हर कोई नहीं कर सकता हेयर ट्रांसप्लांट

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hair transplant
यंग एज में बाल झड्ना एक आम समस्या है । और परफेक्ट लुक के लिये इससे छुटकारा पाने की चाह रखने मे भी कोई बुराई नही है, लेकिन इसके लिए अपनी सेहत और जान दांव पर मत लगाइये। कोई भी ट्रीटमेंट या सर्जिकल प्रोसीजर कराने से पहले उसके बारे मे पूरी रिसर्च करे, जिस भी एक्सपर्ट से इलाज कराना है उसका बैकग्राउंड चेक कीजिए, यह पता कीजिए कि उसके पास इस प्रोसीजर को कंडक्ट करने की क्वालिफिकेशन है या नहीं। इस फील्ड मे अनुभव कितना है। आप से पहले प्रोसिजर कराने वालो पर इसका रिजल्ट आदि।

चेन्नै का केस है सबक

चेन्नै में एक मेडिकल स्टूडेंट ने सैलून ‘एडवांस रोबोटिक हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर’ में हेयर ट्रांसप्लांट कराया जिसके बाद एनेस्थीसिया से कॉम्प्लिकेशंस हो गए और उसकी मौत हो गई। मद्रास मेडिकल कॉलेज के इस स्टूडेंट पर दो ऐसे लोगो ने प्रॉसीजर किया था। प्रॉसीजर के दौरान एनेस्थीसिया के लिए एनेस्थेसिस्ट की मदद ली गई थी लेकिन वह डॉक्टर एनेस्थीसिया देने के बाद वहाँ से चला गया जबकि नियमत: पूरे प्रॉसीजर के दौरान उन्हे वहाँ मौजूद रहना चाहिए। ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टर ने चाइना से मेडिकल में ग्रैजुएशन किया है। यानि कि इस प्रॉसीजर के लिए वह क्वालिफाइड नहीं है।

मशरुम की तरह उगे सेंटर हैं बडा खतरा
नियमत: इस तरह के सेंटर के लिए अलग से लाइसेंस की जरुरत पड्ती है, मगर ऐसा देखा गया है कि वे सेंटर भी हेयर ट्रांसप्लांट कर रहे हैं जिनके पास सिर्फ सैलून चलाने का लाइसेंस है। जैसा कि चेन्नै के केस मे हुआ। इसलिए सिर्फ दावे पर भरोसा करके प्रॉसीजर कराने की गलती न करे ।

ऐसे होता है प्रोसीजर
हेयर ट्रांसप्लांटेशन एक सर्जिकल प्रॉसीजर है, जिसमे हेयर फोलिकल्स शरीर की डोनर साइट से लेकर उस हिस्से पर ट्रांसप्लांट किया जाता है | जहाँ बाल झड चुके होते हैं,इसे रेसिपिएंट साइट कहते हैं । इसमे आमतौर पर सिर के पिछले हिस्से से फोलिकल्स लेते हैं क्योंकि इस हिस्से से बाल नही झड्ते हैं । सिर्फ सिर के गंजेपन के लिये ही नही बल्कि इस तकनीक का इस्तेमाल पलको, भौहो आदि के हल्केपन को ठीक करने के लिये भी किया जाता है ।

चुंकि प्रकृतिक रुप से बाल 1 से 4 तक के ग्रुप मे उगते हैं, इसलिए ट्रांस्प्लांट के लिये भी बालो को ग्रुपिंग मे ही निकाला और लगाया जाता है । ऐसे मे ट्रांसप्लांटेड बाल भी प्राकृतिक बालो की तरह उगते हैं।

जरुरी है ऑपरेशन के बाद देखभाल
ऑपरेशन के बाद सही देखभाल बेहद जरुरी है। रोज ड्रेसिंग करना होता है । प्रभावित हिस्से को सूरज की किरणो और प्रदूषण से बचाना होता है  और सर्जरी के दो दिन बाद से शैम्पू करना होता है । सिर मे किसी भी तरह क संक्रमण आदि न हो इसके लिए शैंपू करना बेहद जरुरी होता है । पहले 7-10 दिन अगर ठीक से देखभाल न हो तो ट्रांसप्लांटेड बाल निकल सकते हैं ।

आमतौर पर पहले 10 दिन के दौरान ट्रंसप्लांटेड बाल झड जाते हैं क्योंकि ये अपनी जगह बदले जाने से ट्रॉमेटाइज्ड होते हैं । इसे “शॉक लॉस” कहा जाता है । दो-तीन महीने बाद फोलिकल से नये बाल उगने लगते हैं और अगले 6 से 9 महीने के बीच बाल घने हो जाते हैं ।

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