मोटापा घटाने का आखिरी विकल्प है सर्जरी!

2725
0
Share:

Weight Loss Surgery
अरुण जेटली के वजन घटाने की सर्जरी कराने के बाद बेरियाट्रिक सर्जरी एक बार फिर चर्चा मे आ गई है। कई लोगों के मन मे यह सवाल उठने लगा है कि क्या मैं भी सर्जरी का कैंडीडेट हूँ? या क्या सर्जरी से मुझे भी फायदा हो सकता है? हम आपको दो पार्ट में बता रहे हैं बेरियाट्रिक सर्जरी ( Weight Loss Surgery) से जुड़ी अहम बातें। आर्टिकल के इस हिस्से मे जानें कुछ बुनियादी बातें और अगले हिस्से मे जानें सर्जिकल वेट लॉस के फायदे:

क्या मैं सर्जरी का केंडिडेट हूँ?
वे मरीज जिनमे वजन घटाने के तमाम परंपरागत तरीके, मसलन डाइट और एक्सरसाइज संबंधी उपाय फेल हो चुके हैं उनके लिए, अथवा वे मरीज जिन्हें मोटापा संबंधी कोई बीमारी है, उनके लिए सर्जरी सबसे बेहतरीन विकल्प हो सकता है। बाकी मरीजों के लिए वजन घटाने के लिए नियंत्रण के बाकी तरीके अधिक उपयुक्त साबित हो सकते हैं, जैसे कि-खाने-पीने की आदतों मे सुधार, व्यवहारिक बदलाव और शारीरिक सक्रियता बढ़ाना।

इन सवालों के जवाब यह तय करने मे मददगार साबित हो सकते हैं कि आपको सर्जरी की जरूरत है अथवा नहीं:
• क्या आप गंभीर मोटापे की चपेट मे हैं (बीएमआई 37 से अधिक है)?

• क्या आपका बीएमआई 32.5 से ऊपर होने के साथ-साथ आपको मोटापा संबंधी स्थितियों मे से कोई एक है, मसलन-हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, अर्थराइटिस, स्लीप एप्निया, हाई कोलेस्ट्रॉल और जल्दी कोरोनरी हार्ट डीजीज होने का पारिवारिक इतिहास होना?

• क्या आपने पहले वजन घटाने के सभी तरीके, यानि डाइट, एक्सरसाइज और व्यावहारिक बदलावों को अपनाया, लेकिन वजन घटाने मे कामयाब नहीं हो सके?

• क्या आपका आंकलन मेडिकल, सर्जिकल, बिहेवियरल और न्यूट्रीशन एक्सपर्ट की टीम ने किया है?

• क्या आप जीवन भर फॉलो-अप देखरेख और जीवनशैली मे बदलाव के लिए तैयार हैं?

• अगर आपको डिप्रेशन या अत्यधिक तनाव है, तो क्या इसका उपयुक्त इलाज किया जा चुका है?

• क्या आपकी उम्र 17 से 70 वर्ष के बीच है (कुछ मामलों को छोड़कर)?

वजन घटाने वाली सर्जरी का रिज़ल्ट
गैस्ट्रिक बाई-पास प्रक्रिया से ज़्यादातर मरीजों के शरीर के अतिरिक्त वजन का 65 से 85% हिस्सा कम हो जाता है। वजन मे सबसे ज्यादा कमी सर्जरी के पहले 18 महीनों के भीतर होती है, वजन मे दोबारा मामूली बढ़ोत्तरी सामान्य बात है और ऐसा होने की संभावना सर्जरी के बाद 2 से 5 साल के भीतर होती है।
वजन मे गिरावट के अतिरिक्त, सर्जरी से तमाम मेडिकल स्थितियों मे लाभ देखा गया है: जैसे कि डायबीटीज़, हाइपरटेंशन, एसिड रिफ्लक्स, स्लीप एप्निया, पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस), यूरिनरी स्ट्रेस इनकोंटीनेंस, कमर के निचले हिस्से मे दर्द और कई अन्य समस्याएँ। मेडिकल शोध मे यह देखा गया है कि 80% मामलों मे मरीजों को डायबीटीज़ मे सुधार होता है (ब्लड प्रेशर बिना किसी दवा के सामान्य स्तर पर पहुँच जाता है)। बहुत सारे मरीज सर्जरी के बाद अपने मूड मे सुधार और कई अन्य तरह के मानसिक प्रकार्य मे बेहतरी की बात करते हैं।

Dr Atul N C Peters
Director –Bariatric & Metabolic Surgery
Fortis Hospital, Shalimar Bagh

Share:
0
Reader Rating: (0 Rates)0

Leave a reply