अब नही सताएगी भूलने की बीमारी

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memory lossअकसर आपने महसूस किया होगा, कि आप रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों को भूल जाते हैं। मसलन रूमाल कहां रखा है, मोजे कहां रखे हैं, गाड़ी की चाबी कहां है। यही नहीं आपको किसी का सरनेम तो याद रहता है, लेकिन आप उसका नाम भूल जाते हैं। परीक्षा के दौरान भी आपने देखा होगा कि हॉल के अंदर आपको प्रश्न का उत्तर ध्यान नहीं आ रहा, लेकिन परीक्षा कक्ष से बाहर निकलते ही आपको उस प्रश्न का उत्तर ध्यान आ जाता है।

भूलने की ऐसी आदत के कई कारण होते है। ज्यादा तनाव, मेहनत, बैचेनी आदि की वजह से भी ये समस्या होती है। अगर आप शारीरिक या मानसिक काम ज्यादा करते हैं, तो आपके लिहाज से बेहद जरूरी है कि आपकी फिटनेस अच्छी रहे। आपके खान-पान का भी आपके दिमाग पर काफी असर पड़ता है।

पोषक तत्वों की कम मात्रा,  दिन भर का तनाव,  सीमा से ज्यादा काम करना,  जंक फूड, एल्कोहल,  तंबाकू का सेवन अधिक करना भी दिमाग के लिहाज से बेहतर नहीं होता है। तनाव बढ़ने के कारणों में से पोषक तत्वों की कमी एक है। उम्र का बढ़ना और तनाव मेमोरी के कमजोर होने की वजह होते हैं।

खानपान का कैसे रखें ख्याल

जैसा कि हम जानते हैं कि हमारा दिमाग मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है। जिसका असर विचारों, भावों और शारीरिक अवस्था पर पड़ता है। अकसर हम अपने दिमाग की बायोलॉजिकल जरूरतों को नजरअंदाज करते रहते हैं। इसके परिणामस्वरूप उम्र बढ़ने के साथ तकलीफें बढ़ती जाती है। लोगों का नाम, तारीखों को हम याद नहीं रख पाते है। रोजमर्रा के खानों में प्रोटीन,  विटामिन और खनिजों की मात्रा को बढ़ाए।

इसके अलावा विटामिन बी12 (सीरीयलस, रेड मीट, डेयरी उत्पाद, पनीर और अण्डे) और बी6 (केला, पालक, चिकन, पिस्ता) सेहत के लिए फायदेमंद रहता है,  यह दिमाग को तनाव से बचाता है। साथ ही यह आपके इमोशन और मूड को नियंत्रित रखता है। विटामिन बी-कांपलेक्स की कमी से चीजों के भूलने की बीमारी होती है। इसलिए इसकी पर्याप्त मात्रा लेना जरूरी है। लेसीथिन और कोलाइन भी सेहत के लिए लाभदायक होते हैं, जहां लेसीथिन से आपका कोलस्ट्रॉल नियंत्रित होता है, तो कोलाइन आपके तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है।

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