च्यवनप्राश: साइड इफेक्ट के बारे मे भी जानें

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च्यवनप्राश (Chyawanprash) एक हर्बल टॉनिक (Herbal tonic) है जिसमे तमाम फायदे हैं। यही वजह है कि नॉर्थ इंडिया मे 80% लोग सर्दियों मे च्यवनप्राश (Chyawanprash) का सेवन करते हैं। मुख्यत: आंवला से बनने वाले इस टॉनिक मे तकरीबन 49 प्रकार की जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होने की वजह से यह न सिर्फ मौसमी बीमारियों से बचाता है बल्कि बढ़ती उम्र के लक्षणों को रोकने मे भी कारगर होता है। लेकिन क्या आपने कभी इसके अन्य पहलुओं के बारे मे जाने का प्रयास किया है? आइये जानते हैं इसके स्वस्थ्य संबंधी फ़ायदों (Health benefits), इस्तेमाल के सही तरीके और साइड इफेक्ट के बारे मे:

च्यवनप्राश (Chyawanprash) के फायदे

– शरीर की कोशिकाओं पर उम्र के असर को कम करता है।

– आपकी स्किन को फ्री रैडिकल डैमेज से बचाता है।

– आपकी पाचन क्षमता बढ़ता है, जो कि अच्छी स्किन के लिए बेहद जरूरी है।

– सेक्सुअल स्टेमिना बढ़ाता है।

-याददाश्त, ध्यान और सतर्कता बढ़ाता है।

– कोल्ड और इन्फेक्शन से बचाता है और रेस्पिरेटरी सिस्टम को सुधारता है।

– ब्लड, लीवर और आंतों को फ्यूरिफ़ाई करता है।

– ब्लड  प्रेशर सामान्य रखने मे मददगार होता है।

– हेमोग्लोबिन बढ़ाता है और शरीर के मेटाबोलिज़्म को ठीक कर वजन घटाने मे सहयोग करता है।

ऐसे परखें अपने च्यानप्राश की क्वालिटी

सूंघकर- इसमे से दालचीनी, इलायची, लौंग और काली मिर्च जैसे मसालों की फ्रेश खुशबू आएगी।

टेस्ट करके- इसके स्वाद मे मिठास कम महसूस होना चाहिए।

पानी मे करें जांच- एक कटोरी मे पानी लें, उसमे थोड़ा सा च्यवनप्राश डालें। यह तुरंत पानी के सतह मे बैठ जाना चाहिए। इसके हिस्से पानी मे फैलने नहीं चाहिए।

छोटे बच्चों को न दें च्यवनप्राश

अधिकतर लोग अपने साथ-साथ बच्चों को च्यवनप्राश खिलते हैं। खासतौर से ग्रामीण इलाकों मे। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों को यह नहीं खिलना चाहिए। अगर बच्चों को दे भी रहे हैं तो एक बार मे आधा चम्मच से अधिक न खिलाएँ।

च्यवनप्राश के साइड इफफेक्ट

-कुछ लोग इसे खाने के बाद पेट मे जलन की शिकायत करते हैं। ऐसे मामलों मे गरम दूध के साथ च्यवनप्राश लेना चाहिए।

-कुछ लोग आमला की वजह से पेट खराब होने की शिकायत करते हैं।

– चूंकि इसमे काफी अधिक मात्रा मे शुगर का इस्तेमाल होता है, इसलिए डायबीटीज़ के मरीजों को अपने डॉक्टर की सलाह से ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

-च्यवनप्राश एक सुरक्षित टॉनिक होता है और आमतौर पर इसके मामूली साइड इफेक्ट ही देखने को मिलते हैं। लेकिन एक बात क्या ध्यान अवश्य रखें की हर इंसान अलग होता है इसलिए उसकी जरूरतें भी अलग होती हैं। कोई भी सप्लिमेंट लेने से पहले हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

 

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