अपनाएं ये हार्ट हेल्दी कुकिंग टिप्स

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अपने दिल को हमेशा जवां बनाए रखने के लिए या हो चुकी समस्याओं को कंट्रोल मे रखने के लिए जरूरी है कि आप कुकिंग के हेल्दी तरीके अपनाएं । हम यहाँ दे रहे हैं आपको कुछ टिप्स:

फैट पर कंट्रोल, खासतौर से ट्रांस फैट पर
– मीट बनाने से पहले उसमे दिख रहा सारा फैट निकाल दें। चिकन और टर्की के मीट का स्किन हटाकर ही पकाएँ।
– जहां तक हो सके प्रोसेस्ड मीट खाने से बचें, जैसे कि हॉट डॉग, सलामी और बेकन आदि। इनमे सैचुरेटेड फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है।
– मीट, मछली अथवा पॉल्ट्री बेक करके, सेंक कर, रोस्ट करके अथवा धीमी आंच पर उबालकर खाएं।
– पकने के बाद मीट में से फैट बहा दें फिर खाएं।
– जब भी आप नॉनवेज स्टीउ, सूप या ग्रेवी बनाएँ, बचे हुए हिस्से को दोबारा गर्म करके खाने से पहले इसे फ्रिज मे रखें और ऊपर जमे फैट की परत को चम्मच से निकाल दें।
– अगर आप नॉनवेजिटेरियन हैं तो मछली नियमित रूप से खाएं। इसमे वैरायटी लाने के लिए पकाने के अलग-अलग तरीके अपनाएं। जैसे कि बेकिंग, ब्रोइलिंग अथवा ग्रिलिंग आदि।
– प्रोटीन के श्रोत के तौर पर प्लांट फूड जैसे कि सोयाबीन, पिंटो बीन्स, डालें और नट्स खाएं।
– ज्यादा फैट वाले चीज अथवा पनीर की जगह कम फैट वाले चीज या पनीर का इस्तेमाल करें।
– लो फैट दूध अथवा दही खाने की आदत डालें। इसकी शुरुआत 2 पर्सेंट फैट वाले उत्पाद से करें और फिर 1 पर्सेंट और अंततः फैट फ्री के स्वाद के साथ एडजस्ट करें।
– घी अथवा मक्खन की जगह तेल का इस्तेमाल करें।
– केक, कुकीज़, क्रैकर, पेस्ट्री, पाइज़, मफ़िन, डोनट अथवा फ्रेंच फ्राइज़ का इस्तेमाल कम से कम करें। क्यूंकि इन चीजों मे ट्रांस फैट अधिक होता है। कई कंपनीयां बिना ट्रांस फैट के ये चीजें बनाने का दावा करती हैं, इनके बारे मे आप जांच सकते हैं। ये चीजें खरीदते समय पैकेट पर लिखा इंग्रीडिएंट लिस्ट जरूर देखेँ और अगर हाइड्रोजेनेटेड तेल का आंशिक इस्तेमाल हुआ है तो इसे न खरीदें।
– खाना पकाने के लिए कम मात्रा मे कैनोला, ऑलिव अथवा सोयाबीन तेल का इस्तेमाल करें।
– सलाद की ड्रेसिंग के लिए ऑलिव, अखरोट अथवा पेकन के तेल का इस्तेमाल करें।

ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजें खाएं
• खाना पकाने के लिए ऐसे तेल का चुनाव करें जिनमे ओमेगा-3 फैटी एसिड हो, जैसे कैनोला, फ़्लेक्ससीड (तीसी) या सोयाबीन ऑयल।
• सीरियल, सलाद या मफिन मे अखरोट मिलाएँ। सलाद की ड्रेसिंग के लिए भी अखरोट का तेल इस्तेमाल करें।
• हर हफ्ते 250 ग्राम फैटी मछली खाएं, जैसे सेलमन, लेक ट्राउट, अल्बाकोर टूना, मैकेरल या सार्डिन मछली।
• कुछ चिकन भी इसका स्रोत हैं, ऐसे मे इसके अंडे का इस्तेमाल बेहतर होगा। तो जब भी अंडा खरीदें, उसका लेबल जरूर पढ़ें। लेकिन एक बात हमेशा याद रखें कि अंडे के योक यानि पीले भाग मे कोलेस्ट्रॉल होता है, इसलिए उसके इस्तेमाल से बचें।

कम करें नमक (सोडियम) का इस्तेमाल
• अपने लिए घर मे खाना पकाएँ ताकि आप इसमे नमक की मात्र नियंत्रण मे रख सकें।
• खाने मे जितना हो सके कम नमक का इस्तेमाल करें। आप अधिकतर रेसिपी मे नमक का इस्तेमाल 50% तक कम कर सकते हैं।
• कभी भी खाने की टेबल पर अतिरिक्त नमक का इस्तेमाल न करें।
• अगर आप केन वाले सूप या सब्जियाँ इस्तेमाल करते हैं तो कम सोडियम अथवा बिना नमक वाले उत्पाद ही चुनें।
• खाने का फ्लेवर बढ़ाने के लिए हर्ब, मसाले, लहसुन, प्याज, काली मिर्च अथवा नींबू के रस का इस्तेमाल करें।

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