरेपी फेशियल, शुगर बॉडी स्क्रब और योगा जैसे हेल्थ और ब्यूटी ट्रीटमेंट वेस्टर्न देशों के स्पा और सैलून के मेन्यू की सबसे महंगी सर्विसेज हैं। हाल ही मे न्यूयॉर्क मे ब्यूटी सैलून खोलने वाली दिल्ली की अनामिका मेहरोत्रा  दे रही हैं वहाँ के पॉपयुलर ट्रेंड की जानकारी:

थ्रेडिंग: इंडिया मे शायद ही कोई ऐसा होगा जो थ्रेडिंग के बारे मे न जानता हो। धागे  की मदद से फेशियल हेयर रिमूव करने का यह तरीका गाँव के पार्लर की ब्यूटीशियन भी जानती हैं, मगर अमेरिका मे यह नई चीज है। आमतौर पर यहाँ चेहरे पर भी वैक्सिंग ही की जाती है, जो सेंसिटिव स्किन के लिए काफी दर्दनाक प्रक्रिया साबित होती है। इतना ही नहीं, बार-बार वैक्स  अप्लाइ करने से त्वचा पर झुर्रियां भी आ जाती हैं, क्यूंकी चेहरे की त्वचा बेहद नाजुक होती है और वैक्स से त्वचा के अनचाहे बालों के साथ-साथ छोटे-छोटे रोएँ भी खिंच जाते हैं। अब कुछ बड़े सैलून्स मे थ्रेडिंग भी होने लगी है। मगर फिलहाल बेहद कम जगहों पर यह तरीका इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे मे फेशियल वैक्सिंग के मुक़ाबले इसका रेट तीन गुना तक होता है। उदाहरण के तौर पर अगर वैक्स से आइब्रो सेट कराएंगे तो 10-20 डॉलर चुकाने होंगे, वहीं अगर यही काम थ्रेडिंग से कराएंगे तो आपको 30-50 डॉलर तक देने पद सकते हैं।

अरोमा थेरेपी फेशियल: यहाँ के पार्लर मे अरोमा फेशियल बेहद कॉमन है। इसमे स्किन मे नमी बढ़ाने, डेडस्किन हटाने और इसे बैलेंस करने के लिए सुगंधित तेल या  एसेंस का इस्तेमाल किया जाता है। भारतीय पुरातन काल का इस नुस्खे की डिमांड अमेरिका मे बहुत तेजी से बढ़ रही है। हालांकि अभी वहाँ काफी कम सैलून मे यह तरीका इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन जहां हो रहा है वहाँ इसके लिए 3-5 दिन पहले अप्वाइंमेंट लेना पड़ता है। यहाँ सबसे पॉपयुलर ग्रीन टी और हल्दी का नुस्खा है। क्योंकि ये चीजें एंटीऑक्सीडेंट सहित कई औषधीय गुणों से लबालब हैं।

बॉडी स्क्रब: इंडिया मे शादी से एक दिन पहले दुल्हन और दूल्हे को हल्दी-चन्दन का लेप लगाने की रस्म है। ये दोनों ही चीजें स्किन के लिए अमृत हैं। साउथ इंडिया मे शादी से पहले कोकोनट मिल्क से मसाज का चलन है।  पहले जमाने मे शादी से एक महीने पहले से यह लेप लगना शुरू हो जाता था। आजकल बिजी लाइफस्टाइल मे यह संभव नहीं हो पता। मगर हाँ, इसके बदले प्री-ब्राइडल/प्री ब्राइडग्रूम मेकअप का ट्रेंड खूब दिख रहा है, जहां इन चीजों के साथ-साथ शुगर बॉडी स्क्रब या सी साल्ट स्क्रब जैसी चीजों से बॉडी पॉलीशिंग की जाती है। आप बेसन या चावल के आते मे  दही, नींबू, मलाई  और हल्दी मिलाकर खुद स्क्रब बना सकती हैं। या फिर चीनी मे नींबू का रस मिलकर शरीर पर स्क्रब की तरह लगा सकती हैं। इससे त्वचा बाबी सॉफ्ट हो जाती है। इन्हीं नुस्खों वाली थेरेपी इन दिनों अमेरिकन पार्लरों की शान बन रही हैं।

मसाज: मसाज अमेरिका मे एक बड़ा बिजनेस बन गया है और इस तमाम अध्ययनों इसके कई फायदे भी सिद्ध हो चुके हैं, जिनमे सबसे खास  है बच्चे के जन्म के बाद माओं का शरीर दोबारा शेप मे लाने और नवजात बच्चे के शरीर के विकास मे योगदान है। यह हम सब जानते हैं की इंडिया मे नवजात शिशु और उसकी माँ को महीने भर तक हर सुबह ऑयल मसाज, इसके बाद गरम पानी से स्नान और फिर धूप की सिंकाई एक आवश्यक रस्म की तरह निभाया जाता है।

आयुर्वेद: यह 5000 साल पुरानी भारतीय वैदिक परंपरा का हिस्सा है। इसमे किसी लक्षण विशेष के लिए कोई सुनिश्चित दवा देने के बजाय हर व्यक्ति के लिए अलग इलाज तय किया जाता है, जिसका आधार होता है  डाइट, हर्बल नुस्खे, एक्सरसाइज और योगा एवं मेडिटेशन जैसी आध्यात्मिक प्रैक्टिस शामिल होता है। अमेरिका मे आयुर्वेद बेहद तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यहाँ तक कि योगा और मेडिटेशन को स्कूल, हॉस्पिटल, लॉं फार्म, सरकारी/प्राइवेट ऑफिस और जेलों मे सिखाया जा रहा है।

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