इबोला: घबराएँ नहीं, पर अलर्ट रहना है जरूरी

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ebola symptoms
दिल्ली मे इबोला के संदिग्ध मामले की रिपोर्ट नेगेटिव बताई जा रही है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भी बीमारी से बचाव को लेकर सभी जरूरी कदम उठाने के दावे कर रहा है, बावजूद इसके, बीमारी की गंभीरता को देखते हुए इसके बारे मे पूरी जानकारी रखना और अलर्ट रहना जरूरी है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक इबोला के लक्षण मलेरिया, टायफायड और कालरा जैसी बीमारियों से मिलते जुलते हैं। इबोला इन्फेक्शन के शुरुआती लक्षणों मे बुखार, सरदर्द, मांसपेशियों मे दर्द और गले मे खरास आदि दिक्कतें शामिल हैं। ऐसे मे पहले से प्रभावी मलेरिया, सामान्य फ्लू और टायफायड जैसी बीमारियों से लक्षणों से अलग इसकी पहचान कर पाना मुश्किल हो सकता है। इबोला इन्फेक्शन मे बाद मे मरीजों को इंटरनल या एक्सटर्नल ब्लीडिंग शुरू हो सकती है। अक्सर इसमे नाक और कान से ब्लीडिंग होती है।

इबोला वायरस हवा के जरिये नहीं फैलता है। इसका इन्फेक्शन प्रभावित व्यक्ति के नजदीकी संपर्क मे आने से फैलता है, क्योंकि इसके वायरस शरीर के फ्लुइड के माध्यम से फैलते हैं। इसमे खून, पसीना, उल्टी, पेशाब, थूक, मल और सीमन आदि शामिल है।

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