ये डाइट बढाएगी दिमाग की शक्ति

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muscle building food
हमारे दिमाग का भार हमारे शरीर के कुल वजन का सिर्फ 2% होता है, मगर यह शरीर की कुल ऊर्जा का 20% इस्तेमाल करता है। दिमाग एक सक्रिय अंग होता है, जो कि हमारी नियमित की खान-पान सम्बंधी ऊर्जा से एक बडे हिस्से की मांग करता है। हमारा दिमाग 100 बिलियन न्युरॉन से बना हुआ है, जिनके अन्य न्युरॉन्स के साथ 10 से लेकर हजारोँ तरह के जुडाव होते हैं। दिमाग की मशीनरी बेहद जटिल होती है और इसकी कार्यप्रणाली सामान्य बनी रहे इसके लिए हमेँ लगातार इसे स्वस्थ ऊर्जा (brain food) प्रदान करना होता है।
डायट प्लान में रखेँ दिमाग का भी ध्यान
अक्सर हम सब अपना डायट प्लान वजन घटाने के हिसाब से अथवा मसल्स बढाने के हिसाब से बनाते हैं, लेकिन इसके साथ ही हमारे लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि हमारी डाइट हमारे दिमाग को भी स्वस्थ रखने वाली होनी चाहिए। कुछ खास तरह के पोषक तत्व उम्र के साथ दिमाग को होने वाले नुकसआन से बचाते हैं और इसे लम्बे समय तक शार्प बनाए रखते हैं। दिमाग का विकास माँ के गर्भ से ही शुरू हो जाता है। ऐसे में, दिमाग और पूरे शरीर का सम्पूर्ण विकास सुनिश्चित करने के लिए शुरुआती दिनोँ से ही अपने खान-पान में बदलाव लाना आवश्यक है।
जो दिल के लिए अच्छा वो दिमाग के लिए भी फिट
एक ऐसा आहार जो आपके दिल को स्वस्थ रखता है, वह आपके दिमाग के लिए भी अच्छा है। दिल के लिए स्वस्थ आहार में, सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम होनी चाहिए, जो कि ब्लड प्रेशर, डायबीटीज और मोटापे के खतरे को कम करेगा, और ये ही वे सारी स्थितियाँ हैं जो याद्दाश्त को भी कमजोर बनाती हैं।
ओमेगा3 फैटी एसिड है ब्रेन बूस्टर
एक सबसे महत्वपूर्ण पोषण जो कि आपके दिमाग को स्वस्थ्य रखता है, वह है ओमेगा 3 फैटी एसिड। ऐसी मछली जो ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर हो, खाने से आपकी नसोँ में रक्त संचार बढता है और दिमाग तेज होता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड के अन्य स्रोतोँ में अखरोट, अलसी के बीज, ताजे ग्रीन सोयाबीन और कुछ वेजिटेबल ऑयल्स हैं।
फ्लैवेनॉइड्स रखते हैं दिगाम को एक्टिव
फ्लैवेनॉइड्स जो आमतौर पर चाय, रेड वाइन, सेब, सिट्रस फ्रूट्स और सोया उत्पादोँ में मिलते हैं, दिमाग की सेहत को दुरुस्त रखने वाले अन्य मह्त्वपूर्ण पोषण हैं। ये दिमाग के एक हिस्से हिप्पोकैम्पस के सिग्नलिंग पाथवे को सक्रिय करते हैं, दिमाग का यह हिस्सा सीखने और याददाश्त से सम्बंधित है।
वसा भी है जरूरी
दिमाग की सेहत के लिए वसा यानि कि लिपिड्स भी महत्वपूर्ण होते हैं। इनका वजन दिमाग के कुल वजन का 10% हिस्सा होता है और ये मेम्बरेन की बेहतरीन क्रियाशीलता के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। लिपिड्स के अलावा, फलोँ को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाना भी जरूरी है। फल एंथोसियनिंस से भरपूर होते हैं, यह एक ऑर्गेनिक तत्व है जो दिमागी सेहत को ठीक रखता है। ये वो महत्वपूर्ण एंटीक्सिडेंट्स हैं जो ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से लडते हैं और इसकी एजिंग प्रक्रिया की गति को धीमा करते हैं।
पोषण की कमी बनती है डीजनरेशन का कारण
आपका दिमाग हमेशा चालू रहता है। यह आपके विचार, गति, आपकी सांस, दिल की धडकनोँ, हर चीज की देखभाल करता है-यह 7 दिन 24 घंटे काम करता है, यहाँ तक कि जब आप सो रहे होते हैं तब भी। ऐसे में इसे लगातार अच्छी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत पडती है। यह ऊर्जा आपके भोजन से आती है, जो आपके दिमाग को युवा और सक्रिय बनाए रखती है। पोषण और मिनरल्स की कमी से दिमाग में न्युरोटॉक्सिसिटी हो जाती है। पोषण की कमी ऐसी प्रतिक्रियाओँ का कारण बनती है जिसके चलते दिमाग में संकुचन और न्यूरोडीजनरेशन शुरू हो जाता है।
ये विटामिंस और मिनरल हैं जरूरी
थियमाइन बी1, फोलिक एसिड, एस्कॉर्बिक एसिड, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक
ये हैं बेस्ट ब्रेन फूड
अवोकैडो, ब्रोकली, सेलेरी, नारियल तेल, डार्क चॉकलेट, अंडे की जर्दी, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, हल्दी, अखरोट
खान-पान सम्बंधी टिप्स
रेड मीट का इस्तेमाल कम लेकिन मछ्ली खाना न भूलेँ
अपनी खाने की प्लेट को हरी पत्तेदार सब्जियोँ और फल से लबालब रखेँ
डार्क चॉकलेट खाएँ और खाने में मसालोँ का इस्तेमाल करेँ
नियमित के आहार में भरपूर एंटीऑक्सिडेंट शामिल करेँ
नट्स का इस्तेमाल नियमित रूप से करेँ
डॉ. आशिमा चोपडा, डायटीशियन, पारस ब्लिश हॉस्पिटल, पंचकुला

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