मामूली फ्लू मे नहीं एंटीवायरल दवा की जरूरत

2043
0
Share:

mild flu doesn't require antivirus
कोई भी व्यक्ति स्वाइन फ्लू से नहीं मरता, बल्कि वह स्वाइन फ्लू (swine flu) न्युमोनिया अथवा अन्य जटिलताओं से मरता है। ऐसे में अगर मरीज को सांस लेने में तकलीफ नहीं है, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं।

आईएमए के राष्टृीय अध्यक्ष डॉ. ए. मार्तण्ड पिल्लै और महासचिव डॉ. के. के. अग्रवाल का कहना है कि, “फ्लू का मतलब है मांसपेशियों में दर्द, खांसी और जुकाम के साथ बुखार होना। ऐसे मरीजों में जिनमें मामूली अथवा इससे थोड़ा ज्यादा स्तर वाले लक्षण हैं और ये लक्षण लंबे समय तक नहीं टिकने वाले हैं, ऐसे मरीजों को एंटीवायरल दवा अथवा कोई जांच कराने की जरूरत नहीं होती है।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि, ’’साल के इस समय में, अगर मरीज को 103 डिग्री बुखार है और मासंपेशियों में तेज दर्द व खांसी है तो यह स्वाइन फ्लू हो सकता है, बशर्ते इसके कुछ और होने की पुष्टि न हुई हो। ऐसी हालत में लक्षण दिखने के 48 घंटों के भीतर स्वाइन फ्लू एंटी वायरल दवा देना शुरू किया जा सकता है, वह भी बिना टेस्ट के परिणाम का इंतजार किए। लेकिन अगर किसी को कम ग्रेड का बुखार है और थोड़ा सा बीमार महसूस हो रहा है तब उसे कोई दवा लेने की जरूरत नहीं होती है।’’

’’याद रखें अगर आपको किसी एंटीवायरल देना है तो इसे जल्दी से जल्दी दें। अगर लक्षण आने के 48 घंटों के भीतर दवा देंगे तो आपको जल्द सुधार नजर आएगा। बेहतर महसूस होने में 30 घंटे का समय लगेगा। लेकिन अगर आप 48 घंटों के बाद दवा देना शुरू करेंगे तब कोई भी स्पष्ट लाभ नहीं दिखेगा।’’

आईएमए के दिशानिर्देश कहते हैं, ’’अस्पताल में भर्ती मरीज में, 48 घंटे बाद इलाज शुरू होने पर भी लाभ नजर आ सकता है।’’ बावजूइ इसके सीडीसी और आईएमए के दिशानिर्देश यह कहते हैं कि अगर कोई मरीज अस्पताल में भर्ती है, और शायद आईसीयू में तो उसे 48 घंटों तक इलाज ये दूर रखना उचित नहीं। ऐसे में भी जितनी जल्दी हो सके इलाज शुरू करना जरूरी होता है, आईसीयू में भर्ती एवं मृत्यु के खतरे कम करने के मामले में, 24 घंटे में इलाज शुरू हुआ तो 48 घंटे से बेहतर परिणाम मिलेगा और 48 घंटे में इलाज शुरू हुआ तो 96 घंटे से बेहतर परिणाम आएगा।

एंटीबायटिक्स के मामले में, आईएमए के दिशानिर्देश यह कहते हैं कि इन्फ्लुएंजा के 99 मामलों में एक से भी कम को बैक्टीरियल सुपर इन्फेक्शन और न्युमोनिया होता है। यह सच है कि फ्लू बैक्टीरियल न्युमोनिया का शुरूआती चरण होता है लेकिन पहले ही एंटीबायटिक देने से इससे बचाव संभव नहीं होगा। और अगर आप इन सभी 99 मामलों का इलाज एंटीबायटिक से करेंगे तो शरीर पर चकत्ते, डायरिया और डृग रेजिस्टेंस जैसी जटिलताएं कोई लाभ होने से ज्यादा परेशान करेंगी।

Share:
0
Reader Rating: (0 Rates)0
TagsFlu

Leave a reply