शरणार्थी व प्रवासी बच्चों की मौत चिंताजनक-युनिसेफ

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कुछ समय पहले समुद्र तट पर प्रवासी बच्चे की लाश मिली तो दुनिया के हर कोने मे लोगों का दिल भर आया और लोगों ने इसे दुखद बताते हुए अपनी प्रतक्रिया दी। इसी कड़ी मे अब दुनिया भर मे बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था युनिसेफ (UNICEF) ने भी कड़े कदम उठाने का निर्णय किया है। पिछले तीन महीनों मे मेडिटेरियन सागर को पार करते हुए प्रवासीयों की मौतों का बढ़ता आंकड़ा चिन्ताजनक है। इन्ही आंकड़ों मे बच्चों की भी लगभग 190 मौतों की पुष्टि होती है। जिस पर युनिसेफ (UNICEF) ने चिंता जताई है। इसी के चलते मालटा में UNICEF ने यूरोपियन युनियन के सदस्यों की मींटीग बुलाई है।

आंकड़ो के अनुसार नवम्बर 2016 से जनवरी 2017 तक लगभग 1354 प्रवासीयों की डुबने से मौत हुई। जसमे 1191 मौतें सिर्फ लिबिया और इटली के बीच मेडिटेरयन सागर को पार करते हुई। जो कि 2015-16 मे हुई प्रवासीयों की मौतों से 3 गुना ज्यादा है। वही पूरा यूरोप ठंड की चपेट मे है जो अन्य प्रवासी मार्गों को भी दुर्गम बना रहा है, जिस कारण मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।

3 फरवरी को होने वाले यूरोपियन युनियन के 28 सदस्यों के समिट मे प्रवासीयों और शरणार्थी का संकट अहम मुद्दा होगा।

UNICEF के डिप्टी एक्जीकिटिव डाइरेक्टर जस्टिन फोरसिथ के अनुसार नॉर्थ अफ्रीका से इटली जाने के मार्ग पर गायब होते बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं जो कि प्रवासी बच्चों के लिए बड़ा खतरा है। इस कारण मेडिटेरियन के दोनों तरफ की सरकोरों के लिए जरूरी है कि वे इनकी सुरक्षा का इंतजाम करें।
उन्होने आगे कहा कि समिट मे लिए फैसलों से लिबिया मे फसे हजारों बच्चों की जिंदगी या मौत का फैसला होगा।

सुरक्षा रणनितीयां जिन पर चर्चा होगी

-बच्चो को उत्पीड़न और ट्रौफिकिंग से बचाया जाए
-बच्चो को वापस लिबिया भेजने से पहले सारी उनकी सुरक्षा योजनाएं पहले ही तय की जाए।
-लिबिया मे पहले से मौजूद बच्चो के लिए भी पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।
-लिबिया मे ही चाईल्ड केयर सेंटर जिनमें बच्चो के लिए स्वास्थय और शिक्षा का इंतजाम किया जा सकें।
-रीसेटलमेंट और फैमिली युनिफिकेशन प्रोर्गाम चलाएं जिस कारण शरणार्थी और प्रवासी लोग अपराध की ओर न बड़ें।

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TagsUNICEF

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