30 से 50% तक सस्ती हुई दवाएं

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Self Medicationनेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अर्थोरिटी (NPPA) ने आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कीमत 30%-50% कम कर कर दी है। इस लिस्ट में 33 दवाएं शामिल हैं। यह दवाएं राष्ट्रीय संशोधित सूची 2015 में शामिल थीं। इन सूची में एंटी-एलरजिक, कॉमन कोल्ड, एंटी-बायोटिक, कफ, अल्सेरेटिव, कोलाइटिस, ऑर्थराइटिस, सोराइसिस, की दवाएं शामिल हैं।

NPPA की शर्तों के अनुसार अगर कोई उत्पादक नियमों का पालन नहीं करता है तो उस पर प्रोविजन 1955 के वस्तु अधिनियम के तहत उसे ब्याज सहित जुर्माना देना होगा।

NPPA का उद्देश्य गंभीर रोगों की दवाओं की कीमत कम करना है। जिससे गरीब लोगों तक दवा पहुंच सके। एक रिपोर्ट के मुताबिक दवाएन दवा होने से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की कमाई का लगभग 80 फीसदी और शहरी क्षेत्र के लोगों की कमाई का 75 फीसदी हिस्सा इलाज पर खर्च हो जाता है।

NPPA ने इन 33 दवाओं को दो कैटिगरी में बांटा है। इनमें 11 दवाओं की कीमत पर नियंत्रण किया जा चुका है। 22 दवाओं की कीमत आने वाले समय में कम कर दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बीते दिसंबर में नई सूची जारी कर 684 दवाओं को बढ़ाकर 875 कर दिया था। पिछले साल NPPA 627 दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण कर चुका है।

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