7 टिप्स जो देंगे सर्दियों में जवां निखार

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मौसमी बदलाव न सिर्फ शरीर पर गहरा असर डालते हैं, बल्कि आपकी त्वचा को भी गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं। गर्मी से सर्दी की शुरूआत हो अथवा सर्दी के बाद गर्मी का आना, त्वचा को परेशानी दोनों ही हालत में होती है। इस दौरान त्वचा और शरीर संक्रमण के लिए ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। ऐसे में त्वचा की खूबसूरती बरकरार रखने के लिए थोड़ी एक्सट्रा केयर की जरूरत पड़ती है। तो अपनाएं ये 7 टिप्स और सर्दियों मे भी पाएँ जवां निखार:

1- अब क्रीम-बेस्ड प्रॉडक्ट का करें इस्तेमाल
सर्दियों की शुरूआत के साथ ही हमें अपनी त्वचा पर इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पादों में भी बदलाव की जरूरत पड़ती है। इसमें सबसे ज्यादा जरूरी है क्रीम-बेस्ड गाढ़े मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल। तो अब अपने हल्के वॉटर-बेस्ड उत्पादों की जगह ले आएं गाढ़े उत्पाद। इसी तरह से अब आपको अपनी त्वचा से मॉइश्चर हटाने के लिए पहले से हल्के और जेंटल फेसवॉश की जरूरत होगी, ताकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी न खोए। सनस्क्रीन भी ऐसा लगाएं जिसमें मॉइश्चराइजर भी हो। जब चेहरे से मेक-अप हटा रहे हों, तब भी माइश्चराइजर युक्त क्लींजर ही इस्तेमाल करें। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है और रूखी है तो हल्के और मॉइश्चराइजिंग साबुन का इस्तेमाल करें।

2- तेल मालिश है बेस्ट
तेल से मसाज करने के लिए बोलने का मतलब यह नहीं है कि हम आपको घंटों लगाकर किए जाने वाले परंपरागत मसाज की सलाह दे रहे हैं। इसके लिए जब आप सोकर उठें तब सिर्फ 15 मिनट का समय निकालें। तेल गुनगुना करें और पूरे शरीर पर इसे लगाएं। इसे चेहरे और सिर पर भी लगाएं। इसे एक घंटा लगे रहने दें। इस बीच अपनी अन्य दिनचर्या जैसे कि अखबार पढ़ना, नाश्ता बनाना या करना आदि काम निबटा लें। अब नहाकर पूरे दिन के लिए तैयार हो जाएं। अगर आप हफ्ते में दो दिन भी इस प्रक्रिया को करें, तो भी आपकी त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ रहेगी। इसका असर सिर्फ सर्दियों तक ही नहीं इसके बाद भी आपको दिखेगा। नारियल तेल इसके लिए सबसे बेहतर और आसानी से उपलब्ध तेल है, जो त्वचा और शरीर के लिए बहुत अच्छा होता है। आप मालिश के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

3- एक्सफोलिएट करें और भाप लें
चूंकि हम सर्दियों में रूखेपन से बचाव के लिए अपनी त्वचा पर ज्यादा क्रीम और तेल लगाते हैं, इसके चलते कई बार त्वचा के रोम छिद्र बंद हो जाते हैं। इससे त्वचा को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए त्वचा को हर दस दिन में एक बार एक्सफोलिएट करने की सलाह दी जाती है। त्वचा की मृत कोशिकाएं हटाने और इसे सा करने के लिए कोई जेंटल स्क्रब लें और हाथों को गोल-गोल घुमाते हुए इसे लगाएं। महीने में एक बार भाप यानी स्टीम थेरेपी भी लें। इससे त्वचा मुलायम होगी, इसके रोमछिद्र खुलेंगे और इससे ह्वाइट हेड्स और मुहासे हट जाएंगे। ऐसी कोई भी प्रक्रिया जिससे त्वचा के रोमछिद्र खुलते हैं और मृत कोशिकाएं हटती हैं, ऐसी प्रक्रिया त्वचा को पोषण और मॉइश्चचराइजर सोखने में मददगार होती है।

4- पानी से करें प्यार
अक्सर ठंडे, बर्फीले मौसम में हम पानी कम मात्रा में पीते हैं। इस वजह से भी हमारी त्वचा में डीहाइड्रेशन बढ़ जाती है और त्वचा रूखी हो जाती है। चूंकि हमें सर्दियों में पसीना नहीं आता है, हमें प्यास लगने का एहसास भी नहीं होता है। लेकिन यह याद रखें कि आपको प्यास नहीं महसूस होने का यह मतलब कतई नहीं होता है कि आपको पानी की जरूरत कम है। अगर आपको ठंडा पानी पीना अच्छा नहीं लगता है तो इसे गुनगुना करके इस्तेमाल करें। पानी एक बार गर्म करके थर्मस में रख सकते हैं। लेकिन त्वचा में नमी बरकरार रखने और होठों को फटने से बचाने के लिए पानी बराबर पीते रहें।

5- करें सनस्क्रीन का इस्तेमाल
सिर्फ इसलिए क्योंकि इन दिनों ज्यादा तीखी धूप नहीं निकल रही, आप सनस्क्रीन का इस्तेमाल बंद नहीं कर सकते हैं। सच तो यह है कि सर्दियों में हम धूप के संपर्क में ज्यादा देर तक रहना चाहते हैं, ऐसे में हमें त्वचा को सूरज की खतरनाक किरणों से बचाने की ज्यादा जरूरत होती है। तेज धूप हो अथवा हल्की, दोनों ही मामलों में यूवी किरणें खतरनाक साबित होती हैं। यहां तक ठंड के दिनों में भी।

6- पैरों की देखभाल
अक्सर ठंड का सबसे निष्ठुर असर पैरों पर देखा जाता है। फटी एड़ियां, दुखते तलवे और सूजे व खुजलाते पैर, इस मौसम की कुछ आम परेशानियों में शामिल हैं। अक्सर हम अपने चेहरे की देखभाल के लिए हर संभव कोशिश करते हैं, मगर पैर आमतौर पर अनदेखी का शिकार हो जाते हैं। से पैर सूरज की रोशनी गर्मी के दिनों की तरह हैं। हर रोज रात में सोने से पहले पैरों पर कोल्ड क्रीम या मॉइश्चराइजर लगाएं। एड़ियों से रूखी और सख्त त्वचा को हटाने के लिए महीने में दो बार इसे एक्सफोलिएट करें। सर्दियों में गर्म और हो सके तो उनी जुराबें पहनें। हालांकि कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जिन्हें पैरों में बहुत ही ज्यादा पसीना आने की समस्या होती है। यह एक तरह की बीमारी है जिसे हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं। ऐसे लोगों को सर्दियों में भी पसीना आता रहता है। ऐसे लोगों के लिए बोटॉक्स का ट्रीटमेंट फायदेमंद होता है। यह पैरों में पसीना आना कम करके इसे सूखा रखने के लिए जादुई उपचार की तरह काम करता है।

7- बैलेंस्ड डाइट भी है जरूरी
आप अगर अंदर से स्वस्थ महसूस करेंगे तो बाहर से भी स्वस्थ दिखेंगे। यह कभी न भूलें कि अच्छी सेहत एक सेहतमंद शरीर से ही संभव है। सर्दियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को पूरी तरह स्वस्थ रखने के लिए ऐसा आहार लें जिसमें भरपूर मात्रा में विटामिन और खनिज शामिल हों। खूब सारा फल और सब्जियां खाएं। अपनी त्वचा और शरीर को भरपूर पोषण देने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड वाला आहार लें, जैसे कि मछली।

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