मोटापा भी खराब कर सकता है लिवर

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obesity and liver diseaseजब भी मैं फैटी लीवर, सिरोसिस या लीवर कैंसर जैसी लीवर संबंधी बीमारियों के बारे मे बात करता हूँ, मेरे मरीज तुरंत पलटकर जवाब देते हैं कि, मैं तो कभी अल्कोहल नहीं लेता, मैं पूरी तरह से नशामुक्त हूँ।

अल्कोहल नहीं लेने वालों का लीवर भी हो सकता है डैमेज
लोगों के बीच यह बहुत बड़ी भ्रांति है कि लीवर संबंधी बीमारियों का संबंध सिर्फ अल्कोहल के साथ है। मैं यहाँ लिवर संबंधी बीमारियों के एक अन्य महत्वपूर्ण कारण की तरफ आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ…. यह वजह है मोटापा और मेटाबोलिक सिंड्रोम। एनएएफएलडी या नॉन एल्कोहल फैटी लीवर डीजीज।

जानें रिस्क फैक्टर
एनएएफडी से संबन्धित रिस्क फैक्टर है, 40 साल से अधिक उम्र, पुरुष, सेंट्रल ओबेसिटी यानि पेट का मोटापा, हाई बीएमआई (25 से ऊपर), फस्टिंग ब्लड शुगर बढ़ा हुआ, और हाई एएसटी और हाई एएलटी लेवल।

नॉन एल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (एनएएसएच) सूजन और डैमेज के साथ लिवर मे फैट जमा होना । एनएएसएच उन लोगों मे होता है जो कम पीते हैं अथवा बिलकुल अल्कोहल नहीं लेते हैं, इससे 2-5% अमेरिकन प्रभावित हैं, खासतौर से ऐसे लोग जो अधेड़ उम्र के और सामान्य से अधिक वजन वाले अथवा मोटे हैं, कई बच्चों मे भी यह देखा जाता है। जिन लोगों को यह समस्या होती है वे खुद को पूरी तरह स्वस्थ्य भी महसस कर सकते हैं, और इस बात से अन्जान हो सकते हैं कि उन्हें लिवर की कोई बीमारी है।

एनएएसएच सिरोसिस की वजह बन सकता है। यह वो स्थिति है जिसमे लिवर हमेशा के लिए डैमेज हो जाता है और सही ढंग से काम नहीं करता। एनएएसएच के किसी भी स्टेज पर मरीज सिर्फ थकान महसूस होने जैसे लक्षण की शिकायत के साथ आ सकता है।

ऐसे होती है जांच
अगर ब्लड टेस्ट मे लिवर एंजाइम का स्तर ज्यादा आए और स्कैन मे फैटी लिवर का पता चले तो एनएएसएच होने की आशंका मानना चाहिए। एनएएसएच के जांच बायोप्सी के जरिये हो सकती है, जिसमे सुई के जरिये लिवर से एक छोटा सा टुकड़ा निकाला जाता है।

करें ये उपाय
जिन लोगों को एनएएसएच की समस्या हो उन्हें अपना वजन कम करना चाहिए, संतुलित आहार लेना चाहिए, शारीरिक व्यायाम करना चाहिए और एल्कोहल व बेवजह की दवाएं लेने से बचना चाहिए। एनएएसएच के लिए कोई विशेष थेरेपी उपलब्ध नहीं है। कई प्रयोगात्मक थेरेपी पर अध्ययन चल रहे हैं, जिनमे एंटीऑक्सीडेंट और एंटिडायबीटीज़ दवाएं शामिल हैं।

अल्कोहल अब भी है सबसे बड़ा विलेन
नॉन अल्कोहलिक लिवर डीजीज के बारे मे सब कुछ बताने के साथ-साथ, यहाँ यह बता देना भी बेहद जरूरी है कि लिवर फेल होने अथवा लिवर संबंधी अन्य बीमारियों का सबसे बड़ा कारण आज भी अल्कोहल का इस्तेमाल ही है। तो मेरे प्यारे दोस्तों, इन लाइनों को भी गौर से पढ़ें और अपने लिवर पर किसी भी तरह का ऐसा स्ट्रेस न डालें जो कि उसके फेलियर का कारण बने!!!

Dr. Atul N C Peters

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