ब्लड टेस्ट से होगी पर्किंसन की पहचान

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Parkinson will be diagnosed by blood testपर्किंसन एक जटिल बीमारी है। इस बीमारी के चलते पिड़ित अपने शरीर पर नियंत्रण नहीं कर पाते हैं। लेकिन हाल ही मे इस पर शोध कर रहे वैज्ञानिकों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, और बीमारी का पता लगाने का आसान तरीका खोज निकाला है। अब इसका पता साधारण खून की जांच से लगाया जा सकता है।

कहाँ किया गया शोध

पहले इस बीमारी के लक्षण दिखने पर मरीज की रीढ़ के तरल पदार्थ की जांच से इस बीमारी की पुष्टि हो पाती थी। लेकिन अब स्वीडन की लूंद यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने शोध में पता लगाया है कि हमारे खून में एक ऐसा प्रोटीन होता है जो इस बीमारी का सटीक सूचक साबित होता है।

 ऐसे पता चलते हैं बीमारी के लक्षण

-पर्किंसन पीड़ित व्यक्ति के शरीर में थरथराहट होने लगती है।

-इस बीमारी से शरीर की मांस-पेशियों में अकड़न बढ़ जाती है।

-और व्यक्ति की सामान्य प्रतिक्रिया धीमी हो जाती है।

मौजूदा समय में इस बीमारी का कोई सटीक इलाज या फिर इसे रोकने का कोई कारगर तरीका उपलब्ध नहीं हैं। मगर शोधकर्ताओं का मानना है कि पर्किंसन बीमारी से नर्व्ज कोशिकाओं में होने वाला नुकसान इसके लक्षण नजर आने से पहले शुरू हो जाता है। अकेले भारत में पर्किंसन से हर साल 10 लाख लोग प्रभावित होते हैं।

कैसे किया गया शोध

शोधकर्ताओं  ने स्वीडन और ब्रिटेन के 504 लोगों के खून के नमूनों का परीक्षण किया। इस परीक्षण मे पाया कि पर्किंसन का पता लगाने के लिए खून की जांच, रीढ़ की जांच के समान एकदम ठीक थी। यह साधारण जांच पर्किंसन और इसके एक घातक प्रकार एटिपिकल पर्किंसनिज्म डिसऑर्डर का अंतर करने में भी मददगार हो सकती है।

प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर ऑस्कर हैनसन का कहना है, खून में उसी नर्व प्रोटीन की मौजूदगी, जो रीढ़ में पाया जाता है। इस बीमारी के लक्षण समय से पहले बताने में कारगर साबित हो सकती है।

 

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