मेटाबोलिज़म ठीक करने के टॉप 9 तरीके

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Boost your metabolism
आपका शरीर कितनी जल्दी कैलोरी बर्न करता है, यह बात कई बातों पर निर्भर करती है। कुछ लोगों का मेटाबोलिज़म प्राकृतिक रूप से अच्छा होता है। इसलिए उनका शरीर तेजी से कैलोरी बर्न करता है। पुरुषों का शरीर महिलाओं की तुलना मे अधिक कैलोरी बर्न करता है, यहाँ तक कि आराम करते समय भी। और अधिकतर केसेज मे 40 की उम्र के बाद मेटाबोलिज़म स्लो होने लगता है। हालांकि, आप उम्र, जेंडर आदि को तो बादल नहीं सकते, लेकिन मेटाबोलिज़म ठीक करने के लिए कुछ अन्य तरीके जरूर अपना सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं इनमे से 10 खास तरीके:

मसल बिल्ड करें
आपका शरीर लगातार कैलोरी बर्न करता है, यहाँ तक कि तब भी जब आप कुछ नहीं करते हैं। जिन लोगों मे मसल ज्यादा होता है उनका रेस्टिंग मेटाबोलिज़म ज्यादा होता है। यानि आराम के समय उनका शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करता है। अगर आप अपने डेली रूटीन मे एक्सरसाइज शामिल कर लें तो न सिर्फ आपके मेटाबोलिज़म मे सुधार दिखने लगेगा। इसका असर आपको बढ़ती भूख के रूप मे नजर आएगा।

बढ़ाएँ वर्कआउट की ईंटेंसिटी
एरोबिक एक्सरसाइज बड़े मसल भले न बनाए, लेकिन वर्कआउट के कुछ ही घंटों के भीतर यह आपका मेटाबोलिज़म जरूर बेहतर कर सकता है। यानि आपका मेन फोकस खुद को पुश करने पर होना चाहिए। है ईंटेंसिटी ज्यादा फायदेमंद होगी। खासतौर से आराम के वक्त कैलोरी बर्न करने के मामले मे। ज्यादा फायदे के लिए अधिक इंटेन्स एक्सरसाइज करें और जॉगिंग को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाएँ।

पानी की फुल डोज़ लें
कैलोरी को प्रोसेस करने के लिए आपके शरीर को पानी चाहिए होता है। अगर आप मामूली रूप से भी डीहाइड्रेटेड होते हैं तब भी आपका मेटाबोलिज़म स्लो हो जाता है। कई स्टडीज़ मे यह पाया गया है कि रोज 4 गिलास पानी पीने वालों के मुक़ाबले उन लोगों का शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करता है जो लोग दिन मे 8 गिलास पानी पीते हैं। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए हर मील या स्नैक के साथ एक गिलास लिक्विड जरूर लें। इसके साथ ही स्नैक्स मे चिप्स और फ्राइज जैसी चीजों की जगह फल व सब्जियाँ खाएं, जिनमे प्राकृतिक रूप से काफी पानी होता है।

स्मार्ट स्नैक्स पर करें यकीन
बार-बार, थोड़ा-थोड़ा खाने से आपको वजन घटाने मे मदद मिलती है। अगर आप एक साथ बहुत सारा खाना खाते हैं और दो मील के बीच मे लंबा गैप रखते हैं तो इस टाइम मे आपका मेटाबोलिज़म स्लो हो जाता है। हर दो-तीन घंटे बाद थोड़ा-थोड़ा कुछ खाते रहें। इससे आपका मेटाबोलिज़म एक्टिव रहेगा और आप अधिक कैलोरी बर्न कर पाएंगे। यह भी देखा गया है कि जो लोग थोड़े अंतराल मे स्नैक्स लेते रहते हैं वे मील टाइम मे कम खाते हैं।

खाने मे मसालों का ट्विस्ट
पढ़ कर थोड़ा अटपटा लग रहा होगा, लेकिन यह सच है। स्पाइसी खाने मे ऐसे प्राकृतिक केमिकल होते हैं जो मेटाबोलिज़म को हायर गियर मे ले जाते हैं। खाने मे एक चम्मच कटी हुई हरी या लाल मिर्च मिलकर पकाएँ, फिर देखें कैसे आपका मेटाबोलिज़म बढ़ जाता है। इसका असर आमतौर पर टेम्परेरी होता है, लेकिन बीच-बीच मे स्पाइसी चीजें खाने से आपको काफी फायदा होगा। इसे आसान बनाने के लिए आप ब्लैक पेपर पाउडर और चिली फ़्लेक्स किचन मे रख ले। इससे आप अपने हेल्दी सूप, पास्ता या सलाद जैसी चीजों मे मिलकर टेस्ट मे ट्विस्ट ल सकते हैं।

प्रोटीन का पावर है जरूरी
अगर आप खाने मे फैट या कार्बोहाइड्रेट की तुलना मे प्रोटीन अधिक लेते हैं तो आपका डाइजेशन ठीक रेहता है। एक बैलेंस डाइट के रूप मे कार्बोहाइड्रेट के एक हिस्से को लीन प्रोटीन से रिप्लेस करें। प्रोटीन के अच्छे सोर्स हैं फिश, व्हाइट मीट चिकन, अंडे, टोफू, बीन्स, नट्स, टर्की और लो फैट डेयरी प्रॉडक्ट।

ग्रीन टी से हो जाएँ रीचार्ज
ग्रीन टी या ऊलाँग टी (एक चाइनीज चाय, जिसकी पत्तियों को सुखाने से पहले फरमेंट किया जाता है) पीने के बाद कुछ घंटों के लिए आपका मेटाबोलिज़म बढ़ जाता है। एक्सरसाइज के दौरान दो से तीन कप ग्रीन टी पीएं।

क्रैश डाइट से बचें
क्रैश डाइट का मतलब है, अगर आप महिला हैं तो 24 घंटे मे 1200 कैलोरी से कम और अगर पुरुष हैं तो 1800 कैलोरी से कम खाना। यह आदत हर उस व्यक्ति के लिए नुकसानदेय है जो अपना मेटाबोलिज़म ठीक करना चाहते हैं। हाँ यह जरूर है कि, इससे आप कुछ किलो वजन जरूर कम कर सकते हैं, लेकिन यह अच्छे न्यूट्रीशन के साथ समझौते की कीमत पर होगा। इसका नतीजा यह होता है कि आपका शरीर कम कैलोरी बर्न करने की आदत डाल लेता है और आपका वजन पहले की तुलना मे तेजी से बढ़ता है।

सोर्स: द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन

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