नॉन वेज फूड से डायबिटीज

Share:

non veg food

 

आप क्या खाते है ये पूरी तरह आपका ही फैसला होता है पर आज के दौर मे बढ़ती हुई बीमारीयों को देखते हुए। हम अपनी खानपान की आदतों को बदलने या उनमें ऐसी आदतें शामिल करने की कोशिश करते है। जिसके चलते एक स्वस्थ जीवन जी सके। इसी तरह कुछ लोगों के खानपान मे मांस की बड़ी मात्रा होती है। जिसे हर लिहाज से अच्छा भी माना जाता है। पर हाल ही मे आई रिसर्च चौकाने वाली है। जिसमें खुलासा हुआ कि मांस का अत्याधिक मात्रा के सेवन से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

क्या कहती है रिर्पोट

अमेरिकन जनरल ऑफ क्लिनिकल न्युट्रिशन मे प्रकाशित रिर्पोट के अनुसार ज्यादा सैचुरेटिड फैटी एसिड या एनिमल फैट लेने वालो की अपेक्षा कम एनिमल फैट लेने वालो को टाइप 2 डायबिटिज का खतरा कम रहता है। जबकि खान-पान मे ज्यादा एनिमल फैट लेने वालो मे रिस्क दुगना रहता है। स्पेन की एक यूनिवर्सिटी मे की गई यह रिसर्च।

कैसे की गई रिसर्च

3,349 लोगो पर यह रिसर्च की गई। इन सभी लोगों को डायबिटीज नही थी पर हाई कार्डियोवस्कुलर का रिस्क था। इसके साथ ही रिसर्च मे यह भी देखा गया की सैचुरेटिड फैटी एसिड से भरपूर फूड और टाईप 2 डायबिटीज का क्या लिंक है। चार साल बाद जब दोबारा इन लोगों को सम्पर्क किया गया तो पाया गया कि 299 लोगों को डायबिटीज हो गई थी। जिनकी खुराक मे एनिमल फैट की मात्रा आधिक थी।

रिसर्च के निष्कर्ष

एक्सपर्टस का मानना है कि एनिमल फैट का विकल्प ऑलव ऑयल या नट्स हो सकते है। शोध मे पता चला कि रोजाना 12 ग्राम बटर खाने से चार साल मे टाईप 2 डायबिटीज का रिस्क दोगुना हो गया। वही दुसरी ओर होल फैट योगट खाने से यह रिस्क नही रहता। ऐसे मे मेडिटेरियन डाईट एक अच्छा विकल्प साबित होता है।

 

 

 

 

Share:

Leave a reply