सरकार और देश के सभी डॉक्‍टरों में कनेक्टिविटी

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सरकार और देश के सभी डॉक्‍टरों के बीच कनेक्टिविटी कायम करने के लिए एक र्इमेल संग्रह तैयार करने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्‍य संसाधनों को एकत्र करना है, ताकि टीबी जैसी बीमारियो  के बोझ को कम किया जा सके। सरकारी डॉक्‍टरों के साथ-साथ प्राइवेट प्रैक्टिस करने वालों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। 

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने राजधानी में  प्रथम राष्‍ट्रीय टीबी  दवा प्रतिरोधक सर्वेक्षण ( National TB Drug Resistance Survey) का शुभारंभ किए जाने के मौके पर इस आशय की घोषणा करते हुए कहा, ‘ईमेल संग्रह बनाने से टीबी  के खिलाफ राष्‍ट्रीय जंग लड़ने में मदद मिलेगी, जिसके बारे में सूचना देना आवश्‍यक है। इससे सभी स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों, सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य एवं हेल्‍थ केयर प्रदान करने वालों, जन स्‍वास्‍थ्‍य प्रयोगशालाओं और हेल्‍थ केयर प्रफेशनलों को तत्‍काल संबंधित सूचनाएं भेजी जा सकेंगी।’ 

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ‘इस ईमेल संग्रह का इस्‍तेमाल सभी डॉक्‍टरों को नए चिकित्‍सा ज्ञान और आईसीएमआर तथा अन्‍य संगठनों के अनुसंधानों से अवगत कराने में किया जा सकता है। टीबी रोगियों का इलाज करने वाले डॉक्‍टरों को अगर इलाज के कारगर तरीकों से अवगत करा दिया जाए तो इससे संबंधित मरीज लाभान्वित हो सकते हैं। 

उन्होंने बताया कि  विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) और यूएसएड  के सहयोग से टीबी दवा प्रतिरोधक सर्वेक्षण कराया जाएगा, जिसमें अब तक के सबसे ज्‍यादा सैंपल (5214) होंगे। इसमें 24 राज्‍यों की 120 टीबी यूनिटों को कवर किया जाएगा। जिन रोगियों के बीच सर्वेक्षण कराया जाएगा उनमें पहली बार इसकी गिरफ्त में आने वाले लोगों के साथ-साथ दोबारा इलाज कराने वाले रोगी भी शामिल होंगे। 13 टीबी  रोधी दवाओं के विरुद्ध उनके प्रतिरोध स्‍तर का आकलन किया जाएगा।

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