भोजन पर निर्भर है अच्छी नींद

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food habits for sound sleepनींद न आना आज एक आम समस्या है। इसकी कई कारण हो सकते हैं, लेकिन सबसे आम वजह है आपका खान-पान। भारी भोजन आपकी नींद उड़ा सकता है। इसलिए जरूरी है कि सोने से पहले भारी भोजन करने से बचा जाए। भारी भोजन से असहजता होती है, जिस कारण आपकी नींद डिस्टर्ब होती है। कई लोगों को सीने में जलन भी महसूस होती है। इसका कारण होता है पेट में मौजूद एसिड और भोजन का वापिस भोजन की नली में पहुंच जाना और लेटते हुए इससे ज्यादा तकलीफ हो सकती है। सोने से 2 घंटे पहले भोजन कर लेना चाहिए।

एल्कोहल – एल्कोहल भी अनिद्रा यानी नींद न आने का का कारण बनता है। इसका सेवन करने के बाद पहले तो लगता है नींद आ रही है लेकिन इससे नींद की निरंतरता और अवधि दोनों प्रभावित होते हैं।

कॉफी – कॉफी मे मौजूद कैफिन दिमाग में नींद को बढ़ाने वाले कैमिकल्स में हलचल पैदा कर देता है और इससे एड्रेनालिन की मात्रा बढ़ जाती है जिससे अस्थाई सक्रियता बढ़ जाती है। इसके सेवन से नींद भागती है। इसके अलावा हम जानते ही हैं कि हम मे से अधिक्तर लोग नींद भगाने के लिए आमतौर पर कॉफी पीते हैं।

स्पाईसी और फैटी फुड – रात मे स्पाईसी या चिजी फुड फुड खाने से इंडाईजेशन की समस्या हो सकती है। इस तरह का खाना खाने से आपका बॉडी टेम्परेचर बदल जाता है। वही ऑयली या फैटी फुड से जब ठीक से नही पच पाता तो आपको एसिडिटी और हार्ट बर्न जैसी दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं। जिस कारण आपकी नींद डिस्टर्ब होती है।

ऐसा स्नैक्स लें जिसमें ट्राईप्टोफान हो – सोने से पहले स्नैक्स लें जैसे लो फैट मिल्क तथा डेयरी प्रोडक्ट, केला, दही, नट्स, सीड्स, सोया, ग्रीन्स जिसमें ट्राईप्टोफान हो। यह सेहत और नींद के लिए बेहतर होगा। इसमें नींद बढ़ाने वाले तत्व सेरोटोनिन तथा मेलाटोनिन होते हैं। इसका सेवल कार्बोहाइड्रेट्स के साथ करने से दिमाग को इसकी ज्यादा खुराक मिलती और कैल्शियम इसका प्रयोग मेलाटोनिन बनाने में इस्तेमाल करता है। सोने से पहले गर्म दूध का गिलास फायदेमंद रहेगा।

नमक – हालांकि कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं लेकिन एक हालिया ईरानी अध्ययन में यह कहा गया है कि सोने से पहले नमक का सेवन करने से नींद में खलल पड़ता है जैसे नींद आने में विलम्ब पैदा होता है। अचार, चटनी, पापड़, चिप्स, सलाद का सेवन करने से वे लोग बचें जिन्हें नींद न आने की शिकायत रहती है।

पानी – कोशिश करें कि दिन में ज्यादा पानी पिएं। रात को ज्यादा पानी पीने से उठना पड़ सकता है और नींद में व्यवधान आ सकता है। वृद्धों और बीमारी से ग्रस्त लोगों को इसका अनुभव हो सकता है।

नियमित व्यायाम करें – तनाव और टेंशन को दूर करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। इससे नींद बढ़ सकती है। बहरहाल बेहतर होगा कि सोने से कम से कम तीन घंटे पहले व्यायाम खत्म कर दिया जाए

नींद के लिए अच्छा माहौल – हर रात एक ही समय सोने का प्रयास करें। इससे आपके शरीर की सिरकाडियन रिदम सेट हो जाएगी। वातावरण भी सुहाना बनाएं अरोमाथैरेपी या मेलोडियस म्युजिक का आंनद लें। काम से जुड़े उपकरण बेडरूम में न रखें। हालांकि लोगों की नींद की जरूरत अलग-अलग हो सकती है लेकिन माना जाता है कि रात में 7 से 8 घंटे सोना जरूरी है। तेज भागती जिंदगी में नींद की पूरी खुराक लेना भी जरूरी हो चला है।

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