70 साल से अधिक जीने वाले ज्यादा हेल्दी

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oldest are healthierबुढापे को अक्सर बीमारियों का पर्याय बताया जाता है, लेकिन एक नए अध्ययन में पाया गया है कि 70 साल से अधिक उम्र तक जीने वाले लोग कहीं अधिक स्वस्थ्य होते हैं और बीमारियों से बचे रहते हैं। यह अध्ययन इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में सीनियर ओर्थोपेडिक सर्जन
डॉ.राजू वैश्य ने किया है।

अध्ययन मे पाया गया है कि, ये लोग संतुलित जीवन शैली का पालन करने वाले होते हैं। इनका मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य अपेक्षाकृत बेहतर होता है और अगर इनका सक्रिय जीवन बरकरार रहे तो ये लंबी उम्र जी सकते हैं। इनमें से एक चैथाई यानि, करीब 25 प्रतिशत लोग बीमारियों से मुक्त होते हैं। इससे जुड़ी रिपोर्ट हाल ही में अमेरिका के ओरलांडो में आयोजित अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्थोपेडिक सर्जन्स के सम्मेलन में पेश की गई। सम्मेलन मे दुनिया भर के 30 हजार आर्थोपेडिक सर्जनों ने हिस्सा लिया।

यह अध्ययन 2002 से 2012 के बीच 70 साल से अधिक उम्र के चुने हुए उन 46 मरीजों पर किया गया जिन्होंने एक ही ऑपरेशन में अपने दोनों घुटनों बदलवाए थे। डॉ. वैश्य ने बताया कि इनमे से 80 प्रतिशत से अधिक लोग ऑपरेशन से पहले एनेस्थिसिया के लिए पूरी तरह फिट पाए गए। इनमें से 46 प्रतिशत मरीजों की ग्रेडिंग 1 या 2 पाई गई जबकि 20 प्रतिशत मरीजों की ग्रेडिंग 3 या 4 पाई गई।

यह पाया गया कि इनमें से एक भी मरीज की अस्पताल में भर्ती के दौरान और आपरेशन के एक साल के भीतर मृत्यु नहीं हुई। इन 46 मरीजों में से केवल सात मरीजों की मृत्यु पांच से छह साल बाद ऑपरेशन से इतर अन्य कारणों से हुई। बाकी मरीज अभी तक जीवित हैं। इनमें से कई मरीज 10 साल से जीवित हैं। 93 साल की उम्र में अपने दोनों घुटने बदलवाने के लिए विश्व रिकार्ड बनाने वाले एक मरीज इसी साल अप्रैल में 100 साल के होने वाले हैं।

डॉ. वैश्य ने बताया कि, चिकित्सा सुविधाओं के सुलभ होने तथा स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता आने के कारण देश में बुजुर्गों की आबादी बढ़ रही है और इस कारण घुटने की आर्थराइटिस के इलाज के लिए घुटना बदलवाने के ऑपरेशन (Total knee replacement) की मांग बढ़ रही है। यह अध्ययन अधिक उम्र के मरीजों में एक बार में दोनों घुटने बदलने के लिए होने वाले आपरेशन के दौरान तथा आपरेशन के बाद की जटिलताओं का पता लगाने के लिए किया गया।

 

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