मोतियाबिन्द की 100% ब्लेडरहित सर्जरी में सफलता

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Narangदिल्ली के सुपर स्पेशलटी नेत्र संस्थान नारंग आई इन्सटीट्यूट ने मोतियाबिंद की 100 फीसदी ब्लेडरहित सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देने का दावा किया है। नारंग आई इन्सटीट्यूट के डायरेक्टर डॉ अर्जुन नारंग मोतियाबिंद की 100 फीसदी ब्लेडरहित सर्जरी करने वाले देश के सबसे कम उम्र के डॉक्टर बन गये हैं।
72 साल के लालजी की की दोनों आंखों में अडवान्स्ड कैटेरेक्ट (मोतियाबिन्द) था। डॉ. अर्जुन ने 100 फीसदी ब्लेड रहित सर्जरी- कैटेलिस प्रेसिज़न लेज़र सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए उनकी दोनो आंखो का ऑपरेशन किया। जो पूरी तरह से कामयाब रहा है।
डॉ. अर्जुन नारंग का कहना है कि फेम्टोसैकण्ड लेज़र एक अत्याधुनिक तकनीक है जिसका इस्तेमाल मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए किया जाता है। इसमें कैटेलिस प्रेसिज़न लेज़र सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है जो उन मरीज़ों के लिए बेहद फायदेमंद है जो निकट भविष्य में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाना चाहते हैं। फेम्टोसैकण्ड के इस्तेमाल में परिणाम कई गुना सटीक होते हैं। इस तरह अधिकतम सुरक्षा और सटीकता के साथ मरीज़ का ऑपरेशन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि फेम्टोसैकण्ड तकनीक पिछले 25 सालों में सबसे आधुनिक और नया आविष्कार है। इसमें सूई या ब्लेड के इस्तेमाल के बिना माइक्रोन स्तर की सटीकता होती है। इसमें लैंस निकालने या मोतियाबिंद की सर्जरी मात्र एक पिन से की जाती है, जो लेज़र सर्जरी के मौजूदा विकल्पों की तुलना में कहीं बेहतर है। मोतियाबिंद का ऑपरेशन फेम्टोसैकण्ड लेज़र प्रोद्यौगिकी की मदद से किया जाता है जिसे फेम्टोसैकण्ड ब्लेडलैस कैटेरेक्ट सर्जरी कहा जाता है। इसे लेज़र कैटेरेक्ट सर्जरी भी कहा जाता है।
फेम्टोसैकण्ड लैंस रीयल टाईम वीडियो इमेजिंग उपलब्ध कराता है जो ओसीटी समेकित है। यह सर्जरी के दौरान आंख का त्रिआयामी व्यू देता है। कर्व्ड पेशेन्ट इन्टरफेस के चलते यह मरीज़ के लिए बेहद अनुकूल है। यह पूरी प्रक्रिया को मरीज़ के लिए बेहद आरामदायक और सहज बनाता है।

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