समझें अपने मुंह के इशारे  

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Dental Check upआपका मुंह आपके स्वास्थ्य के बारे में पूरी जानकारी देता है। दांतो और मसूढ़ों में दिक्कत का हमेशा ये मतलब ये नहीं है कि दांत खराब हो रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि इनमें होने वाली दिक्कतें अकसर आपको इस बारे में जानकारी देती है कि आपको कौन सी बीमारी है या फिर आपके शरीर में कौन सी समस्या है। हालांकि सामान्य स्वास्थ्य के शेष शरीर से संबंध के बारे में कई सालों से वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं और इस बात को माना भी जाने लगा है कि मुंह से जुड़े इंफेक्शन आपके सामान्य स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते हैं। यानी मोटे तौर पर कहा जाए तो आपका मुंह आपकी समान्य हेल्थ का रिपोर्ट कार्ड सामने रख सकता है:

आस्टियोपोरोसिस

दांत के एक्सरे में काले धब्बे इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि हड्डियों से जुड़ी समस्या है। वहीं कई शोधों में ये सामने आया है कि आस्टियोपोरोसिस की वजह से दांत गिरने की समस्या होती है।

मुंह का कैंसर

मसूढ़े के ऊतकों में सफेद दब्बे कई रोगों के होने के बारे में संकेत देते हैं। डॉक्टर मानते हैं कि मसूढ़े के ऊतकों में सफेद स्पॉट होना समस्या की बात है पर मसूढ़ों के ऊतकों में सफेद धब्बे हमेशा इस बात का संकेत नहीं है कि आपको मुंह का कैंसर या और कोई बीमारी है संभव है ये दांतों से संबधित कोई बीमारी हो। ऐसे में इस स्थिति में डॉक्टर से संपर्क कर सलाह लेना ही बेहतर है।

हार्ट की बीमारी

अगर मसूढ़ों का रंग गुलाबी हो जाए या हल्का लाल मांसल रंग का है तो ऐसे में ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी रोगों के होने की संभावना बढ़ जाती है। अपने दांत रोज साफ करें। यह आपका केविटी और अन्य बीमारियों से बचाव करेगा। साथ ही दिल से जुड़ी बीमारियों से यह आपकी सुरक्षा करेगा। डेंटल प्लॉक की वजह से कार्डियोवास्कुलर बीमारियां होने की आशंका रहती है। डॉक्टर कहते हैं कि अगर आपके मसूढ़ों से खून निकल रहा है और आपके मसूढ़ों की रक्त वाहिकाएं खुली हुई है तो इससे बैक्टीरिया खून में प्रवेश करने लगते हैं जिससे रक्त-वाहिकाओं के अंदर खून का थक्का बन जाता है। जिसकी वजह से हृदय रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।

तनाव

डॉक्टरों का मानना है कि दांतों में दरार होने या किसी भी तरह की टूट-फूट की वजह से शरीर में सभी तरह के फंगल, वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण होने की आशंका रहती है। तनाव की वजह से मुंह की टेंपरोमेंडीबुलर ज्वांइट सिंड्रोम (टीएमजे) और मायोफेसियल पेन डिसफंक्शन (एमपीडी) जैसी समस्याएं होती है। टीएमजे की वजह से जबड़ों के ज्वाइंट और लीगामेंट्स में काफी दर्द होता है। इस तरह का इंफेक्शन होने की स्थिति में रोगी मुंह को सही तरीके से नहीं खोल पाता है और जम्हाई लेते समय रोगी को मुंह खोलने में अकड़न सी और दर्द महसूस होता है। जरा सी भी समस्या होने पर लेटलतीफी न करें और किसी बेहतर चिकित्सक से परामर्श लें।

किडनी की बीमारी

जिन लोगों में किडनी में किसी तरह की समस्या होती है उनका तंत्रिका तंत्र कमजोर होता है उनको इंफेक्शन होने की संभावना जल्दी होती है। किडनी के रोगियों के जबड़े की हड्डियां जल्दी कमजोर होती है। कैल्शियम की कमी की वजह से दांत गिरने तक लगते हैं। अगर  सांस लेने के दौरान अमोनिया जैसी बास आती है तो किडनी की बीमारी हो सकती है। किडनी की बीमारी होने की स्थिति में सबसे ज्यादा प्रभाव मसूढ़ों में होता है।

टाइप टू डायबिटीज

डायबिटीज के रोगियों को कैविटी (दांत गिरना), मसूढ़ों की बीमारी, फंगल इंफेक्शन, दांतों के घावों का देर से भरना, लार ग्रंथि में समस्या होती है। अगर आपको डायबिटीज है तो ऐसा महसूस होगा कि आपका मुंह सूखा है। साथ  ही डायबिटीज नियंत्रित नहीं है तो आपकी लार में ग्लूकोज का स्तर ज्यादा होगा। जिसकी वजह से दांतो का इनेमल उतरने की भी समस्या होती है। इसके अलावा दांतों में पीला रंग की परत चढ़ जाती है। डायबिटीज में सबसे बड़ी समस्या होती है कि आपके दांतों के घाव देर से भरते हैं।

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