पुरुषों से तेज दौड़ता है लेडीज का दिमाग

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beauty with brainशारीरिक मजबूती के मामले में भले पुरुष महिलाओ से आगे होँ लेकिन दिमागी दौड़ में महिलाएँ उन्हेँ काफी पीछे छोड सकती हैं। अमेरिका में हुई एक स्टडी में यह बात स्पष्ट हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, जब बात ध्यान केंद्रित करने, गुस्से पर काबू पाने और तनाव वाले माहौल में काम करने की आती है तो महिलाएँ बाजी मार ले जाती हैं।

इस अध्ययन में 46,034 मस्तिष्कों का इमेजिंग अध्ययन किया गया। इस अध्ययन में महिलाओं का दिमाग पुरुषों की तुलना में कुछ क्षेत्रों में अधिक सक्रिय पाया गया। अमेरिका में जर्नल आफ अल्जाइमर डिसीज में प्रकाशित इस अध्ययन के प्रमुख लेखक डेनियल जी अमेन के मुताबिक, लिंग आधारित मस्तिष्क भिन्नताओं को समझने के लिए यह अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा,‘‘ हमने पुरुषों और महिलाओं के बीच ऐसी भिन्नताओं को चिन्हित किया है जो अल्जाइमर बीमारी जैसे मस्तिष्क से जुड़े विकारों को लैंगिक आधार पर समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

अध्ययन में पाया गया कि महिलाओं का दिमाग विशेषकर आवेश नियंत्रण, ध्यान, भावुकता, भाव और तनाव के क्षेत्रों में पुरुषों की तुलना में अधिक सक्रिय पाया गया जबकि पुरुषों में मस्तिष्क के दृश्य और समन्वय केंद्र अधिक सक्रिय थे। स्पेक्ट (एकल फोटो उत्सर्जन गणना टोमोग्राफी) मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को नाप सकता है। अध्ययन में 119 स्वस्थ लोगों और मस्तिष्क के आघात, द्विध्रुवी विकार, मनोदशा विकार, सिज़ोफ्रेनिया के विभिन्न 26,683 रोगियों को शामिल किया गया। इन विषयों के लिए एकाग्रता वाले कार्य करते समय कुल 128 मस्तिष्क क्षेत्रों का विश्लेषण किया गया।

इस अध्ययन में पाई गई भिन्नताओं को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि मस्तिष्क विकार पुरुषों और महिलाओं को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करता है। महिलाओं में उल्लेखनीय ढंग से अल्जाइमर बीमारी, अवसाद और तनाव विकार की अधिक दर देखी गयी जबकि पुरुषों में एडीएचडी की अधिक दर और आचरण संबंधी समस्याएं देखी गई। अध्ययन में पाया गया कि महिलाओं में बढ़े प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स रक्त के प्रवाह के कारण वे सहानुभूति, अंतर्ज्ञान ,आत्मनियंत्रण, सहयोग और चिंता के क्षेत्रों में अधिक ताकत प्रदर्शित करती है।

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