ऐसे निबटें कफ और कोल्ड से

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cough and cold
मौसमी बदलाव के समय कफ-कोल्ड (cough and cold) सबसे ज्यादा परेशान करता है और बात जब ठंड की हो तब तो संवेदनशील लोगों के लिए पूरा मौसम परेशानी का सबब बन जाता है। ऐसे मे कफ और कोल्ड (cough and cold) की प्रकृति को समझकर उससे सही ढंग से निबटना जरूरी हो जाता है। आइये जानते हैं ठंड की इस सबसे आम समस्या के बारे मे:

• ठंड के मौसम मे कफ और कोल्ड (Cough and cold) होना बेहद आम बात है, लेकिन इसे कभी नजरंदाज नहीं करना चाहिए।

• अगर बिना खांसी के गले मे दर्द है तो अलर्ट हो जाएँ, यह आमतौर पर बैक्टीरियल इन्फेक्शन का लक्षण होता है, जिसमे दवा की जरूरत हो सकती है।

• कफ के साथ गले मे खरास होने का मतलब है वायरल, जिसमे किसी भी तरह के एंटीबायाटिक दवा की जरूरत नहीं होती।

• अगर गला लाल दिख रहा है तो यह खतरनाक लक्षण है, ऐसे मे तुरंत डॉक्टरी देखभाल की जरूरत होती है।

• बच्चों को कभी भी बुखार मे ऐस्पिरिन न दें।

• सोर थ्रोट यानि गला खराब होने पर गुनगुने सलाइन से गार्गल करना फायदेमंद हो सकता है।

• अगर इलाज के बावजूद खांसी ठीक नहीं हो रही है तो इसकी वजह एसिडिटी हो सकती है।

• सिर्फ खांसी भी अस्थमा का लक्षण हो सकती है।

• कभी भी अपनी रुमाल अथवा हथेली मे नहीं खाँसना चाहिए।

• हमेशा अपनी शर्ट की बांह के ऊपरी हिस्से के पास मुंह ले जाकर खाँसें।

• खाँसते समय अन्य लोगों से 3-6 फुट की दूरी बनाकर रखें।

• जिन लोगों को खांसी हो रही हो उन्हें भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने की इजाज़त नहीं मिलनी चाहिए।

• कफ सिरप, चाहे यह आयुर्वेदिक हो, एलोपैथिक को अथवा होमियोपैथिक, यह फायदेमंद हो सकता है।

• दो हफ्ते से ज्यादा दिन खांसी रहे तो नजरंदाज न करें।

• किसी भी विटामिन अथवा हर्बल उत्पाद से कॉमन कोल्ड मे कोई फायदा नहीं देखा गया है।

• कॉमन कोल्ड मे सलाइन नेजल वॉश फायदेमंद रहता है।

• अगर सेकंडरी बैक्टीरियल संक्रमण न हो तो किसी भी तरह के एंटीबायटिक की जरूरत नहीं होती है।

• कॉमन कोल्ड से बचाव मे विटामिन ई प्रोफिलेक्सिस कारगर नहीं होता है।

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