सुबह के समय होते हैं सबसे ज्यादा हार्ट अटैक

Share:

healthy-heart

सुबह के समय सीने में होने वाले दर्द को कभी भी नजरअंदाज न करें क्योंकि हार्ट अटैक के अधिकतर खतरनाक मामले सुबह उठने के बाद पहले तीन घंटे के भीतर आते है, खासतौर से फुल मून पीरियड और ठंड के दिनों में ऐसे मामले ज्यादा आते हैं: 

इन लक्षणों पट करें गौर – सीने में दर्द, असहज महसूस होने, कुछ मिनटों के लिए सीने के बीचोंबीच भारीपन या जलन महसूस होना, यह हमेशा 30 सेकंड से अधिक समय तक रहता है, जो बाद में महसूस नहीं होता और इसकी सही जगह को उंगली से पॉइंट करके बताया नहीं जा सकता है।

एक असहजता महसूस होना, जो 30 सेकंड से कम समय तक रहता है और जिसकी जगह को उंगली दिखाकर बताया जा सके,  उस सीने के दर्द को नॉन-कार्डिएक मानकर नजरअंदाज किया जा सकता है।

ये लक्षण हो सकते हैं एसिडिटी के- रात के 2 बजे सीने में होने वाली जलन एसिडिटी की वजह से हो सकती है, लेकिन अगर ऐसा 40 साल की उम्र के बाद और जीवन में पहली बार हो रहा है तो,  जब तक कि इसका कोई और कारण साबित न हो जाए इसे दिल की समस्या की शुरूआत के तौर पर माना जाना चाहिए। इसी तरह, अगर 40 साल की उम्र के बाद पहली बार किसी को सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो उसे भी दिल संबंधी दिक्कत की शुरूआत के रूप में लिया जाना चाहिए, बशर्ते उसका कोई अन्य कारण साबित न हुआ हो।

काम आ सकती है ऐस्पिरिन  की गोली (aspirin tablet) –दिल की समस्या के चलते सीने में उभरने वाले दर्द के समय अगर ऐस्पिरिन की एक गोली चबा ली जाए तो मौत के खतरे को 22 पर्सेंट तक कम किया जा सकता है।

जल्द  पहुंचाएँ अस्पताल- सीने में दर्द की तकलीफ वाले सभी मरीजों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया जाना चाहिए, क्योंकि खून का थक्का खत्म करने वाली थेरपी अथवा क्लॉट रिमूविंग एंजियोप्लास्टी से मरीज का इलाज संभव है। मरीज का जीवन बचाने के लिए उसे लक्षण सामने आने के तीन घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है। कई बार हार्ट अटैक के लक्षणों और सामान्य थकान और घबराहट के फर्क को पहचान पाना मुश्किल होता है। कई बार इसे अपच की समस्या मानने की गलती भी हो जाती है।

 

Share:

Leave a reply