पैरासिटामॉल भी हो सकती है जानलेवा अगर…

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पैरासिटामॉल प्वाइजनिंग
हल्का सिरदर्द हो या मामूली बुखारसबसे पहले आपके दिमाग मे किसका ख्याल आता है शायद पैरासिटामॉल का ! अधिकतर लोग इस हालत मे इस ओवर द काउंटर (over the counter drug) दवा से खुद की डॉक्टरी कर लेते हैं। लेकिन क्या कभी आपने यह जानने की कोशिश की है की,इस ओवर द काउंटर दवा की भी कोई लिमिट हो सकती है,या इसके क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं?अगर नहीं तो अब से इसे खाने से पहले एक बार जरूर सोचें। अगर आप गलत तरीके से या गलत मात्रा मे इस्तेमाल करते हैं तो ऐसी ओवर द काउंटर दवाएं भी जानलेवा हो सकती हैं।

जानलेवा भी हो सकता है पैरासिटामॉल  

पैरासिटामॉल दर्द और बुखार के लिए देश मे सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दवा है। यह मार्केट मे 100 से भी ज्यादा रूपों मे ओवर द काउंटर या प्रेसक्रिप्शन मेडिसिन के रूप मे उपलब्ध है। इसमे कोई दो राय नहीं है कि अगर डॉक्टर की प्रेसक्रिप्शन मे लिखी डोज़ के हिसाब से आप इसे ले रहे हैं तो यह सुरक्षित है। लेकिन इसका ओवर डोज़ होने पर आपके लीवर को नुकसान हो सकता है,जो कई बार जानलेवा भी बन जाता है। रहेगी। इतना ही नहीं ऐसे लोग जिन्हें नियमित अल्कोहल लेने की आदत है,वे अगर डॉक्टर की लिखी हुई डोज़ के हिसाब से तह दवा लेते हैं तो लंबे इस्तेमाल से उनका लीवर डैमेज हो सकता है। ऐसी महिलाएं जो अल्कोहल लेती हैं उनके लिए 24 घंटे मे 6 ग्राम पैरासिटामॉललेना भी लीवर के लिए घटक हो सकता है। बच्चों को प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी इसका इस्तेमाल नुकसानदेय हो सकता है।

लिवर फेल होने का सबसे बड़ा कारण!

अमेरिका मे पैरासिटामॉल प्वाइजनिंग गंभीर लिवर फेलियर (acute liver failure) का सबसे बड़ा कारण है और इंडिया मे भी यह एक बड़ी समस्या के रूप मे उभर रहा है। इंडिया मे यह दावा दो वैरिएंट मे उपलब्ध है;एक तुरंत राहत के लिए है और दूसरा लंबी राहत के लिए। यह 3 कंपोज़ीशन 125,500 और 650 मिलीग्राम मे उपलब्ध है।

तो ऐसे मे सवाल यह उठता है कि कितनी मात्रा मे लेना सुरक्षित है और पैरासिटामॉल प्वाइजनिंग के ट्रिगर क्या हैं?12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पैरासिटामॉल का थेरपेटिक डोज़ 10 से 15 मिलीग्राम प्रति किलो बॉडी वेट है (body weight) है और बड़ों के लिए 325-1000 मिलीग्राम प्रति किलो बॉडी वेट है और इसे 4-6 घंटों के अंतराल मे दिया जा सकता है। बच्चों के लिए पैरासिटामॉलकी रेकमेंडेड डोज़ एक दिन मे उनके शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम पर 70 मिग्रा है और बड़ों के लिए 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बॉडी वेट है। बच्चों मे 150 मिग्रा/किग्रा तक की सिंगल डोज़ के इस्तेमाल से नुकसान होने का खतरा नहीं रहता है और बड़ों मे 7.5 से 10 ग्राम तक। इसके जहरीला होने का खतरा तब है जब बच्चों को 24 घंटे के भीतर सिंगल डोज़ मे 250 मिग्रा/प्रति किलो या बड़ों को 12 ग्राम से अधिक दिया जाए।

अगर हम एक ऐसे एडल्ट व्यक्ति का उदाहरण लें  तो 500 मिग्रा  पैरासिटामॉल कि टैबलेट लेता है तो:

  • एक दिन मे 2 टैबलेट के 4 बार इस्तेमाल से नुकसान नहीं होगा।
  • अगर कोई व्यक्ति एक बार मे इसकी 24 टैबलेट खाता है तो उसको तुरंत डॉक्टरी के पास ले जाने की जरूरत पड़ सकती है, और यह उसके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है।
  • एक बार मे 36 टैबलेट का इस्तेमाल मौत का कारण बन सकता है।

 पैरासिटामॉल प्वाइजनिंग के खास लक्षणों मे शामिल है:

  • स्किन मे पीलापन आना और आँखों का  व्हाइट होना (jaundice)
  • को-ऑर्डिनेशन की कमी
  • लो ब्लड शुगर (hypoglycaemia), जिसमे पसीना आने, कंपकंपी लगने, मितली और चिड़चिड़ापन आदि शामिल है।

अगर किसी मे भी पैरासिटामॉल प्वाइजनिंगके ये लक्षण दिखें तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएँ। इसके अलावा जो लोग रोज अल्कोहल लेते हैं,प्रेग्नेंट महिलाएं और छोटे बच्चों के माता-पिता कभी भी अपनी मर्जी से इस दवा का इस्तेमाल न करें। उन्हें हमेशा अपने फैमिली डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

इस आर्टिकल को लिखने की सबसे बड़ी वजह है,लोगों का ध्यान इस ओर ले जाना कि ओवर द काउंटर दवाएं भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। मार्केट मे बहुत सारी ओवर द काउंटर दवाएं उपलब्ध हैं,मगर इसका मतलब यह नहीं है कि ये सभी सुरक्षित हैं और इन्हें अपनी मर्जी से इस्तेमाल कर सकते हैं। यह बेहद जरूरी है कि इन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही लिया जाए। इसके अलावा,बहुत सारे  लोग जान बूझकर बहुत सारा दर्द निवारक (painkillers)एक साथ लेकर भी अपनी जान जोखिम मे डाल लेते हैं। इस तरह के मामले न हों, इसके लिए जरूरी है कि लोगों को जागरुक किया जाए। अपने घर मे कभी भी एक साथपैरासिटामॉल की 10 टैबलेट से ज्यादा न रखें।

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