ठण्ड को करें एंजॉय, वायरस को कहें बाय

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ठंड का मौसम आपके दरवाजे पर दस्तक देने को तैयार है। माहौल खुशनुमा हो गया है। गर्मियों के कपड़े अलमारी के कोने तलाशने लगे हैं और आपकी नजरें ठंड के अनुकूल स्टाइलिश कपड़े और एक्सेसरीज़ की खोज मे लग गई हैं। लेकिन इस सबके साथ एक कहीं न कहीं एक डर भी सिर उठा रहा है। यह डर है कोल्ड का।
तो क्या आप भी वायरल या फ्लू की चपेट मे आने के डर से परेशान हैं? जो कभी खांसी-जुकाम तक ही सीमित रहता है तो कभी कई दिन बिस्तर पर लेटे रहने के लिए भी मजबूर कर देता है। अगर ऐसा है तो घबराइए नहीं। सिर्फ कुछ सावधानियाँ बरतकर आप इस शरारती वायरस की चपेट मे आने से खुद को बचा सकते हैं:

खतरे की घंटी
अक्सर लोग समझते हैं की वायरल इन्फेक्शन उनतक पहुँचाने की वजह सिर्फ सामने खाँसने या छींकने वाला व्यक्ति है। लेकिन यह पूरा सच नहीं है। आपके घर और दफ्तर मे आपके आस-पास की सामान्य वस्तुएँ भी यह भूमिका बखूबी निभाती हैं। एक हालिया स्टडी मे पाया गया है कि, एक वायरस जिसने सिर्फ दरवाजे की नोब को प्रदूषित किया था उससे सिर्फ 2 से 4 घंटों के भीतर 40 से 60% कर्मचारियों और विजिटर्स तक संक्रमण पहुँच गया। यह सुनकर आपको शायद यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह सच है।

वायरस के हैं कई घर
वायरस आपकी टेबल, फोन, दरवाजों के हैंडल और यहाँ तक कि लिफ्ट के बटन पर भी 8 घंटे तक जीवित रह सकते हैं। तो अगर आप वह बटन दबाकर उसी हाथ से चेहरे को छूते हैं तो भी आप तक वायरस पहुँच सकता है। ऐसा उस हालत मे भी हो सकता है जब संक्रमित व्यक्ति ने घंटों पहले इस बटन हो छुआ हो।

बचाव है बेहद आसान
फ्लू से बचाव करना इसके इलाज से कई गुना ज्यादा आसान है। बावजूद इसके ठंड के दिनों मे बड़ी संख्या मे लोग कोल्ड और फ्लू से परेशान होकर अस्पताल पहुँचते हैं। सबसे गंभीर बात यह होती है कि, वायरस पर एंटीबायटिक दवाओं का कोई असर नहीं होता है। और वायरल के अधिकतर मामलों का असर 5-7 दिनों तक रहता है। इसलिए आपको बचाव के उपायों को लेकर अलर्ट रहना चाहिए।

तो आप खुद को कैसे सुरक्षित कर सकते हैं? हम आपको दे रहे हैं कुछ टिप्स जिन्हें अपनाकर आप सर्दियों की इस सबसे आम समस्या से खुद का बचाव कर सकते हैं:

1- हाथों को साफ करे बिना अपने चेहरे या आँखों को न छूएँ
हो सकता है कि आपने अपनी बिल्डिंग की लिफ्ट का बटन दबाया हो, ऑफिस के दरवाजे का हैंडल छुआ हो या बाथरूम मे टैप को हाथ लगाया हो। इन सारी ही चीजों से वायरस आपके शरीर तक पहुँच सकता है। ज्यादा भीड़भाड़ वाले इलाकों मे वायरल इन्फेक्शन फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे मे दरवाजों के हैंडल, कोई भी सार्वजनिक चीजों को उँगलियों से न छूएँ, इसके बजाय अपनी हथेली अथवा उँगलियों के जोड़ों का इस्तेमाल करें।

2- हाथों को अच्छी तरह से और बार-बार धोएँ
कुछ भी खाने या अपने चेहरे पर हाथ लगाने से पहले हाथों को साबुन से धोएँ। हाथों पर साबुन लगाएँ और हाथ के हर हिस्से को रगड़कर फिर इसे पानी से अच्छी तरह से धोएँ।

3- अगर संभव हो तो टीका लगवाएँ
आजकल फ्लू से बचाव के लिए कई अच्छी वैक्सीन मार्केट मे आ चुकी हैं। हालांकि इसे लगवाना अनिवार्य नहीं है और भारत जैसे देशों मे वैक्सीन से ज्यादा साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है। लेकिन फिर भी, अगर संभव हो तो आप वैक्सीन लगवा सकते हैं।

4- खाने-पीने की चीजें ना करें शेयर
अन्य लोगों तक इन्फेक्शन फैलाने का यह भी आसान रास्ता है। आप बीमार हो सकते हैं, लेकिन आपको इसकी जानकारी फिलहाल नहीं भी हो सकती है। या शायद आपके सामने वाला बीमार हो और उसे भी इस बात का आभास न हो। ऐसे मे खाने-पीने की चीजें शेयर कर आप एक-दूसरे तक संक्रमण फैला सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि चीजें शेयर ही न करें।

5- तौलिये जैसी चीजें भी रखें अलग
अपना तौलिया, चश्मा और साबुन जैसी चीजें भी किसी के साथ शेयर न करें। इन चीजों के जरिये भी संक्रमण फ़ेल सकता है।

6- न करें दूसरों को बीमार
अगर इन सारे उपायों के बाद भी किसी कारणवश आप बीमार हो जाते हैं तो अन्य लोगों तक संक्रमण न फैलाएँ। घर पर रहें और आराम करें। वायरल संक्रमण का पीरियड आमतौर पर 7 से 10 दिन तक चलता है।

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