अब हो जाएं उमरलेस…

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wrinkles
स्किन पर झुर्रियां (Wrinkles) आना उम्र बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया है। इससे हम सब दो-चार होते हैं। लेकिन अगर आपको यह परेशान कर रही हैं तो इनकी वजह का पता लगाएँ और उसके हिसाब से अपने लिए ट्रीटमेंट (Cosmetic Procedures) का सही विकल्प तलाशें:
बढ़ती उम्र और झुर्रियां
उम्र बढ़ने के साथ स्किन की कोशिकाएँ (cells) डिवाइड होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और स्किन की निचली परत, जिसे डर्मिस (dermis) कहते हैं, पतली होने लगती है। ऐसे मे स्किन ढीली पड़ने लगती है। इतना ही नहीं उम्र बढ़ने के साथ स्किन मे मोइश्चर को पकड़ कर रखने की क्षमता कम हो जाती है, स्किन के अंदर नेचुरल ऑयल कम बनता है और हीलिंग की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। ये सारी वजहें मिलकर झुर्रियां बढ़ाने का काम करती हैं।

चेहरे की मसल्स का संकुचन
आइब्रो के बीच रेखाएँ (frown lines) उभरना और आँखों के किनारों पर लाइन आना (crow’s feet) चेहरे की मांसपेशियों के संकुचन का परिणाम होते हैं। मुस्कुराने, त्योरीयन चढ़ाने और आँखों को सिकोड़ने जैसी आदतों के चलते ये रेखाएँ ज्यादा उभरती हैं।

सूरज की रोशनी से डैमेज और झुर्रियां
आपके चेहरे पर सूरज की किरणों से बहुत ज्यादा डैमेज होने से भी झुर्रियां आ सकती हैं। इससे बचाव के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक धूप के सीधे संपर्क मे आने से बचें। इसके साथ ही बाहर निकलने से पहले चेहरे पर लम से कम एसपीएफ 15 वाली संसक्रीन लगाना न भूलें, भले ही ठंड का मौसम हो या बादल छाए हों। धूप मे फूल स्लीव्स के कपड़े पहने और स्कार्फ या हैट का इस्तेमाल करें।

स्मोकिंग और झुर्रियां
स्मोकिंग (Smoking) से स्किन में कोलेजन (collagen) का उत्पादन प्रभावित होता है, जो की चेहरे के स्ट्रक्चर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। कोलेजन के उत्पादन मे कमी से झुर्रियों के लिए रास्ता खुल जाता है। तो अब खूबसूरती के लिए भी स्मोकिंग से बचें।

झुर्रियों के ट्रीटमेंट के लिए विकल्प
झुर्रियां हटाने के लिए बहुत सारे ओवर-द-काउंटर ट्रीटमेंट ऑप्शन उपलब्ध हैं, जिनमे क्रीम और लोशन भी शामिल हैं। कुछ प्रेसक्रिप्शन क्रीम भी उपलब्ध हैं, जैसे कि रेटिनोइड। त्वचा की ऊपरी डेडस्किन हटाना भी एक विकल्प है, जिसके लिए ये प्रोसीजर अपनाए जाते हैं:

डर्मएब्रेजन (Dermabrasion): इसमे ऊपरी लेयर हटाई जाती है और केमिकल पील्स। ये दोनों त्वचा की चमक वापस लाने वाले सबसे पुराने तरीके हैं।

लेजर स्किन सर्फ़ेसिंग (Laser skin resurfacing): इसमे लेजर के इस्तेमाल से केमिकल पील्स किए जाते हैं। लेकिन इसमे त्वचा की हीलिंग मे समय लग सकता है।

बोटोक्स इंजेक्शन (Botox injections): ये चेहरे कि मसल्स पर काम करते हैं, और लंबे समय के लिए झुर्रियों से निजात दिला सकते हैं।

फिलर (Fillers): इन्हें स्किन के फोल्ड्स मे लगाया जाता है, खासतौर से मुह के दोनों तरफ। कुछ फिलर प्रभावी रूप से कोलेजन के उत्पादन पर असर डालते हैं जिससे झुर्रियां कम दिखती हैं। साथ ही स्किन कि रंगत भी सुधरती है।

अगर आप भी झुर्रियों से निजात के लिए कोई प्रोसीजर अपनाना चाह रही हैं तो सबसे पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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