डेंगू वैक्सीन आने की उम्मीद बढ़ी

1712
0
Share:

dengue fever symptom

मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट’ मे छपी रिपोर्ट के मुताबिक डेंगू की वैक्सीन तैयार होने की उम्मीद बढ़ गई है। पहली बार यह तीसरे फेज की क्लीनिकल टेस्टिंग तक पहुंची है, जिसमे बीमारी से 56% तक बचाव देखा गया है।
पिछले 50 सालों मे दुनिया भर मे डेंगू बुखार का बर्डेन 30 गुना बढ़ा है, जिसमे 70% हिस्सा एशिया पैसिफिक रीज़न का है। हर साल तकरीबन 390 मिलियन लोग डेंगू की चपेट मे आते हैं, जिनमे 96 मिलियन लोगों मे बीमारी के लक्षण नजर आते हैं।
फिलहाल डेंगू के इन्फेक्शन से बचाव या इलाज के लिए कोई लाइसेंस्ड वैक्सीन या दावा उपलब्ध नहीं है। इसकी वैक्सीन तैयार करने में आने वाली परेशानी की सबसे बड़ी वजह है, बीमारी के इन्फेक्शन के लिए 4 अलग तरह के वायरस का जिम्मेदार होना, ऐसी वैक्सीन तैयार करने की चुनौती है जो चारों तरह के वायरस से सुरक्षा दे।
नई वैक्सीन, सीवाईडी-टीडीवी का पहले भी ह्यूमन ट्रायल हुआ था, लेकिन उसमे कुछ खास अच्छे रिजल्ट सामने नहीं आए थे। ट्रायल मे शामिल 4002 थाई बच्चों मे से 30.2% पर इसका असर दिखा था।
फेज 3 के नए ट्रायल मे एशिया के उन 5 देशों को शामिल किया गया जहां डेंगू का असर सबसे ज्यादा है। स्टडी मे 2 से 14 साल की उम्र के 10,275 स्वस्थ बच्चों को शामिल किया गया था। इन्हें दो ग्रुप मे बांटा गया। 6,851 बच्चों को सीवाईडी-टीडीवी के 3 इंजेक्शन दिये गए, जबकि 3,424 बच्चों को प्लेसबो (मीठी गोली) दी गई। वैक्सीन और प्लेसबो पहले, छठें और 12वें महीने मे दिया गया और अगले दो सालों तक बच्चों को निगरानी मे रखा गया। रिसरचर्स ने पाया कि वैक्सीन लेने वाले बच्चों मे से 117 और प्लेसबो लेने वाले बच्चों मे से 133 मे डेंगू बुखार फ़ाइनल इंजेक्शन लेने के 28 दिन बाद हुआ। इससे यह नतीजा निकाला गया कि वैक्सीन से 56.5% सुरक्षा मिल रही है। डेंगू के सबसे गंभीर प्रकार ‘हेमरेजिक फीवर’ के मामले मे वैक्सीन से 88.5% बचाव देखा गया। डेंगू के चलते होने वाले हॉस्पिटलाइजेशन से 67% तक बचाव दिखा। डेंगू के अलग-अलग तरह के बुखार के मामले मे वैक्सीन का अलग-अलग असर देखा गया।

Share:
0
Reader Rating: (0 Rates)0

Leave a reply