क्यू कठिन है पीसीओएस की जांच?

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15 % से भी अधिक महिलाए पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (polycystic ovary syndrome) यानि पीसीओएस से पीडित हैं, जिसमे अनियमित पीरियड, चेहरे पर सामान्य से अधिक बाल, मुहाँसे और गर्भधारण मे समस्या जैसे तमाम सिम्टम सामने आते हैं। अगर इसका पता लगाकर इलाज नहीं किया जाए तो टाइप-2 डायबीटीज और एंड्रोमेट्रिक कैंसर होने का खतरा भी बना रहता है।

इसकी खोज को 80 साल बीत जाने के बावजूद आज भी इसकी जांच का कोई परफेक्ट तरीका, 100% इलाज या इसकी सही वजह की जानकारी सामने नहीं आई है । ऐसे मे दुनिया भर के एक्सपर्ट इस बारे में और रिसर्च की वकालत कर रहे हैं ।

अलग-अलग महिलाओ में इसके अलग सिम्टम नजर आते हैं ऐसे मे इसकी पहचान कठिन होती है । यहाँ तक कि कुछ महिलाओ में सिस्ट होते हैं तो कुछ मे ये भी नहीं होते हैं ।

रिसर्चर्स ने यह जानने की कोशिश की कि क्या ये सिस्ट होने पर हर किसी मे हार्मोनल समस्या होती ही है, जो कि मेल हर्मोंस की अधिकता के रुप मे नजर आती है । कुछ लोगो का मानना है कि मोटपा पीसीओएस की एक वजह है । वही कुछ लोगो का मानना है कि जिन महिलाओ मे जेनेटिक रुप से पीसीओएस होने का खतरा होता है उनमे अगर मोटापा भी हो तो स्थिति और खराब हो सकती है ।

किसी भी महिला को पीसीओएस है यह निश्चित करने के लिए उनमें कम से कम ये 3 सिम्टम जरुर होने चाहिए: मेल हार्मोन बहुत ज्यादा होना, अनियमित पीरियड्स और गर्भाशय मे 12 या इससे अधिक सिस्ट होना। कुछ डॉक्टर बीमारी की पहचान के लिये अल्ट्रासाउंड कराते हैं तो कुछ लोग सिर्फ सिम्टम्स के अधार पर इसकी पहचान करते हैं।

अपने डॉक्टर से जरुर जाने इन सवालो के जवाब:
1-पीसीओएस होने पर साल मे कितनी बार महिला का पीरियड होना चाहिये? अगर किसी को साल मे 8 बार से कम बार पीरियड होता है तो यह पिसिओएस का सिम्टम हो सकता है ।
2-अगर मैं गर्भधारण करना चाहूँ तो क्या? दरअसल पीसीओएस के कुछ ट्रीट्मेंट प्रेंगेंसी को रोकते हैं तो कुछ इसे प्रमोट करते हैं।
3- कौन से ट्रीट्मेंट से मुझे पीसीओएस से होने वाली तकलीफ से राहत मिलेगी? लेकिन इस बात क ध्यान जरुर रहे कि कि भी ट्रीट्मेंट सारे सिम्टम्स से राहत नही दिला सकता है ।
4-क्या यह सब किसी और कारण से हो सकता है? जैसे कि थायरॉइड डिसॉर्डर, एड्रिनॉल हाइपरप्लेसिया और कुशिंग्स सिंड्रोम आदि मे भी इस तरह के सिम्टम्स सामने आते हैं ।

इलाज के विकल्प
उन यंग महिलाओ को डॉक्टर ओरल कंट्रासेप्टिव पिल लेने की सलाह दे सकते हैं जिन्हे मुन्हासो की समस्या है और जल्दी प्रेंग्नेंट नहीं होना चाहती हैं । उन महिलाओ को जिनमे इंसुलिन रेजिस्टेंस के सिम्टम नजर आ रहे हैं उन्हे डायबीटीज की दवा दी जा सकती है । जो महिलाए जल्दी प्रेग्नेंट होना चाहती हैं उन्हे डॉक्टर ओवुलेशन को प्रमोट करने वाली दवा लेने की सलाह देते हैं।
सीनियर गायनेकॉलजिस्ट डॉ. नीरा अग्रवाल कहती हैं कि यह हमेशा याद रहे कि पीसीओएस इंफर्टिलिटी से जुडी एक ऐसी समस्या है जिसका इलाज सबसे आसान है।

हालांकि इस बीमारी के इलाज के लिए अब तक कोइ एक निश्चित दवा उपलब्ध नही हुई है। इसके लिए अभी लम्बा इंतजार करना पड सकता है। हालांकि ऐसी दवा की उपलब्धता के साथ ही इसका नाम भी बदल जायेगा।

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