यह वुमन्स डे हो आपकी सेहत के नाम

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अब दुनिया अकेले पुरूषों के बूते नहीं चलती है। महिलाएं भी वह सब कर रही हैं जो आजतक सिर्फ पुरूष करते आए हैं। समय के साथ उनकी भूमिकाएं और बड़ी और विस्तृत हो गई हैं, जिसमें उनकी प्रोफेशनल भूमिकाएं भी शामिल हो गई हैं। आप भी इसी दौर का हिस्सा हैं। ऐसे मे दोहरी ज़िम्मेदारी को सही ढंग से निभाने के लिए आपको अपनी सेहत (health) की दोगुना देखभाल करनी चाहिए। इसकी शुरुआत क्यूँ न महिला दिवस (Women’s day) से की जाए:

जीवन भर रखें इन बातों का ध्यान
किसी भी टाइम खाना न भूलें: रोज तीन बार खाना जरूर खाएं और इसके बीच-बीच में कुछ स्वास्थ्यवर्धक चीज खाते रहें। इस दौरान फल अथवा सलाद ले सकती हैं। अगर आप कुछ नहीं खाएंगी तो भूखी रहेंगी और जब मौका मिलेगा तब कुछ अनहेल्दी और अधिक मात्रा में खा लेंगी। इसके लिए बस थोड़ी सी योजना बनाने की जरूरत है। अगर स्वस्थ और संतुलित आहार लेंगी तो आपको जीवन भर लहराते बाल, चमकदार त्वचा और परफेक्ट शेप का उपहार मिलेगा।

कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और फाइबर का इस्तेमालः कार्बोहाइड्रेट वाले आहार से पूरी तरह परहेज आपके लिए ठीक नहीं है। कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट वाला आहार जिसमें खूब सारा फाइबर हो वह लें। यह धीरे-धीरे शरीर में एब्जॉर्ब होता है और इससे उर्जा मिलती है। इसके अलावा ऐसी चीजों में मिलने वाला फाइबर भूख कम करता है आपको जरूरत से ज्यादा खाने से रोकता है में मिलेगी। चावल] होल ग्रेन ब्रेड, बींस, फल व सब्जियां कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट के बेहतरीन स्रोत होते हैं जिनमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है।

जरूरी मात्रा में फैट लें: एक चीज जिसको लेकर महिलाएं काफी गलत सोचती हैं खासतौर से वे महिलाएं जो अपने वनज को लेकर सतर्क होती हैं वह है फैट। परफेक्ट शेप में रहने के लिए अक्सर वे ऐसी चीजें खाती हैं जिसमें फैट बिल्कुल न हो लेकिन ऐसा करते हुए वे यह भूल जाती हैं कि इससे उनकी त्वचा में रूखापन आ सकता है। यहां तक कि अगर वे फैट लेती भी हैं तो यह लो फैट उत्पादों के रूप में होता है। और लो फैट चीजों के साथ समस्या यह है कि इनमें फैट की जगह स्टार्च होता है जो कि शुगर का ही एक रूप है। ऐसे में परिणामों में भी कोई फर्क नहीं होता। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि सिर्फ लो फैट को टैग देखकर कुछ भी खरीदने से पहले उत्पाद का लेबल अच्छी तरह से पढ़ें। फैट की कमी को पूरा करने के लिए बादाम और अखरोट खाना सबसे बेहतरीन विकल्प होता है। आपकी कुछ कैलोरी का 15 से 20 फीसदी हिस्सा फैट से आना चाहिए।

शुगर का इस्तेमाल कम करे: बहुत ज्यादा शुगर वाली चीजें खाने से आपको आलस आएगा और हर समय भारीपन महसूस होगा। वजन बढ़ने और चेहरे पर मुहासे व दाग होने की भी यह एक बड़ी वजह है। खाने के बाद चॉकलेट, केक, डेजर्ट व अन्य मीठी चीजों के इस्तेमाल से बचें। अगर खाने के बीच में लंबा गैप होगा तो मीठी चीज की भूख बढ़ेगी। ऐसे में तीन बार के परंपरागत भोजन के अलावा बीच-बीच में थोड़ा-थोड़ा कुछ खाते रहें। आप सफेद चावल और ब्रेड की जगह ब्राउन का इस्तेमाल कर सकती हैं।

कैल्शियम व आयरन पर्याप्त मात्रा में लें: महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा अधिक होता है, ऐसे में उन्हें अपनी हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम लेना चाहिए। बींस, ब्रोली, अंकुरित अनाज और कोलार्ड ग्रीन एवं केला पौधों से मिलने वाले बेहतरीन कैल्शियम के स्रोत हैं। महिलाओं के लिए आयरन भी बेहद महत्वपूर्ण है खासतौर से माहवारी के दौरान। आयन के लिए लीन रेड मीट, डार्क पॉल्ट्री, दालें, साग, आयरन फोर्टिफाइड सीरियल और बादाम खाएं।

बहुत ज्यादा प्रोटीन से बचें: प्रोटीन शरीर के लिए महत्वपूर्ण होता है लेकिन महिलाओं के लिए जानवरों से आने वाले कैल्शियम का अत्यधिक मात्रा नुकसानदेय हो सकती है क्योंकि इससे शरीर में कैल्शियम कम हो सकता है और उनकी हड्डियों की सघनता कम हो सकती है। ऐसे में महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे मछली, बिना त्वचा वाला चिकन, लो फैट डेयरी उत्पाद और पौधों से आने वाले प्रोटीन के स्रोत यानी बींस नट्स, बीज, मटर, टोफू और सोया से बनी अन्य चीजें खाएं न कि रेड मीट और प्रॉसेस्ड मीट।

तनाव से बचें: जीवनशैली में बदलाव लाकर आप तनाव कम कर सकती हैं। कम से 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लें। व्यवस्थित रहें, चीजों को योजनाबद्ध तरीके से निबटाएं। लैवेंडर, कैमोमिल टी, तुलसी, मुलेठी कुछ ऐसे हर्ब्स हैं जो तनाव कम करते हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड हार्ट अटैक के खतरे को कम करता है, तनाव और डिप्रेशन से राहत दिलाता है। इसके लिए तीसी के बीज, बिना नमक वाला पिस्ता, अखरोट, बादाम, सैल्मन और टूना मछली खाएं।

कनिका मल्होत्रा
सीनियर क्लीनिकल न्यूट्रीश्निष्ट
हेल्थकेयर ऐट होम

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