एलएसडी: लव सेक्स और डायबेसिटी….

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क्या सोच रहे हैं! अगर आपको ऐसा लग रहा है कि यह हेडलाइन सिर्फ आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए है, तो आप गलत सोच रहे हैं। दरअसल यह आपकी सेहत के अंदरूनी हालत की एक बानगी है। डायबेसिटी, जो कि मोटापा (Obesity) और डायबीटीज़ के लिए इस्तेमाल होने वाली एक आम शब्दावली है, सभी आयु वर्ग के पुरुषों मे कामेच्छा और सेक्सुअल ड्राइव मे कमी और नपुंसकता के बड़ी वजह के रूप मे उभर रही है।

नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) ने एक स्टडी रिपोर्ट जारी किया था जिसमे यह पता लगा था कि जिन पुरुषों का वजन बढ़ रहा था उनमे नपुंसकता (Infertility) का खतरा 10% तक बढ़ गया था। जर्नल ऑफ फर्टिलिटी एंड स्टेरिलिटी (Journal of fertility and sterility)मे छपे एक अध्ययन मे पाया गया कि 20 से 30 साल के बीच की उम्र वाले पुरुषों मे मोटापा और शुक्राणुओं (Sperm ) की संख्या मे कमी के बीच संबंध था।
मोटापे का संबंध गंभीर डिप्रेशन और डायबीटीज़ से भी है। यह आगे चलकर प्रजनन अंगों और हार्मोनल बैलेंस के साथ भी छेड़छाड़ करता है, जिसकी स्पर्म के उचित विकास और मैच्योरिटी मे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डायबीटीज़ का सीधा संबंध नपुंसकता और स्पर्म की क्वालिटी मे कमी से होता है। डिप्रेशन मे सिर्फ हार्मोनल असंतुलन ही कामेच्छा मे कमी की वजह नहीं होती है बल्कि सामाजिक कारक भी होते हैं। मोटे लोग शायद अपने पार्टनर को कम आकर्षक लग सकते हैं या खुद के लिए हीन भावना रखते हों। मोटे लोगों मे दोनों जांघों के आपस मे रगड़ की वजह से भी प्रजनन अंग का तापमान बढ़ सकता है, और पुरुषों मे यह नपुंसकता की वजह बन सकता है।
हालांकि, यहाँ यह बता देना बेहद जरूरी है कि, ये सारी समस्याएँ नियमित नहीं हैं। इन सारी दिक्कतों से निजात संभव है, अगर इसकी जड़ मे जाकर उपाय किया जाए। स्वस्थ खानपान, जीवनशैली मे सुधार, नियमित एक्सरसाइज जैसे उपाय आपको सही रास्ते पर ले आएंगे। वे लोग जिनका बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स=वजन किलोग्राम मे/लंबाई मीटर मे* लंबाई मीटर मे) अगर 32.5 से अधिक है और साथ मे डायबीटीज़, हाइपरटेंशन, नपुंसकता (इंफर्टिलिटी) जैसी समस्या भी है तो ऐसे लोगों के लिए वजन घटाने की सर्जरी (बेरियाट्रिक सर्जरी) एक परमानेंट उपाय है।

Reviewed by: Dr. Atul N.C. Peters

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