इंटेंसिफाइड डायरिया कंट्रोल पखवाड़े की शुरुआत

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डायरिया से होने वाले मृत्यु के रोकथाम के लिए नई रणनीति: बच्चों की मृत्यु का तीसरा बड़ा कारण
स्वास्थय एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने इंटेसिफाइड डायरिया कंट्रोल फोर्टनाईनट, (तीव्र डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा) (आईडीसीएफ) कार्यक्रम की शुरूआत की।
इंटेसिफाइड डायरिया कंट्रोल फोर्टनाइट कार्यक्रम 28 जुलाई से 8 अगस्त के बीच देश के सभी भागों में चलाया जाएगा।
उदघाटन के मौके ओर केंद्रीय स्वास्थय एवं परिवार कल्याण सचिव लव वर्मा, अडिशनल सेक्रेटरी एवं डीजी आर.के. जैन, डायरेक्टर जनरल आॅफ हेल्थ सर्विसेस प्रो. जगदीश प्रसाद, संयुक्त सचिव डॉ. राकेश कुमार, यूनिसेफ इंडिया के भारतीय प्रतिनिधि ईस जार्ज आर्सेनाल्ट, डब्लयूएचओ इंडिया के प्रमुख डॉ. नाटा मेनाब्डे, विभिन्न सामाजिक संगठनों जिसमें माईक्रो न्यूट्रिएंट इनिशिएटिव और इंडियन अकेडमी आॅफ पीडियाट्रिक्स के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
डॉ. हर्षवर्द्घन ने कहा कि ‘‘भारत ने बाल मृत्यू दर को कम करने में जो सफलता पाई है उसी को आगे बढाते हुए इंटेसिफाईड डायरिया कंट्रोल फोर्टनाईटली की शुरुआत की गई है। इसके जरिए स्वास्थय कर्मियों, राज्य सरकार और इस क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों की डायरिया नियंत्रण की दिशा में प्राथमिकताएं बढेंगी जो बाल अवस्था में होने वाली एक आम बीमारी है। इसका उद्देश्य डायरिया के इलाज के सबसे प्रभावी और सस्ते उपचार- जो कि ओरल रिहाईड्रेशन साल्ट (ओआरएस) के घोल और जिंक टैबलेट के जरिए किया जा सकता है। इसके विषय में हर स्तर पर जागरूकता बढाना है। शिशू मृत्यु दर(आईएमआर) और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मृत्यु दर (यू5एमआर) में लगातार कमी आई है। इसके बावजूद देश मे लगभग 1. 36 मिलियन बच्चे अब भी मर रहे हैं, जिसमे हर साल डायरिया से मरने वाले बच्चों की संख्या 2 लाख है। इस पखवाड़े के दौरान सामुदायिक स्तर पर स्वच्छता, माताओं द्बारा बच्चों को स्तन पान कराने के फायदे और ओआरएस एवं जिंक के प्रयोग से डायरिया के इस्तेमाल पर विस्तार से चर्चा राज्य, जिला एवं गांव के स्तर पर की जाएगी। पहले हफ्ते मे हमारा फोकस डायरिया नियंत्रण संबंधी गतिविधियों पर होगा, और दूसरे हफ्ते में हम बच्चों और किशोरों के खानपान की व्यवस्था(आईवाईसीएफ) पर चर्चा करेंगे। स्वास्थय केंद्रो पर ओआरएस जिंक केंद्र स्थापित किये जायेंगे। स्वास्थय कर्मी बच्चों एवं किशोरों के खानपान के तरीकों, स्वच्छता और साफ सफाई की व्यवस्था पर लोगों को जागरूक करने के लिए सत्र का आयोजन करेंगे।

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