पैर भी बताते हैं आपकी सेहत का हाल!

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ठंडे पैर: अगर आपके पैर हमेशा ठंडे रहते हैं, तो इसकी एक वजह ब्लड फ्लो ठीक न होना भी हो सकता है-यह एक सर्कुलेटरी प्रॉबलम है जो आमतौर पर स्मोकिंग, हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट डीजीज से होता है। अनियंत्रित डायबीटीज़ के चलते नस डैमेज होने से भी ऐसा हो सकता है। इसकी अन्य संभावित वजहों मे हाइपोथायरॉयडिज़्म और एनीमिया भी हो सकता है। आपके डॉक्टर इसकी सही वजह बता सकते हैं।

पैरों मे दर्द: दिन भर की भागदौड़ के बाद जब आपके पैरों मे दर्द होता है तो अक्सर आप इसका दोष अपने जूतों पर मध देते हैं। क्योंकि हर 10 मे से 8 महिलाओं की यह शिकायत रहती है कि उनके पैरों कि समस्या की वजह हैं। लेकिन अगर आप हाई हील वाली सैंडल नहीं पहनती हैं फिर भी दर्द होता है तो इसकी वजह स्ट्रेस फ्रैक्चर या हड्डी मे एक छोटा क्रैक हो सकता है। एक संभावित वजह: गंभीर एक्सरसाइज जैसे कि बास्केट बॉल और लंबी दौड़ हो सकती है। ओस्टियोपोरोसिस से हड्डियों मे होने वाली कमजोरी भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है।

उँगलियों का लाल, सफ़ेद या नीला पड़ना: रेनौड्स डीजीज (Raynaud’s disease) उँगलियों के पहले सफ़ेद फिर नीला फिर लाल और फिर वापस सामान्य रंगत मे वापस आ जाने जैसे लक्षण रेनौड्स डीजीज मे दिखते हैं। इस बीमारी की एक वजह अचानक नसों का संकरा हो जाना जिसे वैसोस्पाज़्म (vasospasms) कहते हैं, हो सकता है। रेनौड्स रुमेटोइड आर्थराइटिस या थायराइड से संबन्धित भी हो सकता है।

एड़ियों मे दर्द: इसकी सबसे आम वजह है एड़ियों की हड्डी के जोड़ के पास लिगामेंट मे इन्फ़्लेमेशन। जब आप उठकर पहली बार जमीन पर पैर रखते हैं और एड़ियों पर दबाव पड़ता है, उस समय दर्द ज्यादा तेज हो सकता है। आर्थराइटिस, बहुत ज्यादा एक्सरसाइज और खराब फिटिंग वाले जूते भी एड़ियों मे दर्द का कारण हो सकते हैं। इसकी कुछ अन्य असामान्य वजहों मे एड़ी के नीचे गांठ, बोन इन्फेक्शन, ट्यूमर या फिर फ्रैक्चर हो सकता है।

पैरों मे सूजन: अगर ऐसा टेम्प्रेरी तौर पर होता है तो इसकी वजह, लंबे समय तक खड़े रहना, लंबी दूरी की हवाई यात्रा करना-खासतौर से प्रेग्नेंट महिलाओं के मामले मे, होती है। लेकिन अगर किसी के पैरों मे लगातार सूजन बनी रहे तो यह गंभीर मेडिकल कंडीशन का लक्षण हो सकता है। ऐसा खराब ब्लड सर्कुलेशन, लासिका प्रणाली (lymphatic system) की समस्या या ब्लड क्लॉट के चलते हो सकता है। किडनी डिसोर्डर या थायराइड भी पैरों के सूजन की वजह हो सकती है। अगर आप के पैरों मे लगातार सूजन रहती है तो डॉक्टर से सलाह लें।

पैरों मे जलन: डायबीटीज़ की वजह से नस डैमेज होने पर पैरों मे जलन महसूस होना आम बात है। ऐसा विटामिन बी की कमी, किडनी की पुरानी बीमारी, पैरों मे ब्लड सर्कुलेशन ठीक ढंग से नहीं होने अथवा हाइपोथायरायडिज़्म के चलते भी हो सकता है।

घाव जो आसानी से भरते नहीं: अगर पैरों मे लगी चोट आसानी से न भरे तो डायबीटीज़ की जांच तुरंत कराएं। डायबीटीज़ मे पैरों की संवेदना जाम हो सकती है, ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है और ऐसे मे एक छोटी सी चोट भी बड़े इन्फेक्शन मे बदल सकती है। डायबीटीज़ के मरीजों को रोज अपने पैरों को ध्यान से देखना चाहिए और इनकी रोजाना अच्छे से सफाई करनी चाहिए।

अंगूठे मे दर्द: अंगूठे मे अचानक दर्द की एक आम वजह गठिया है। इसमे अंगूठा लाल होकर सूज भी जाता है। दर्द और सूजन की दूसरी वजह आस्टियोआर्थराइटिस है। चोट लगने या नाखून के नीचे की तरफ स्किन मे धंसा हुआ होने की वजह से भी दर्द हो सकता है।

छोटी उंगली मे दर्द: अगर आपको ऐसा महसूस होता है कि आप मार्बल के ऊपर चल रहे हैं, अथवा उंगली मे जलन के साथ दर्द हो रहा है तो आपको मोर्टन न्युरोमा (Morton’s neuroma) हो सकता है। इसमे नस के अस्स-पास की टिश्यू मोटे हो जाते हैं, खासतौर से तीसरी और चौथी उंगली के बीच। यह पुरुषों के मुक़ाबले महिलाओं मे 10 गुना ज्यादा होता है। ऐसा चोट लगने अथवा उंगली पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ने से होता है।

पैरों मे खुजलाहट: पैरों की स्किन मे खुजली होना या पपड़ी पड़ना एथलीट फुट (athlete’s foot) की वजह से हो सकता है। ऐसा केमिकल या स्किन केयर प्रॉडक्ट के रिएक्शन से भी हो सकता है, जिसे डर्मेटाइटिस कहते हैं। अगर पैरों की स्किन मोटी हो जाती है, पिंपल जैसे तो इसकी वजह सोराइसिस (psoriasis) हो सकती है, जो कि इम्यून सिस्टम का एक ओवर रिएक्शन है। ऐसे मे कोई मेडिकेटेड क्रीम राहत दिला सकती है।

चम्मच जैसी शेप वाले नाखून: कई बार चोट लगने अथवा नाखूनों के लगातार पेट्रोलियम बेस्ड विलायक (solvents) के संपर्क मे रहने से इनमे खोखलापन आ सकता है या नाखून चम्मच की शेप मे आ सकते हैं। नाखूनों की इस असामान्य शेप की वजह आयरन की कमी भी हो सकती है।

सफ़ेद नाखून: नाखून मे चोट या किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या इसकी वजह हो सकती है। अगर पूरा नाखून या इसका कोई भी हिस्सा नाखून के बेड यानि स्किन से अलग हो जाता है तो यह सफ़ेद पड़ सकता है। ऐसा चोट, नाखूनों के इन्फेक्शन या सोराइसिस के चलते भी हो सकता है। कई बार यह लीवर डीजीज, कंजेस्टिव हार्ट फेलियर या किडनी डीजीज जैसी गंभीर बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। ऐसे मे अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

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