अपोलो ने दी प्रो. आरवीएस यादव को श्रद्धांजलि

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इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पीटल्स ने आज चौथे आरवीएस यादव स्मारक व्याख्यान का आयोजन राजवीर सिंह यादव फाउंडेशन के साथ मिलकर किया। इसमें सिंध इंस्टीट्यूट ऑफ यूरोलॉजी एंड ट्रांसप्लांटेशन, कराची, पाकिस्तान के प्रमुख प्रो आदिब रिज्वी ने पेडियैट्रिक किडनी ट्रांसप्लांटेशन इन इमर्जिंग इकनोमिक्स पर अपने विचार रखे।

इस सत्र को श्री जयदीप गुप्ता, प्रबंध निदेशक, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पीटल्स ने पद्मश्री प्रो आरवीएस यादव को चिकित्सा के क्षेत्र में उनके प्रशंसनीय योगदान के लिए श्रद्धांजलि दी। आयोजन के दौरान इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पीटल्स में सीनियर कंसलटैंट, पेडियैट्रिक सर्जरी और चेयरपर्सन – राजवीर सिंह फाउंडेशन डॉ. कृष्णा यादव तथा डॉ. संदीप गुलेरिया, सीनियर कंसलटैंट व सर्जन, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पीटल्स का सम्मान किया गया।

इस मौके पर आयोजित प्रेस मीट को संबोधित करते हुए डॉ. संदीप गुलेरिया ने कहा, “इस आयोजन की मेजबानी करके हम सम्मानित और खुशी महसूस कर रहे हैं। प्रो. आरवीएस यादव भारत में ट्रांसप्लांट सर्जरी के क्षेत्र में अग्रणी लोगों में थे। इन्हें भारत के अग्रणी किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन में से एक माना जाता है। ट्रांसप्लांटेशन (प्रत्यारोपण) में इनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। अंग दान प्रत्यारोपण का एक अहम पहलू है और इस तरह के व्याख्यान अंग दान और प्रत्यारोपण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने में भूमिका निभाते हैं।”

इस आयोजन में जाने-माने ट्रांसप्लांट सर्जन, नेफ्रोलॉजिस्ट्स और अन्य मेडिकल तथा गैर मेडिकल पेशेवरों तथा दूसरे विशिष्ट लोगों ने भी हिस्सा लिया।

भारत में 1998 में पहले सफल लीवर ट्रांसप्लांट के बाद से अपोलो ट्रांसप्लांट प्रोग्राम ने बच्चों और वयस्कों में 1700 लीवर ट्रांसप्लांट किए हैं। गए साल, अपोलो ट्रांसप्लांट प्रोग्राम ने 23 देशों के मरीजों में 1456 ट्रांसप्लांट (390 लीवर, 1066 किडनी) किए और दूसरे साल दुनिया भर में सबसे व्यस्त सॉलिड ऑर्गन ट्रांसप्लांट प्रोग्राम रहा।

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