प्रेग्नेंसी में ऐसा बिलकुल न करें

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what not to do during pregnancy
प्रेग्नेंसी (Pregnancy) पूरे परिवार के लिए अनमोल खुशी लेकर आती है, लेकिन इसके साथ खास जिम्मेदारियाँ भी आती हैं, खासतौर से प्रेग्नेंट महिला के लिए। क्यूंकी उनको अगले 9 महीने तक अपने गर्भ के भीतर एक नए जीवन का सृजन करना होता है। ये 9 महीने न सिर्फ आने वाले बच्चे के लिए बल्कि माँ के लिए भी भविष्य के स्वास्थ्य की नींव बनते हैं। ऐसे मे इस दौरान बहुत सारी बातों का ध्यान (precautions) रखना पड़ता है। आइये जानते हैं इस दौरान कौन सी बातों का ध्यान रखना होता है सबसे ज्यादा जरूरी:
1- भारी वज़न ना उठाएं। अक्सर डॉक्टर प्रेग्नेंट महिला को 10 किलो से अधिक वजन न उठाने की सलाह देते हैं।

2- बहुत देर तक ना खड़े रहे। यदि आपको किचन में बहुत देर तक खड़ा होना पड़ता है तो वहां एक कुर्सी रख लें।

3- सीढ़ियां जरूर चढ़ें-उतरें, मगर बेहद सावधानी के साथ और धीरे-धीरे।

4- बहुत ज्यादा हील वाली सैंडल या चप्पल ना पहनें। क्योंकि इससे आपके पैर मुड़ने का खतरा रहेगा और आप गिर सकती हैं।

5- इन्फेक्शन से बचाव के लिए बाहर का खाना खाने से बचें। गर्भस्थ शिशु की सेहत के लिए अजीनोमोटो और प्रिजरवेटिव वाली चीजें बिलकुल न खाएं। चाइनीज खाने मे टेस्ट बढ़ाने के लिए अक्सर अजीनोमोटों का इस्तेमाल किया जाता है। ग्रिल्ड नॉनवेज खाने से भी बचें। अधपका माँस इन्फेक्शन की वजह बन सकता है।

6- ज्यादा तला-भुना और मसालेदार न खाएं, इससे गैस और कब्ज की समस्या हो सकती है।

7- प्रेग्नेंसी मे डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी दावा का इस्तेमाल ना करें. यहाँ तक कि छोटी -मोटी बीमारियों के लिए भी खुद से दवा ना लें।

8- प्रेगनेंसी के दौरान कम से कम यात्रा करें। आरामदायक वाहन मे ही सफर करें।

9- ऐसा कोई काम ना करें जिसमे आपको अत्यधिक तनाव का सामना करना पड़े।

10- इस दौरान आरामदायक कपड़े पहने।

11- यह सुनिश्चित करें कि बाथरूम में फिसलन न हो। खड़े होकर ना नहाएं।

12- प्रेग्नेंसी मे स्मोकिंग और अल्कोहल से पूरी तरह बचें। इतना ही नहीं बच्चे की सेहत के लिए पैस्सिव स्मोकिंग से भी बचाव करें।

13- अपने पालतू जानवरों के मल से बचें। इनमे पेरासाईट हो सकता है जो भ्रूण के मस्तिष्क को डैमेज कर सकता है।

14-पहले तीन महीने तेज गंध के बीच ना जाएं, इससे आपको मितली, उल्टी, होने के खतरे बढ़ सकते हैं।

15- ऐसी कोई एक्टिविटी ना करीं जिसमे गिरने का खतरा हो.

16- बिना डाक्टरी सलाह के कोई व्यायाम ना करें.

17- आमतौर पर एक शिशु को 300 कैलोरी की आवश्यकता होती है, इसलिए कम से कम इतनी कैलोरिज़ और लें. ये भी ध्यान रखें की कहीं आप जरूरत से ज्यादा तो नहीं खा रही हैं।

18- प्यासे ना रहे। समय समय पर पानी पीते रहे।

19- अपने पालतू जानवरों के मल से बचें. उनमें Toxoplasma gondii नामक एक harmful पेरासाईट हो सकता है जो foetus के मस्तिष्क को damage कर सकता है।

20- पहले तीन महीने तेज गंध के बीच ना जाएं, इससे आपको मितली, उल्टी, होने के chances कम होंगे।

21- उछल-कूद बिलकुल ना करें. ऐसी कोई activity ना करें जिसमे गिरने का खतरा हो।

22- बिना डाक्टरी सलाह के कोई व्यायाम ना करें।

23- कम ना खाएं. आप usually जितना खाती हैं उससे अधिक खाएं. आमतौर पर एक शिशु को 300 कैलोरी की आवश्यकता होती है, इसलिए कम से कम इतनी कैलोरिज़ और लें. ये भी ध्यान रखें की कहीं आप जरूरत से ज्यादा तो नहीं खा रही हैं।

24- गरम पानी से भरे bath tub में ना नहाएं. खासतौर पे पहले महीनो में. इससे body के अन्दर का temperature बढ़ जाता है, जो बच्चे को बुखार होने जैसा होता है. ऐसा करने से बच्चा birth defects के साथ पैदा हो सकता है.

25- प्यासे ना रहे. समय समय पर पानी पीते रहे। Dehydrated होने पर premature delivery का खतरा होता है।

26- पेट के बल ना सोएं।

27- गर्भावस्था के दौरान X-Ray से दूर रहे।

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