मसल बिल्डिंग के टॉप 5 रूल्स

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अच्छी फिजीक कौन नहीं चाहता। लेकिन क्या करें, कभी लजीज खाने की खुशबू से जुबान पर काबू नहीं रहता तो कभी सुबह की नींद वर्कआउट से ज्यादा प्यारी लगती है! लेकिन हाँ, आँखों की ख़्वाहिश हमेशा यही रहती है कि,मिरर के सामने खड़े हों तो फ्रेम परफेक्ट दिखे। तो चलिये आपकी इस ख़्वाहिश को पूरा करने मे हम आपकी थोड़ी मदद कर देते हैं। आपको बताते हैं मसल बिल्डिंग के टॉप 5 रूल्स के बारे मे:

कैलोरी का सही हिसाब
मसल्स बिल्डिंग के लिए घंटे भर जिम मे मेहनत करने के बाद आपको एनर्जी की जरूरत होती है। दूसरे वर्ड्स मे कैलोरी की। लेकिन अधिकतर ट्रेनर बॉडी बिल्डिंग करने वालों को मास गेन के लिए जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने की सलाह दे देते हैं। इसका नतीजा होता है आपका बॉडी फैट बढ़ना। इससे आपका बॉडी मास निश्चित रूप से बढ़ जाएगा,लेकिन इसके साथ ही आप मोटे भी हो जाएंगे। ऐसे मे आपको एक नियम याद रखना चाहिए,आप रोज जिम मे एक्सरसाइज करके जितनी कैलोरी बर्न करते हैं उससे 300-500 कैलोरी अधिक लें। और हाँ,इसे  एक या दो बार मे खाने के बजाय 6 मील मे डिवाइड करें।

प्रोटीन है सबसे जरूरी
मास गेन के लिए प्रोटीन सबसे जरूरी है। क्योंकि यही एक ऐसा न्यूट्रीएंट है जो मसल ग्रोथ को बढ़ा सकता है। अपने शरीर के प्रति एक पाउंड वजन पर 2 ग्राम प्रोटीन रोज खाएं। मसल की सही ग्रोथ के लिए आपको हर दो से तीन घंटे मे थोड़ा-थोड़ा कुछ खाते रहना चाहिए।

वर्कआउट के बाद खाना जरूरी
यह बेहद जरूरी है कि वर्कआउट के तुरंत बाद आप कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन वाला मील लें। इस समय आपका शरीर कार्बोहाइड्रेट को फैट मे कन्वर्ट नहीं होने देता है। कार्बोहाइड्रेट शरीर मे फैट जमा होने वाली जगहों पर जाने के बजाय ग्रोथ को बढ़ावा देने वाले हिस्से मे पहुँचते हैं। और जब ये कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन के सोर्स के साथ मिलते हैं तब आपकी मसल्स को बेस्ट आहार मिलता है। कार्बोहाइड्रेट्स इंसुलिन का लेवल बढ़ा कर आपके मसल्स मे अमीनो एसिड पहुंचाते हैं। यह एनबोलीक हरमीन ड्राइव न्यूट्रीएंट्स को मसल सेल्स तक पहुंचाता है और मसल्स के ग्रोथ की प्रक्रिया को फास्ट करता है।

रखे हाइड्रेशन का ध्यान
दिन भर खूब सारा पानी लें। खासतौर से तब जब आप वर्कआउट कर रहे हों। इससे आपको पेट भरा होने का एहसास होगा और भूख कंट्रोल मे रहेगी। ट्रेनिंग के दौरान हर आधे घंटे मे कम से कम 1 गिलास पानी लें। अगर गर्मी या हयुमिड हो तो इसकी मात्रा बढ़ा भी सकते हैं। अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो शरीर मे जैसे ही 1% से 2% पानी की कमी होगी, वर्कआउट करने की आपकी क्षमता प्रभावित होने लगेगी। और अगर आप पानी पीने के लिए प्यास लगने तक का इंतेजार करेंगे तो देर हो जाएगी। आप पानी की जगह फ्रेश फ्रूट जूस भी ले सकते हैं। लिक्विड ठंडा करके लें, क्योंकि कई स्टडीज़ मे देखा गया है कि लोग तब ज्यादा लिक्विड  लेते हैं जब वह ठंडा हो।

हर किसी मे अलग दिखता है मास गेन
आप और आपके दोस्त दोनों एक साथ, एक ही तरह का वर्कआउट करते हैं, एक ही ट्रेनर की सलाह मानते हैं। फिर भी आपका मास गेन आपके दोस्त से कम क्यूँ होता है। यह सवाल कई लोगों के दिमाग मे उठता होगा। यह समझना बेहद जरूरी है कि हर किसी के शरीर की बनावट अलग है। तो मास ग्रोथ एक समान कैसे हो सकती है। शरीर के साइज और जिम के अनुभव का इसपर काफी असर पड़ता है। ऐसे मे यह ध्यान रखें कि आप मसल्स गेन करें फैट नहीं। इसके साथ ही डेली मिरर के सामने फिजीक मे चेंगेज का अंदाजा लगाने के बजाय महीने मे दो बार इंचटेप से कमर और हिप का माप लें। जो बढ़ना नहीं चाहिए। अपने बाइसेप्स,चेस्ट और क़्वैड्स का माप भी लें। इससे आप अपने मास ग्रोथ पर सही नजर रख सकेंगे। यह उम्मीद बिलकुल न लगाएँ कि आपकि मसल्स हर बार एक समान रूप से बढ़ी होंगी। इसकी ग्रोथ हर बार एक जैसी नहीं हो सकती है।

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