पुरुषों का भी होता है ‘मीनोपोज़’!

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know about male Menopause

अधेड़ उम्र के पुरुषों के चिड़चिड़े मूड को डेस्क्राइब करने के लिए उत्तर और पूर्वी भारत मे एक शब्द बेहद प्रचलित है। यह शब्द है “सठिया गए हैं”। लेकिन आमतौर पर ठिठोली के लिए प्रयोग होने वाले इस शब्द का संबंध हार्मोन से पाया गया है। यह हार्मोन है, ‘टेस्टोस्टेरोन’ यानि ‘सेक्स हार्मोन’। इसकी कमी की वजह से बढ़ती उम्र के साथ पुरुष ज्यादा चिड़चिड़े, मूडी और आसानी से फ्रस्ट्रेट होने लगते हैं। यह एक आम समस्या है, जिससे दुनिया भर के बहुत सारे पुरुष प्रभावित होते हैं। दरअसल यह एक प्रकार का “मेल मीनोपोज़”(male Menopause) है।

हालांकि इस संबंध मे रिसर्च करने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंग्टन के मेडिसिन विभाग के प्रमुख इस तर्क को पूरी तरह से नकारते हैं। लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स बढ़ती उम्र वाले पुरुषों के मूड स्विंग का संबंध उनके कम होते टेस्टोस्टेरोन से बताते हैं।

क्या कहते हैं डॉक्टर

डॉक्टरों का कहना है कि, उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों के शरीर मे टेस्टोस्टेरोन कम मात्रा मे बनता है। 45 साल से अधिक उम्र वाले 40% लोगों मे सामान्य से कम मात्रा मे टेस्टोस्टेरोन बनता है। इसके लिए पिट्यूटरी ग्लैण्ड या टेस्टिकल्स जिम्मेदार हो सकते हैं। इसका संबंध हाई ब्लड प्रेशर और डायबीटीज़ जैसी समस्याओं से भी हो सकता है। कुछ लक्षणों को देखकर आप शरीर मे टेस्टोस्टेरोन के कम उत्पादन का पता लगा सकते हैं। जैसे कि, सेक्स की इच्छा मे कमी, हड्डियों की डेंसिटी मे गिरावट और मांसपेशियों का कम होना आदि। मेन्स हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर अब्राहम मोरजेंटलर कहते हैं, कम टेस्टोस्टेरोन वाले पुरुषों मे भावनात्मक कमजोरी भी देखने को मिलती है। वे ज्यादा चिड़चिड़े हो जाते हैं। कुछ इसी तरह का असर महिलाओं मे मीनोपोज़ के दौरान देखने को मिलता है।

मीनोपोज़ (Menopause) और एण्ड्रोपोज (Andropause)

लेकिन अन्य अध्ययन यह बताते हैं कि अधेड़ उम्र मे पुरुषों के शरीर मे जो बदलाव आते हैं वे इस उम्र की महिलाओं मे होने वाले बदलावों से अलग होते हैं। मीनोपोज़ के दौरान शरीर मे एस्ट्रोजन हार्मोन का उत्पादन तेजी से कम होता है जबकि मे टेस्टोस्टेरोन धीरे-धीरे कम होता है, साल मे तकरीबन आधा पर्सेंट।

ऐसे बचाएं खुद को मूडी बनने से

उम्र बढ़ना और इसके साथ समस्याओं का आना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आप हर समस्या के लिए उम्र को जिम्मेदार ठहराकर अपना पीछा छुड़ा लें। दरअसल बढ़ती उम्र की बहुत सारी गंभीर समस्याओं को काबू मे रखा जा सकता है। इसके लिए सिर्फ थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत होती है।

शुरू से उन चीजों को लेकर गंभीर रहें जो आपको जीवन भर हेल्दी रख सकती हैं। जैसे कि, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन पर नियंत्रण और धूम्रपान या किसी भी प्रकार के नशे से दूरी। इससे आप शरीर और मन से स्वस्थ रहेंगे। अच्छा महसूस करेंगे और मूड स्विंग से कोसों दूर रहेंगे।

 

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