कीमतों का रेड अलर्ट देखकर लें लाइफ सेविंग ड्रग्स

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सभी जीवनदायी दवाओं (Life saving Drugs) पर उनकी कीमत लाल पट्टी पर गहरे रंग में लिखी होंगी
जनवरी 2015 से बाजार में आने वाली सभी जीवनदायी दवाओं (Life saving Drugs) के पैकेट पर लाल रंग की पट्टी पर सरकार द्वारा तय की गई कीमत लिखी होगी। इसके साथ ही यहां यह भी बताया जाएगा कि संबंधित दवा प्राइस कंटृोल के तहत आती है अथवा नहीं।

सरकार सभी नियंत्रित दवाओं के पैकेट पर भी इस तरह की प्रिंटिंग को अनिवार्य करने जा रही है। इन दवाओं पर लाल पट्टी के उपर काले रंग के मोटे अक्षरों में लिखा होगा डीपीसीसी स्केड्युल्ड ड्रग्स (DPCC scheduled Drugs) इसके साथ दवा की बिक्री के लिए तय कीमत भी यहां लिखी होगी।

अगर इन नियमों का कहीं उल्लंघन पाया गया तो इस संबंध में शिकायत करने के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया है-1800111255/1800114424 जिस पर फोन कर उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

पद्मश्री, डॉ. बी.सी. रॉय व नैशनल साइंस कम्युनिकेशन पुरस्कारों से सम्मानित हार्ट केयर फाउंडेशन ऑॅफ इंडिया के अध्यक्ष एवं इंडियन मेडिकल असोसिएशन के वरिष्ठ राष्टृीय उपाध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल कहते हैं कि, इस कदम से न सिर्फ उपभोक्ताओं को लाभ होगा बल्कि डॉक्टर भी दवाओं की कीमत अपने स्तर पर जांच सकेंगे।

हाल ही में दवा कीमत नियंत्रक, नैशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी यानी एनपीपीए 100 नई दवाओं को नियंत्रित कीमत के तहत लाया है। ये वह दवाएं या संयोजन वाली दवाएं, डोज आदि हैं जिन्हें आमतौर पर डॉक्टर लोगों को लेने की सलाह देते हैं।

इसी तरह से, अगर एक कैप्सूल नियंत्रित कीमत के दायरे में आता है तो समान सॉल्ट वाली टैबलेट भी प्राइस कंटृोल के दायरे में आएगी।

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