क्या आपका पीरियड नॉर्मल है?

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teenage girls periodपीरियड यानि की माहवारी (menstrual cycle) आज भी इंडिया में टैबू माना जाता है और आबादी का अधिकतर हिस्सा इस बारे में खुलकर चर्चा करना तो दूर अपने परिजनो से भी इस सम्बंध में बात नहीं करता है। यही वजह है कि किशोरियो (teenage girls) के मन में पीरियड्स को लेकर उठने वाले सामान्य सवालो का भी सही जवाब उन्हे नहीं मिल पाता है। हमने इस बारे में ग़ायनेकॉल्जिस्ट (gynecologist) डॉ. कुसुम साहा से बात की और आपके कंफ्युजन का समाधान निकालने का प्रयास किया:

जब सामान्य न हो पीरियड?

आपको घबराने की जरुरत नहीं है। आपका पीरियड असामान्य होना य स्किप होना नॉर्मल है। खास्तौर से पीरियड शुरू होने के पहले कुछ साल। इसके अलावा तनाव, एक्सरसाइज और बीमार होने की स्थिति में भी आपका पीरियड मिस हो सकता है। अगर आपका वजन बहुत ज्यादा बढा या घटा हो तब भी ऐसा हो सकता है। और हाँ, ऐसा तब भी हो सकता है जब आप प्रैग्नेंट हो। ज्यादातर महिलाओँ का पीरियड 28 से 35 दिन के अन्तराल में होता है। ऐसे में अगर आपका पीरियड सामान्य प्रक्रिया से अलग चल रहा हो अथवा दो बार से अधिक समय मिस हुआ हो तो डॉक्टर से सलाह लेँ।

क्या मेरा पीरियड ज्यादा हेवी है?

यह जानना सबसे जरूरी है कि हमारा पीरियड हमें जितना हेवी नजर आता है, असल में उतना होता नही है। ज्यदातर महिलाएँ एक पीरियड के दौरान सिर्फ 3 से 4 चम्मच ब्लड खोती हैं। लेकिन अगर आपको दिन भर में 10 से ज्यादा बार पैड या टैम्पून (tampon) बदलना पड्ता है तो अपने डॉक्टर से सलाह लेँ।

कितने दिन चलना चाहिए पीरियड?

अधिकतर महिलाओँ कापीरियड 3 से 5 दिनोँ तक चलता है। लेकिन आपके साथ ऐसा नहीं है तो भी घबराने की कोई जरुरत नहीं है। कुछ मामलोँ में यह दो या सार दिन भी चल सकता है। लेकिन अगर आपको 7 दिन से अधिक समय तक ब्लीडिंग हो रही है तो डॉक्टर से सलाह जरुर लेँ।

पीरियड के दर्द से कैसे मिलेगा आराम?

अगर दर्द अधिक हो तो आप कोई दर्द निवारक दवा (pain reliever) ले सकती हैं। इसके लिए एसिटामीनोफेन (acetaminophen) आइब्युप्रोफेन (ibuprofen) या नैप्रोक्सेन (naproxen) ठीक रहता है। आप गर्म पैड से पेट और कमर के निचले हिस्से की सिंकाई भी कर सकती हैं। गर्म पानी से नहाकर भी आराम मिल सकता है।

पीरियड के दौरान भी हो सकती हैं प्रैग्नेंट?

आप किसी भी समय प्रैग्नेंट हो सकती हैं, यहाँ तक कि ब्लीडिंग के समय में भी। इस तरह की समस्या से बचने के लिए हमेशा सावधान रहे। अपने पैरेंट्स य डॉक्टर से जानकारी लेँ। इसके साथ ही आपको किसी के भी साथ नजदीकी बढाने से पहले सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारियोँ (STDs) के बारे में पूरी जानकारी लेनी चाहिए ताकि आप यह सुनिश्चित कर सकेँ कि आप पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

पीरियड में पेट क्यूँ लगता है भरा-भरा?

पीरियड के दौरान आपका शरीर पानी को अंदर रोककर सखता है, ऐसे में आपको पेट फूला होने का एहसास होता है। जब भी आपको लगे कि आपकी जींस थोडी टाइट मह्सूस हो रही है तब अपने खाने में नमक की मात्रा कम कर देँ और कैफीन वाली चीज कम इस्तेमाल करेँ। इससे आराम महसूस होगा और आप ज्यादा एक्टिव भी महसूस करेंगी।

क्यूँ जंक फूड अधिक भाता है?

पीरियड के दौरान खास चीजोँ के लिए भूख या मूड में उतार-चढाव की सही वजह का तो पता नहीं लगाया जा सकता है लेकिन एक्सपर्ट्स इसके लिए हार्मोनल बदलाओँ को जिम्मेदार मानते हैं। कुछ महिलाएँ आइसक्रीम, चॉकलेट या आलू चिप्स जैसी चीजेँ खाना चाहती हैं। अगर आप भी ऐसा मह्सूस करती हैं तो कोई हेल्दी विकल्प ढूंढेँ। जैसे कि आइसक्रीम की जगह योगर्ट, मीठी चीजो की जगह ड्राई फ्रूट आदि।

मूड स्विंग को कैसे करेँ कंट्रोल?

एक्सरसाइज करने की कोशिश करेँ, ज्यादा नमक वाली चीज न खाएँ और पीरियड शुरू होने के कुछ दिन पहले से कैफीन वाली चीजेँ न लेँ। इस सबके बावजूद अगर आपका मूड खराब रहता है तो डॉक्टर से सलाह लेँ। वो आपको कुछ दवाएँ या विटामिन ई, कैल्शियम और मैग्नीशियम के सप्लिमेंट लेने की सलाह दे सकती हैं।

पीरियड का मतलब है प्रैग्नेंट नहीं हूँ?

हमेशा ऐसा नही होता है। कई मामलोँ में प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनोँ में ब्लीडिंग होती है। अगर यह ब्लीडिंग सामान्य पीरियड जैसा नहीं दिखे और आपको मितली  या थकान का एहसास हो तो प्रेग्नेंसी टेस्ट करेँ और डॉक्टर से सलाह लेँ।

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