हेल्दी डाइट की ए, बी, सी, डी…

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कहते हैं, हमारा खान-पान ही हमारे शरीर को बनाता है। हम जो भी खाते हैं उसका रिजल्ट हमारे चेहरे पर सीधे-सीधे दिखाई देता है। यह सिर्फ एक कहावत नहीं है, क्योंकि डाइट एक्सपर्ट भी ऐसा ही मानते हैं। ऐसे मे यह सवाल उठता है कि डाइट (Diet) मे ऐसी कौन सी चीजें शामिल की जाएँ जिससे आपके शरीर के लिए सभी जरूरी पोषक तत्व आपको मिल सकें। तो आइये जानते हैं कि आप अपनी डाइट को कैसे हेल्दी (Healthy Diet) बना सकते हैं:
ए से एप्पल-सेब की बाहरी परत सॉल्युबल फाइबर से भरपूर होती है, (एक मध्यम आकार के सेब में 4 ग्राम होता है), लेकिन इसमें कैलोरी की मात्रा बेहद कम (95 ग्राम) होती है। मिठास से भरा यह एक सेब अगर आप काटेंगे तो 1 कप फल बनेगा। यानी एक सेब आपकी भूख को तुरंत शांत करने के लिए काफी होता है। इसके साथ ही यह आपके नियमित के फल खाने का कोटा भी आधा पूरा कर देगा (यह वयस्कों के लिए प्रति 2000 कैलोरी वाली डाइट पर 2 कप होना चाहिए)। इतना ही नहीं सेब में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला विटामिन-सी भी भरपूर मात्रा में होता है (इससे नियमित की जरूरत का 14 फीसदी हिस्सा मिल जाता है)।

बी से बीट-पौष्टिकता के मामले में बीट यानी चुकंदर को पछाड़ पाना मुश्किल है। सबसे पहले इसके रंग की बात करते हैंः इसमें बीटालाइन बहुत ज्यादा होता है जो कि एक प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट है जो कि उसे बैंगनी रंग प्रदान करता है और आपको कैंसर व अन्य डीजनरेटिव बीमारियों से बचाता है। बीट से मिलने वाले विटामिन ए, बी, और सी जैसे तत्व अन्य कई फायदे पहुंचाते हैं जिनसे हमारा प्रतिरोधक सिस्टम मजबूत होता है और शरीर में कोलेजन बनता है। इसमें पोटैशियम भी उपयुक्त मात्रा में मिलता है जिससे शरीर के सभी अंगों को सही संचालन में मदद मिलती है और इसका फाइबर आपके पाचन तंत्र को नियमित रखता है और दिल को सेहतमंद बनाए रखता है।

सी से कैरटः कैरट यानी गाजर हमारा कोलेस्टृॉल कम करता है और इसका नारंगी रंग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और कैंसर व स्टृोक से हमारी रक्षा करता है। इसमें विटामिन ए की मात्रा काफी ज्यादा होती है जिससे हमारी त्वचा स्वस्थ बनती है और आंखें भी सेहतमंद रहती हैं। इसमें मिलने वाला बीटा कैरेटिन आंखों को उम्र के साथ होने वाली बीमारियों से बचाता है।

डी से डेट्स-डेट्स यानी खजूर कई कारणों से हमारे लिए अच्छे होते हैं। सबसे पहली वजह-ये बेकिंग के समय चीनी और बटर दोनों के बेहतरीन विकल्प के रूप में काम करते हैं। इनमें फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है, जो कि दिल को सेहतमंद रखने और पाचन क्रिया को ठीक रखने के लिए बेहद जरूरी है। इसमें विटामिन और खनिज भी भरपूर होते हैं, जैसे कि पोटैशियम, सेलेनियम, कॉपर और मैग्नीशियम।

ई से एग-धरती पर मां के दूध के बाद अंडा ही वह चीज है जो एक संपूर्ण आहार है। अंडे में शरीर के लिए जरूरी हर प्रकार का एमिनो एसिड होता है। ये ल्युटिन का बेहतरीन स्रोत होते हैं जो कि आंखों के मैक्युलर डीजनरेशन से बचाव करता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है जो कि शरीर के सही संचालन और दिल की सेहत के लिए अच्छा होता है।

एफ से फिशः जब बात ओमेगा-3 तेलों की आती है तो इनके स्रोत के रूप में मछलियों का स्थान टॉप पर होता है। सैलमन, टूना, सरडाइंस और हेरिंग्ज जैसी मछलियां आपके डीएनए में उम्र के साथ होने वाले नुकसान की गति धीमी कर सकती हैं, ऐसे में आपका एजिंग प्रॉसेस धीमा हो जाता है। ओमेगा 3 तेलों में खून को पतला करने वाले तत्व भी होते हैं जो कि खून की नलियों की सुरक्षा करते हैं और ब्लड प्रेशर कम रखते हैं।

जी से गार्लिक-गार्लिक यानी लहसुन आपका रक्त संचार ठीक रखता है और ऑक्सिजन से भरपूर रक्त आपकी त्वचा, बाल और नाखूनों को मजबूत व स्वस्थ रखते हैं। लहसुन में कई तरह एंटीबायटिक व डीकंजेस्टेंट है और कोलेस्टृॉल भी कम करता है।

एच से हनी- हनी यानी शहद में हीलिंग की क्षमता होती है। मिठास के लिए इसकी थोड़ी सी मात्रा ही काफी होती है, ऐसे में एक दिन में इसे आधा चम्मच से ज्यादा इस्तेमाल न करें। शहद को गर्म करने से इसके जरूरी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, इसलिए इसे कभी गर्म पेय पदार्थों में न मिलाएं और न ही इसे गर्म करें।

आईसबर्ग लेट्यूस- सलाद के ये पत्ते खतरनाक फ्री रैडिकल्स से लड़ते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं क्योंकि इनमें गैंगनीज, मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन, फॉस्फोरस और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। यह आपके दिल को भी सुरक्षित रखता है, कोलेस्टृॉल कम करता है और वायरल संक्रमण से भी बचाता है।

जे से जूस-आज की भागदौड़ भरी दिनचर्या में जूस बेहतरीन फास्ट फूड है। यह संघनित रूप में पूरे उत्पाद की गुणवत्ता अपने भीतर समेटे हुए होता है। उदाहरण के तौर पर, एक पाउंड गाजर पर्याप्त कैल्शियम का प्रोटीन का स्रोत हो सकता है, लेकिन आप ये एक पाउंड गाजर एक बार नहीं खा सकते। लेकिन अगर इन 10 गाजरों का जूस निकाल लिया जाए जाए तो इनकी पौष्टिकता एक गिलास मंे सिमट जाएगी जिसे आप आसानी से पी सकते हैं।

के से किवी-किवी फोलेट का बेहतरीन स्रोत है, जो कि हमारी कोशिकाओं की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। कई अध्ययन बताते हैं कि इससे दिल की बीमारियों और कोलोन कैंसर का खतरा कम होता है।

एल से लेमन- यह बात सब जानते हैं कि रेशेदार फल जैसे कि नींबू विटामिन सी से भरपूर होते हैं, जो कि शरीर में कोलेजन के उत्पादन के लिए जरूरी होता है। कोलेजन हमारी रक्त नलिकाओं, स्नायु, लिगामेंट और हड्डियों को स्वस्थ व मजबूत बनाता है। इसके अलावा नींबू में फ्लैवेनॉइड्स जैसे एंटीऑक्सिंट भी होते हैं जो दिल की बीमारियों, इन्फ्लेमेशन के खतरे को कम करता है और कुछ प्रकार के कैंसर से भी लड़ता है।
इन खट्टे-मीठे पोषण के बादशाहों का भरपूर लाभ उठाने के लिए इसे आयरन से भरपूर चीजों के साथ मिलाकर इस्तेमाल करें जैसे कि हरी पत्तेदार सब्जियां व सलाद अथवा रेड मीट। विटामिन सी शरीर को आयरन सोखने में मददगार होता है।

एम से मिल्क यानी दूध- आप मानें या न मानें, आज के समय में जिमिंग के शौकीनों की पहली पसंद बन चुके चॉकलेट टृीट और न्युटृीबार इसी दूध का पोषण लेकर ही इतरा रहे हैं। कई अध्ययन बताते हैं कि दूध में उपयुक्त मात्रा में कार्बोहाइडडृेट और प्रोटीन होता है जो जिम जाने वालों के लिए एक्सरसाइज के बाद बेहतरीन डिृंक है।

एन से नट्स- नट्स के छिलके एंटी-एजिंग फ्लैवेनॉइड्स से भरपूर होते हैं और हर तरह के नट्स प्रोटीन, फाइबर, जरूरी फैट और बहुत सारे विटामिन और मिनरल से भरपूर होते हैं, जिनमें मैग्नीशियम भी शामिल है जो कि हमारी स्मरण शक्ति बढ़ाता है।

ओ से अनियन यानी प्याज-प्याज एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटीवायरल तत्वों से भरपूर होता है। इसमें पाचन क्रिया को ठीक करने की पर्याप्त क्षमता और रक्त को डीटॉक्सिफाई कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करता है।

पी से पंपकिन सीड्स यानी कद्दू के बीज- यह प्रोटीन, मैग्नीशियम, जिंक और पोटैशियम से भरपूर होता है और अध्ययनों से पता लगा है कि कद्दू के बीज प्रॉस्टेट ग्रंथि को बढ़ने से रोक सकते हैं, मूत्राशय की पथरी का खतरा कम करते हैं और डिप्रेशन होने से रोकते हैं।

क्यू से क्विनोआ- यह एक सुपरफूड माना जाता है क्योंकि इसमें सभी आठ प्रकार के जरूरी एमिनो एसिड होते हैं और यह कैल्शियम और आयरन से भरपूर होता है।

आर से लाल फल और सब्जियां- लाल रंग के फल और सब्जियां जैसे कि रासबेरीज, स्टृॉबेरी, लाल शिमला मिर्च, लाल पत्ता गोभी, लाल ब्रोकली और लाल प्याज इनके हरे वर्जन से बेहतर साबित होते हैं क्योंकि इनमें बहुत सारे बेहतरीन एंटी ऑक्सिडेंट्स होते हैं जो कि दिल की बीमारियों और प्रॉस्टेट कैंसर से बचाव करते हैं। साथ ही स्टृोक और आंखों के डीजनरेशन के खतरे को कम करते हैं।

एस से स्पिनेच- स्पिनेच यानी पालक एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं। ये स्टृोक, कैंसर, दिल की बीमारियां और हाई ब्लड प्रेशर से बचाव करता है। पालक टॉप-10 सुपर फूड में से एक होता है क्योंकि इसमें ल्युटीन और जिक्सैंथिन होते हैं और ये दोनों तत्व बेहतरीन एंटी-एजिंग कंपाउंड होते हैं।

टी से टमाटर- टमाटर में लाइकोपेन एंटीऑक्सिडेंट होता है जो कि बुजुर्गों में शारीरिक क्षमता बढ़ाता है, फ्री-रैडिकल्स को खत्म करता है और मानसिक व शारीरिक क्रियाओं को ठीक रखता है। यह बात साबित हो चुकी है। लाइकोपेन कोशिकाओं में उम्र संबंधी डैमेज से बचाव करता है और पुरूषों में हफ्ते में 10 बार इसका इस्तेमाल प्रॉस्टेट कैंसर के खतरे को 35 फीसदी तक कम करता है।

यू से अनकुक्ड सब्जियाः सब्जियों को पकाने से उनका पोषण कम हो जाता है। भाप पर पकाने या इन्हें कम पानी में उबालने से इनका पोषण बरकरार रहता है। जब भी संभव हो कच्ची सब्जियां खाएं अथवा से इन्हें कम पकाएं। इनका फाइबर कब्ज से बचाता है और कार्डियोवस्कुलर स्वास्थ्य को ठीक करता है।

वी से वेजिटेबलः सारी सब्जियां आश्चर्यजनक आहार होती हैं। गाढ़े हरे, लाल, बैंगनी, संतरी और पीले रंगों की सब्जियां जितना हो सके इस्तेमाल करें। इनमें आपके शरीर के लिए जरूरी एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन पर्याप्त मात्रा में होते हैं। सब्जियों में पानी की मात्रा ज्यादा होती है और जब आप पानी पीने की जगह पानी वाली सब्जियां खाते हैं तब आपका शरीर पानी को अपने भीतर देर तक रोक कर रखता है।

डब्ल्यु से वॉलनट– यह कॉपर का बेहतरीन स्रोत होता है। ऐसे में यह बालों को सफेद होने से रोक सकता है और इनका प्राकृतिक रंग लंबे समय तक बरकरार रख सकता है।

एक्स से जिलीटॉल- यह धरती का सबसे सुरक्षित और बेहतरीन प्राकृतिक जीरो कैलोरी स्वीटनर है। इसमें आर्टिफिशियल स्वीटनर से जुड़ा कोई भी रिस्क फैक्टर जुड़ा नही ंहोता। साथ ही यह दांतों में खनिजों की मात्रा दोबारा भरता है और डेंटिस्टों का फेवरेट होता है।

वाई से याम्स- सबसे पहले एक बात जान लें, याम्स यानी जिमीकंद या अरवी और मीठे आलू एक चीज नहीं हैं। हालांकि मीठे आलू यानी शकरकंद भी एक सुपरफूड है। जिमीकंद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिसका मतलब है कि इन्हें ब्लड शुगर स्तर बढ़ने के डर के बिना इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में इसे लंबे समय तक उर्जा बरकरार रखने वाली चीज के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ-साथ ये फाइबर, विटामिन बी6, पोटैशियम और मैग्नीशियम का भी बेहतरीन स्रोत हैं। जो कि शरीर में सीरोटिन के उत्पादन, नर्वस सिस्टम की क्रियाशीलता ठीक रखने और घाव भरने में मददगार साबित होता है।

जेड से जुसीनी- जुसीनी यानी तोरई की प्रजाति की सब्जियां विटामिन सी और बी6, पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज और फोलेट से भरपूर होती हैं। इसके साथ ही इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है सिर्फ एक कप में 20 कैलोरी। इसके साथ ही इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है। तो गर्मी के दिनों में खूब खाइए तोरई और बुझाइए अपने शरीर के पोषण की प्यास!

डॉ. इती भल्ला, मुख्य खान-पान विशेषज्ञ, पारस अस्पताल, गुड़गांव

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