ऐसे मैंनेज करें सर्वाइकल स्पॉंडिलाइसिस

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how to manage cervical spondylosis pain
सर्वाइकल स्पॉंडिलाइसिस  ( cervical spondylosis pain ) एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्दन के आस-पास के वर्टिब्रल जोड़ में समस्या हो जाती है। उम्र बढ़ने के साथ, दो वर्टिब्रा के मध्य स्थित कोशिकाएं कमजोर पड़ने लग जाती है, यहां तरल की कमी हो जाती है जिसके चलते यह हिस्सा अकड़ जाता है।

दिखाई देते हैं ये लक्षण
-गर्दन के पिछले हिस्से में दर्द; यह दर्द कंधे, बांहों, उंगलियों और खोपड़ी के निचले हिस्से तक पहुंच सकता है।
-सिरदर्द।
-बाहों और हाथों में सनसनाहट या सुन्नपन महसूस होना, कोई पिन या सुई की चुभन जैसा एहसास होना।
-गर्दन में अकड़न जो कि आपकी नियमित की दिनचर्या को भी प्रभावित कर सकता है।

क्या करें
-गर्दन को मजबूत, लचीला और सक्रिय रखने के लिए नियमित व्यायाम करें।
-स्थिर गद्दे और पतले तकिए का इस्तेमाल करें।
-लेटे हों तब उठने से पहले करवट घूमें।
-दिन में सर्वाइकल कॉलर लगाकर रखें।
-गाड़ी चलाते समय, टीवी देखते समय अथवा कंप्यूटर पर काम करते समय बीच-बीच में ब्रेक लें।
-जब दर्द तेज हो तो आराम करें और गर्दन को स्थिर रखें और डॉक्टर की सलाह के मुताबिक दवाएं लें।

क्या न करें
-जोड़ों पर खिंचाव पड़ने वाली स्थिति में लंबे समस तक न बैठें।
-अधिक भार न उठाएं।
-लगातार लंबी दूरी तक गाड़ी न चलाएं, बीच में ब्रेक लेते रहें।
-कंधे और कान के बीच फोन दबाकर लंबे समय तक बात करने की आदत से बचें।
-सोते समय कंधे और गर्दन के नीचे कई तकिए न लगाएं।
-गोल घूमने के दौरान अपने गर्दन या शरीर के उपरी हिस्से को मोड़ने के बजाए पैरों को पहले घुमाएं।

डिस्क्लेमर: ये सुझाव किसी पेशेवर विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं हैं। अगर आपको इस तरह की समस्या है, अथवा इलाज आदि कराना है तो हमेशा सबसे पहले डॉक्टर से सलाह लें।

मोच और खिंचाव
मोच लिगागेंट में लगने वाली चोट की स्थिति है। लिगामेंट वे कोशिकाएं होती हैं जो दो या दो से अधिक हड्डियों या जोड़ों को एक-दूसरे के साथ जोड़ती हैं। इनमें चोट अक्सर गिरने, मुड़ने अथवा कहीं टकराने की वजह से लगती है। लिगामेंट खिंच सकता है अथवा फट सकता है। यह अधिकतर बार टखने, कलाई, घुटने और अंगूठे को प्रभावित करता है।

मोच-लक्षण और निशान
कोई भी मोच मामूली, मध्यम अथवा गंभीर हो सकता है। आमतौर पर मोच में ये लक्षण और निशान सामने आते हैं:
-दर्द
-सूजन
-प्रभावित जोड़ को घुमाने में दिक्कत
-चोट की जगह पर खिंचाव महसूस होना।

क्या करें
आरआईसीई अपनाएं:
-चोट वाली जगह को रेस्ट यानी आराम दें।
-चोट वाली जगह की आइस यानी बर्फ से 20 मिनट तक सिंकाई करें, ऐसा दिन में 4 से 8 बार दोहराएं।
-खास बैंडेज का इस्तेमाल करते हुए चोट को स्क्वीज करें यानी बांधें
-चोट वाले अंग को एलिवेट करें यानी इसे अपने दिल के स्तर तक उपर उठाकर रखें।

क्या न करें
-कभी भी दर्द होने पर व्यायाम न करें।
-कभी भी घिसे हुए जूते न पहनें।
-कभी भी असमतल भूमि पर दौड़, जॉगिंग अथवा वॉकिंग न करें।

मोच मांसपेशियों अथवा टेंडम यानी मांसपेशियों और हड्डियों को जोड़ने वाली कोशिकाओं की एक चोट यानी खिंचाव अथवा टूटन है। ऐसा टेंडम अथवा मांसपेशियों के मुड़ जाने अथवा खिंच जाने की वजह से होता है। अचानक होने वाली इस तरह की गंभीर चोट अथवा खिंचाव कोई भारी वस्तु गलत तरीके से उठा लेने की वजह से भी हो सकता है। इस तरह का खिंचाव आमतौर पर कमर अथवा जांधों में होता है।

खिंचाव-लक्षण व संकेत
-दर्द
-मांसपेशियों में जकड़न
-सूजन
-मरोड़
-मांसपेशियों को घुमाने में परेशानी

मोच या खिंचाव से कैसे बचें
-नियमित व्यायाम करें।
-कोई भी खेल खेलने जाएं तो सबसे पहले वॉर्म-अप करें।
-अच्छी क्वॉलिटी के जूते चुनें।
-अगर जूतों की एड़ी अथवा किनारे का हिस्सा घिस गया हो तो इसे इस्तेमाल न करें।

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